नई दिल्ली : भोपाल एम्स के दौरे पर गए केंद्रीय
स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा पर कथित रूप से नाराज छात्रों ने स्याही फेंकी। छात्र
भोपाल में एम्स में सुविधाओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे थे। हालांकि, अब तक
स्याही फेंकने वाले छात्रों की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर
रही है।
आपको बता दे कि गुस्साए छात्र-छात्राओं ने नड्डा
की कार का घेराव कर दिया। ड्राइवर ने विद्यार्थियों की परवाह किए बगैर गाड़ी आगे
बढ़ा दी, जिससे दो
छात्राएं घायल हो गईं।
अधिकारियों के मुताबिक, स्याही
एम्स के प्रवेशद्वार पर उस वक्त फेंकी गई, जब वह कार पर बैठ
कर वहां से रवाना हो रहे थे। अज्ञात व्यक्ति द्वारा फेंकी गई स्याही की कुछ बूंदे
नड्डा के कुर्ते पर गिरीं। एम्स भोपाल के एमबीबीएस तृतीय वर्ष के एक छात्र ने
बताया कि घटना के समय विद्यार्थी चिकित्सा महाविद्यालय में बुनियादी सुविधाओं की
मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे।
आपको बता दे कि छात्र ने दावा किया कि इस दौरान
नड्डा के वाहन ने विद्यार्थियों के बीच से जबरन निकलने का प्रयास किया, इससे
एमबीबीएम ततीय वर्ष की दो छात्राएं इजिया पांडे और अंजलि कृष्णा घायल हो गईं।
केरल से ताल्लुक रखने वाले एक छात्र प्रेम ने
बताया कि एम्स के किसी छात्र ने नड्डा पर स्याही नहीं फेंकी। उसने कहा कि छात्र
एम्स में बुनियादी सुविधाओं की कमियों के प्रति शांतिपूर्वक प्रदर्शन कर रहे थे।
एम्स में अब तक कोई सर्जरी नहीं हो सकी है।
प्रेम ने कहा, हम एम्स भोपाल में सुविधाएं
उपलब्ध कराने के लिए मंत्री से चर्चा करना चाहते थे, क्योंकि
संस्थान अपने स्तर के अनुरूप नहीं चल रहा है। यहां मरीजों के इलाज के लिए जरूरी
न्यूनतम सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। एम्स भोपाल का स्थाई निदेशक भी नहीं है। एम्स
रायपुर के निदेशक डॉ. नीतिन नागरकर फिलहाल प्रभारी हैं, लेकिन
उनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है।
