Showing posts with label Farmers. Show all posts
Showing posts with label Farmers. Show all posts

Sunday, 11 September 2016

केजरीवाल ने पंजाब में किसानों के लिए जारी किया घोषणापत्र, कर्ज माफी और मुफ्त बिजली सहित कई वादे कियें!

Dainik Times     18:00    
place ad code
नई दिल्ली : दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने अपने पंजाब दौरे के आखिरी दिन मोगा में किसानों के लिए घोषणापत्र जारी किया। केजरीवाल ने किसानो के लिए कई वादे किये है, घोषणा पत्र में किसानों को 12 घंटे मुफ्त बिजली देने का वादा किया गया है। साथ ही फसल बर्बाद होने पर किसानों को 20 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की बात कही गई है।

घोषणापत्र के मुताबिक किसी किसान के घर कुर्की नहीं होगी, साथ ही उनका कर्ज माफ किया जाएगा। 2018 तक सभी किसानों को कर्ज मुक्त किया जाएगा। मेनिफेस्टो में लिखा गया है कि सतलज-यमुना लिंक के लिए ली गई किसानों की जमीन वापस होगी।


आटा-दाल स्कीम के तहत 10 लाख नए परिवार लाए जाएंगे और दूध, दवाओं में मिलावट करने वालों को उम्रकैद की सज़ा दी जाएगी। इसके अलावा राज्य में 25 हज़ार डेयरी फॉर्म खोलने का भी वादा किया गया है।

अन्य ख़बरों से लगातार अपडेट रहने के लिए हमारे Facebook व Twitter पेज को Join करे :-

Saturday, 6 August 2016

हाथ कटने के बावजूद हिम्मत नहीं हारा किसान, बंजर जमीन को बना दिया उपजाऊ... पढ़ें!

Dainik Times     11:01    
place ad code
नई दिल्ली : झारखंड के पलामू में खेती करने वाले एक किसान सुरेंद्र भुइयां इन दिनों काफी चर्चा में है। फेसबुक पर फोटो काफी शेयर की जा रही है। उनकी संघर्ष की कहानी से दूसरे किसान भी मोटिवेट हो रहे हैं।
farmer-transferred-barren-ground-into-cultivated-land

दरअसल, सुरेंद्र भुइयां का एक हाथ इन्फेक्शन की वजह से काटना पड़ा था। उन्हें कोई काम नहीं दे रहा था। फैमिली ने भी सुरेंद्र का साथ छोड़ दिया था। गांव में बटाई के लिए भी जमीन नहीं मिल रही थी। लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारते हुए बंजर जमीन पर खेती शुरू कर दी। 3 महीने की मेहनत के बाद सुरेंद्र ने जमीन को उपजाऊ बना दिया।
farmer-transferred-barren-ground-into-cultivated-land

आपको बता दे कि बता दें कि दूसरे किसान खेती के लिए मानसून का इंतजार कर रहे थे। वहीं, सुरेंद्र ने सिंचाई के लिए 1200 मीटर का रास्ता बनाकर पूरी पंचायत में सबसे पहले धान की रोपनी कर सबको हैरान कर दिया।

*पलामू के नवाडोढ़ गांव में पले बढ़े 32 वर्षीय सुरेंद्र का परिवार खेतो में मजदूरी करता है, लेकिन उनके पास अपनी कोई जमीन नहीं है।

*वे बटाई पर काम करते हैं। बड़ा हुआ तो उसे भी मजदूरी करनी पड़ी। लेकिन वह पढ़ना चाहता था। इसलिए उसने मजदूरी के साथ ही पढ़ाई भी शुरू कर दी।

इस वजह से काटना पड़ा हाथ :-

*15 साल की उम्र में पेड़ से गिरने के कारण उसे गंभीर चोटें आईं।
*देर से इलाज मिला इसलिए हाथ में इन्फेक्शन होने के कारण उसका दाहिना हाथ काटना पड़ा।

*हादसे ने उसे तोड़ दिया। कई महीनों तक वह डिप्रेशन में रहा।

*पिता जुगेश्वर भुइंया ने उसे फिर से सब कुछ शुरू करने के लिए प्रेरित किया। उसने शुरुआत की।

*उसका एक हाथ नहीं था इसलिए लोगों ने उसे काम देने से मना कर दिया। उसने अपने भइयों के साथ काम शुरू कर दिया। और फिर पढ़ाई भी।

*गुरिया दामर उच्च विद्यालय से मैट्रिक व कुदंरी इंटर कॉलेज से इंटर की परीक्षा पास की। लेकिन 12वीं के बाद उसकी पढ़ाई रुक गई।

*भाइयों के दबाव में उसे शादी करनी पड़ी। शादी के बाद भाइयों ने भी साथ देने से मना कर दिया।

गांव में किसी ने नहीं दी बटाई :-

*फैमिली का साथ छुटते ही सुरेंद्र को खाना मिलने में भी दिक्कत होने लगी।

*उसने अलग से बटाई पर खेती करने की सोची। गांव में किसी ने उसे खेत नहीं दिया।

*पड़ोस के गांव के रिटायर्ड हेडमास्टर वीरेंद्र नाथ शुक्ला ने उसे अपनी जमीन दे दी।

*वे बताते हैं कि सुरेंद्र मेरे खेत में मजदूरी करता था। एक हाथ से ही सामान्य लोगो की तरह काम कर लेता था।

*जब उसने बटाई पर जमीन मांगी तो मैंने इसीलिए बिना सोचे-समझे अपनी परती (बंजर) पड़ी जमीन उसे दे दी।

*जिले में मनरेगा के स्टेट रिसोर्स पर्सन सत्यानंद शुक्ला बताते हैं कि सुरेंद्र ने महज तीन महीने में उस बंजर जमीन को उपजाऊ बना दिया।
*जब दूसरे किसान मानसून आने का इंतजार कर रहे थे, उसने खुद 1200 मीटर का रास्ता बनाकर सिंचाई की व्यवस्था कर ली।


*उसने पूरी पंचायत में सबसे पहले धान की रोपनी कर सभी को चौंका दिया। दूसरे किसानों के मुकाबले फसल की अच्छी पैदावार की।

अन्य ख़बरों से लगातार अपडेट रहने के लिए हमारे Facebook व Twitter पेज को Join करे :-
© 2016 Times Patrika. Designed by Bloggertheme9. Powered by Blogger.