नई दिल्ली : विवादित
इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक इस बार कांग्रेस पार्टी की बड़ी मुसीबत बन सकते हैं।
खबरें आ रही हैं कि जाकिर नाइक ने वर्ष 2011 में राजीव गांधी ट्रस्ट को एक बड़ी
राशि अनुदान के तौर पर दी थी। उस समय ट्रस्ट की अगुवाई कांग्रेस पार्टी की अध्यक्षा
सोनिया गांधी कर रही थीं। नाइक ने यह अनुदान अपने ट्रस्ट इस्लामिक रिसर्च
फाउंडेशन की ओर से दिया था।
आपको बता दे कि नाइक
ने दिए थे 50 लाख रुपए जुलाई में जब से जाकिर नाइक से जुड़े विवाद सामने आए हैं, राजीव गांधी ट्रस्ट ने इस रकम को वापस करने का मन बना लिया है। यह
जानकारी ट्रिब्यून की ओर से दी गई है। जुलाई में सोनिया गांधी की अगुवाई में एक
मीटिंग हुई और इस मीटिंग में ही फैसला किया गया कि 50 लाख रुपए की रकम जाकिर नाइक
के ट्रस्ट को वापस कर दी जाएगी।
वर्ष 2002 में शुरू
हुआ था ट्रस्ट राजीव गांधी ट्रस्ट को वर्ष 2002 में शुरू किया गया था। इसका मकसद
ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों की मदद करना था। जो अनुदान नाइक ने दिया था
उसे चेक के जरिए सीधे बैंक अकाउंट में जमा करा दिया गया था।
इस्लामिक रिसर्च
फाउंडेशन ने तब राजीव गांधी ट्रस्ट को चिट्ठी लिखी थी कि जो रकम जमा की गई, उसका प्रयोग जनरल फंड के लिए होना था। नाइक के साथ संपर्क न करने का फैसला
इस रकम के साथ पैन कार्ड की सारी जानकारी भी मौजूद थी।
रिपोर्ट की मानें तो
राजीव गांधी ट्रस्ट की ओर से फैसला किया गया था कि जाकिर नाइक के ट्रस्ट के साथ
किसी तरह का कोई संपर्क नहीं रखा जाएगा। आपको बता दें कि बांग्लादेश की राजधानी
ढाका में हुए आतंकी हमले के बाद से ही जाकिर नाइक खबरों में हैं।
गृह मंत्रालय कर रहा
जांच गृह मंत्रालय की ओर से नाइक के ट्रस्ट को दुनिया के अलग-अलग हिस्सों से
मिले अनुदान की जांच करने का आदेश दिया गया है। गृह मंत्रालय ने जानकारी दी थी कि
नाइक के ट्रस्ट को सऊदी अरब, कतर, यूनाइटेड किंगडम, अमेरिका और यूएई जैसे देशों से फंड
मिले हैं।
