नई दिल्ली : पीएम मोदी ने रविवार (26 जून) को 'मन की बात' में
अघोषित आय रखने वाले लोगों को चेताया है। पीएम मोदी ने कहा, 'जिन लोगों के पास अघोषित आय है, उनके लिए भारत सरकार ने एक मौका दिया है कि आप अपनी अघोषित
आय को घोषित कीजिए' पीएम मोदी ने कहा, 'ऐसे लोगों को बता दूं कि 30 सितंबर उनके लिए आखिरी मौका है और इसके बाद उनकी कोई मदद
नहीं हो पाएगी।'
उन्होंने कहा कि
रेवेन्यू विभाग को साफ-साफ शब्दों में कहा गया है कि हम नागरिकों को चोर न मानें।
हम नागरिकों पर भरोसा करें। अगर वे नियमों से जुड़ना चाहते हैं तो उनको
प्रोत्साहित करके प्यार से साथ लाएं।
पीएम ने कहा कि जो लोग
स्वेच्छा से अघोषित आय की जानकारी देंगे, उनके खिलाफ सरकार किसी भी प्रकार की जांच नहीं करेगी। मोदी
ने लोगों से कहा कि अच्छा मौका है कि आप एक पारदर्शी व्यवस्था का हिस्सा बन जाइए।
पीएम ने टैक्स चोरी करने
वाले लोगों पर तंज कसा और कहा, 'करोड़ों के बंगले देखकर यह आश्चर्य होता है कि सवा 100 करोड़ की आबादी में सिर्फ डेढ़ लाख लोग ऐसे हैं, जिनकी टैक्सेबल कमाई 50 लाख से ज्यादा है। कुछ तो गड़बड़ है। हमें स्थिति को बदलना
होगा।'
वैज्ञानिकों का हौसला
बढाया :-
मानसून की चर्चा करते
हुए उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सप्ताह से देश के विभिन्न हिस्से से बारिश को लेकर
सकारात्मक खबरें आ रही हैं। उन्होंने कहा, 'वैज्ञानिक बता रहे हैं कि इस बार अच्छी बारिश होगी। देश के
वैज्ञानिक भी किसानों की तरह परिश्रम कर रहे हैं और देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने
के लिए बहुत सफलताएं प्राप्त कर रहे हैं।'
पीएम ने अपने 21वें रेडियो कार्यक्रम में देश के वैज्ञानिकों के काम की
तारीफ की है। उन्होंने एक साथ 20 सैटलाइट लॉन्च करने के लिए इसरो को भी सराहा। मोदी ने
एयरफोर्स में शामिल हुईं 3 महिला
पायलटों की भी जमकर तारीफ की और उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इसका उदाहरण देकर
बेटी बचाओ, बेटी
पढ़ाओ को आगे बढ़ाने की अपील की।
आपातकाल पर निशाना :-
पीएम ने 26 जून 1975 को तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी के आपातकाल लगाने के फैसले
की आलोचना की। अपने कार्यक्रम का मजाक बनाए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'मुझे पता है कि मन की बात का मजाक उड़ाया जाता है लेकिन यह
लोकतंत्र की ताकत के कारण ही संभव हो पाता है।' उन्होंने कहा कि देश ने ऐसा काला वक्त भी देखा है जब जनता
की आवाज दबा दी गई थी।
नई दिल्ली : पीएम मोदी ने रविवार (26 जून) को 'मन की बात' में
अघोषित आय रखने वाले लोगों को चेताया है। पीएम मोदी ने कहा, 'जिन लोगों के पास अघोषित आय है, उनके लिए भारत सरकार ने एक मौका दिया है कि आप अपनी अघोषित
आय को घोषित कीजिए' पीएम मोदी ने कहा, 'ऐसे लोगों को बता दूं कि 30 सितंबर उनके लिए आखिरी मौका है और इसके बाद उनकी कोई मदद
नहीं हो पाएगी।'
उन्होंने कहा कि
रेवेन्यू विभाग को साफ-साफ शब्दों में कहा गया है कि हम नागरिकों को चोर न मानें।
हम नागरिकों पर भरोसा करें। अगर वे नियमों से जुड़ना चाहते हैं तो उनको
प्रोत्साहित करके प्यार से साथ लाएं।
पीएम ने कहा कि जो लोग
स्वेच्छा से अघोषित आय की जानकारी देंगे, उनके खिलाफ सरकार किसी भी प्रकार की जांच नहीं करेगी। मोदी
ने लोगों से कहा कि अच्छा मौका है कि आप एक पारदर्शी व्यवस्था का हिस्सा बन जाइए।
पीएम ने टैक्स चोरी करने
वाले लोगों पर तंज कसा और कहा, 'करोड़ों के बंगले देखकर यह आश्चर्य होता है कि सवा 100 करोड़ की आबादी में सिर्फ डेढ़ लाख लोग ऐसे हैं, जिनकी टैक्सेबल कमाई 50 लाख से ज्यादा है। कुछ तो गड़बड़ है। हमें स्थिति को बदलना
होगा।'
वैज्ञानिकों का हौसला
बढाया :-
मानसून की चर्चा करते
हुए उन्होंने कहा कि पिछले कुछ सप्ताह से देश के विभिन्न हिस्से से बारिश को लेकर
सकारात्मक खबरें आ रही हैं। उन्होंने कहा, 'वैज्ञानिक बता रहे हैं कि इस बार अच्छी बारिश होगी। देश के
वैज्ञानिक भी किसानों की तरह परिश्रम कर रहे हैं और देश को नई ऊंचाइयों पर ले जाने
के लिए बहुत सफलताएं प्राप्त कर रहे हैं।'
पीएम ने अपने 21वें रेडियो कार्यक्रम में देश के वैज्ञानिकों के काम की
तारीफ की है। उन्होंने एक साथ 20 सैटलाइट लॉन्च करने के लिए इसरो को भी सराहा। मोदी ने
एयरफोर्स में शामिल हुईं 3 महिला
पायलटों की भी जमकर तारीफ की और उन्हें शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इसका उदाहरण देकर
बेटी बचाओ, बेटी
पढ़ाओ को आगे बढ़ाने की अपील की।
आपातकाल पर निशाना :-
पीएम ने 26 जून 1975 को तत्कालीन पीएम इंदिरा गांधी के आपातकाल लगाने के फैसले
की आलोचना की। अपने कार्यक्रम का मजाक बनाए जाने का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, 'मुझे पता है कि मन की बात का मजाक उड़ाया जाता है लेकिन यह
लोकतंत्र की ताकत के कारण ही संभव हो पाता है।' उन्होंने कहा कि देश ने ऐसा काला वक्त भी देखा है जब जनता
की आवाज दबा दी गई थी।
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