Wednesday, 13 July 2016

अरुणाचल : सुप्रीम कोर्ट ने दिया कांग्रेस सरकार बहाल करने का आदेश, AAP बोली - एक तानाशाह की हार!

Dainik Times     16:32    
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नई दिल्ली : उत्तराखंड के बाद अब अरुणाचल प्रदेश में भी भाजपा को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपने फैसले में अरुणाचल प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के लिए राज्यपाल के फैसले को गलत ठहराया है। कोर्ट ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि राज्य में फिर से कांग्रेस की सरकार को बहाल किया जाए।

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अरुणाचल प्रदेश विधानसभा का सत्र एक माह पहले बुलाने का राज्यपाल का फैसला संविधान का उल्लंघन है और यह रद्द करने लायक फेसला है। 

कोर्ट ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही के संचालन से जुड़ा राज्यपाल का निर्देश संविधान का उल्लंघन है।

कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल के नौ दिसंबर, 2015 के आदेश की अनुपालना में विधानसभा द्वारा उठाए गए सभी कदम और फैसले दरकिनार करने लायक हैं। 

कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश में 15 दिसंबर 2015 से पहले वाली स्थिति कायम रखने के निर्देश दिए हैं। सभी पांच न्यायाधीशों ने राज्यपाल ज्योति प्रसाद राजखोवा के फैसले को रद्द करने का निर्णय एकमत से लिया।

वहीं अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति लगाए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आम आदमी पार्टी समेत तमाम विपक्षी दलों को केंद्र सरकार पर हमला बोलने का मौका दे दिया है। 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला तानाशाह मोदी सरकार पर एक और तमाचा है। उम्मीद है कि मोजी दी इससे सीखेंगे और लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकारों को काम करनें देंगे।

नई दिल्ली : उत्तराखंड के बाद अब अरुणाचल प्रदेश में भी भाजपा को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को अपने फैसले में अरुणाचल प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के लिए राज्यपाल के फैसले को गलत ठहराया है। कोर्ट ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि राज्य में फिर से कांग्रेस की सरकार को बहाल किया जाए।

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अरुणाचल प्रदेश विधानसभा का सत्र एक माह पहले बुलाने का राज्यपाल का फैसला संविधान का उल्लंघन है और यह रद्द करने लायक फेसला है। 

कोर्ट ने कहा कि विधानसभा की कार्यवाही के संचालन से जुड़ा राज्यपाल का निर्देश संविधान का उल्लंघन है।

कोर्ट ने कहा कि राज्यपाल के नौ दिसंबर, 2015 के आदेश की अनुपालना में विधानसभा द्वारा उठाए गए सभी कदम और फैसले दरकिनार करने लायक हैं। 

कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश में 15 दिसंबर 2015 से पहले वाली स्थिति कायम रखने के निर्देश दिए हैं। सभी पांच न्यायाधीशों ने राज्यपाल ज्योति प्रसाद राजखोवा के फैसले को रद्द करने का निर्णय एकमत से लिया।

वहीं अरुणाचल प्रदेश में राष्ट्रपति लगाए जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आम आदमी पार्टी समेत तमाम विपक्षी दलों को केंद्र सरकार पर हमला बोलने का मौका दे दिया है। 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके कहा कि सुप्रीम कोर्ट का यह फैसला तानाशाह मोदी सरकार पर एक और तमाचा है। उम्मीद है कि मोजी दी इससे सीखेंगे और लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई सरकारों को काम करनें देंगे।

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