नई दिल्ली : पठानकोट
हमले में शहीद हुए लेफ्टिनेंट कर्नल निरंजन के बेंगलुरु स्थित घर के एक हिस्से को
नगर निगम प्रशासन अब तोड़ने की तैयारी कर रही है। जानकारी के अनुसार, बेंगलुरु में शहीद निरंजन के घर पर बुलडोजर चलाया जाएगा और उनके घर के एक
पिलर को गिराया जाएगा।
बेंगलुरु के
विद्यारण्यपुर में नगर निगम की ओर से चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत यह
कार्रवाई की जाएगी। बता दे कि शहीद के
परिवार ने इस फैसले का विरोध किया है। बेंगलुरु महानगरपालिका (बीबीएमपी) शहीद के
मकान के जिस पिलर को तोड़ना चाहती है, उसी पिलर पर
यह मकान खड़ा है। पिलर को तोड़ने से शहीद का आधा घर क्षतिग्रस्त हो जाएगा।
शहीद के परिवार ने इस
कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि उनके पास सारे कागज मौजूद हैं। शहीद के भाई
शशांक ने कहा कि हमने अधिकारियों से संकर्प करने की कोशिश की, लेकिन अभी किसी अधिकारी से कोई बात नहीं हुई है।
अतिक्रमण हटाने के
लिए दो दिन पहले ही नोटिस मिला है। इस मामले में नगर निगम की तरफ से लापरवाही हुई
है। हमें नहीं पता था कि मकान का ये अवैध हिस्सा है। उन्होंने कहा कि हमारे पास
सारे कागज मौजूद हैं, फिर भी हम खुद अवैध हिस्से
को गिरा लेंगे।
वहीं, नगर निगम ने कहा है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाए जा रहे हैं। 1100 घरों
को इस अभियान में शामिल किया गया है, जिसमें शहीद निरंजन का
घर भी शामिल है। बेंगलुरु नगर निगम का कहना है कि इन घरों के कारण सड़कों पर पानी
जमा होता है।
आपको बता दें कि
बेंगलुरु में पिछले महीने बारिश से ऐसा जलजमाव हो गया था कि सड़कों पर चलना
मुश्किल हो गया था, लिहाजा बेंगलुरु सरकार ने
नालों को लेकर यह अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया है। इसके बाद यहां के स्थानीय
अथॉरिटीज ने ऐसे मकानों की सूची बनाई, जिनके कारण वॉटर
लॉगिंग होती है।
नई दिल्ली : पठानकोट
हमले में शहीद हुए लेफ्टिनेंट कर्नल निरंजन के बेंगलुरु स्थित घर के एक हिस्से को
नगर निगम प्रशासन अब तोड़ने की तैयारी कर रही है। जानकारी के अनुसार, बेंगलुरु में शहीद निरंजन के घर पर बुलडोजर चलाया जाएगा और उनके घर के एक
पिलर को गिराया जाएगा।
बेंगलुरु के
विद्यारण्यपुर में नगर निगम की ओर से चलाए गए अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत यह
कार्रवाई की जाएगी। बता दे कि शहीद के
परिवार ने इस फैसले का विरोध किया है। बेंगलुरु महानगरपालिका (बीबीएमपी) शहीद के
मकान के जिस पिलर को तोड़ना चाहती है, उसी पिलर पर
यह मकान खड़ा है। पिलर को तोड़ने से शहीद का आधा घर क्षतिग्रस्त हो जाएगा।
शहीद के परिवार ने इस
कार्रवाई का विरोध करते हुए कहा कि उनके पास सारे कागज मौजूद हैं। शहीद के भाई
शशांक ने कहा कि हमने अधिकारियों से संकर्प करने की कोशिश की, लेकिन अभी किसी अधिकारी से कोई बात नहीं हुई है।
अतिक्रमण हटाने के
लिए दो दिन पहले ही नोटिस मिला है। इस मामले में नगर निगम की तरफ से लापरवाही हुई
है। हमें नहीं पता था कि मकान का ये अवैध हिस्सा है। उन्होंने कहा कि हमारे पास
सारे कागज मौजूद हैं, फिर भी हम खुद अवैध हिस्से
को गिरा लेंगे।
वहीं, नगर निगम ने कहा है कि अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाए जा रहे हैं। 1100 घरों
को इस अभियान में शामिल किया गया है, जिसमें शहीद निरंजन का
घर भी शामिल है। बेंगलुरु नगर निगम का कहना है कि इन घरों के कारण सड़कों पर पानी
जमा होता है।
आपको बता दें कि
बेंगलुरु में पिछले महीने बारिश से ऐसा जलजमाव हो गया था कि सड़कों पर चलना
मुश्किल हो गया था, लिहाजा बेंगलुरु सरकार ने
नालों को लेकर यह अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू किया है। इसके बाद यहां के स्थानीय
अथॉरिटीज ने ऐसे मकानों की सूची बनाई, जिनके कारण वॉटर
लॉगिंग होती है।
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