नई दिल्ली :
अलीराजपुर जिले में प्रधानमंत्री की रैली के लिए स्कूल बसों को आरक्षित कर लिए
जाने के कारण स्कूल जाने में असमर्थ कक्षा आठ के छात्र ने नरेंद्र मोदी को भावुक
कर देने वाला पत्र लिखा है, इसमें लडकी की व्यस्तता साफ
दिखाई दे रही है। जिसने जिला प्रशासन को मजबूर कर दिया और उन्होंने इस इवेंट के
लिए आरक्षित गाड़ियों को छोड़ दिया।
बता दे कि क्रांतिकारी
नेता चंद्रशेखर आजाद के गांव भाबरा में मोदी जाने वाले हैं और उसी गांव के नजदीक
स्थित जोथार्दा गांव में वे ‘70 साल आजादी, याद करो कुर्बानी’ अभियान को लांच करेंगे।
विद्यकुंज स्कूल के
छात्र,
देवांश जैन दुखी हो गया जब उसके शिक्षक ने कहा कि 9 व 10 अगस्त को
स्कूल बंद रहेगा क्योंकि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में भीड़ को ले जाने के लिए
प्रशासन ने बसों को आरक्षित कर लिया है। देवांश ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री से
सवाल किया, ‘क्या हमारे स्कूल से अधिक जरूरी है आपकी मीटिंग?’
मैंने अमेरिका में
आपके संबोधन को भी सुना है जहां ढेर सारे लोग उपस्थित थे, लेकिन वे स्कूल बस में इसके लिए नहीं आए थे। उसने खुद को मोदी का प्रशंसक
बताते हुए देवांश ने कहा कि वह प्रधानमंत्री के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’
को हमेशा सुनता है। यहां तक कि अपने साथियों से वह लड़ पड़ता है जो
उसे मोदी को फॉलो करने पर चिढ़ाते हैं।
उसने मोदी से यह भी
आग्रह किया, शिवराज मामा (मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री
शिवराज सिंह चौहान) को स्कूल बसों को आरक्षित न करने का निर्देश दें।
इस पत्र में कहा,’यदि आप ऐसा करते हैं तो मैं गर्व के साथ कहूंगा कि मेरे मोदी अंकल की
मीटिंग्स में भीड़ स्वयं आती है उसे लाना नहीं पड़ता। ‘यह
पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गयी, इसके बाद डिस्ट्रिक्ट
कलेक्टर के आदेश पर ज्वाइंट कलेक्टर ने अधिकारियों को तुरंत आदेश दिया कि पीएम के
भाबरा दौरे के लिए लोगों को लाने व ले जाने के लिए जो बस या गाड़ियां आरक्षित की
गयी हैं उसे छोड़ दिया जाए।
नई दिल्ली :
अलीराजपुर जिले में प्रधानमंत्री की रैली के लिए स्कूल बसों को आरक्षित कर लिए
जाने के कारण स्कूल जाने में असमर्थ कक्षा आठ के छात्र ने नरेंद्र मोदी को भावुक
कर देने वाला पत्र लिखा है, इसमें लडकी की व्यस्तता साफ
दिखाई दे रही है। जिसने जिला प्रशासन को मजबूर कर दिया और उन्होंने इस इवेंट के
लिए आरक्षित गाड़ियों को छोड़ दिया।
बता दे कि क्रांतिकारी
नेता चंद्रशेखर आजाद के गांव भाबरा में मोदी जाने वाले हैं और उसी गांव के नजदीक
स्थित जोथार्दा गांव में वे ‘70 साल आजादी, याद करो कुर्बानी’ अभियान को लांच करेंगे।
विद्यकुंज स्कूल के
छात्र,
देवांश जैन दुखी हो गया जब उसके शिक्षक ने कहा कि 9 व 10 अगस्त को
स्कूल बंद रहेगा क्योंकि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में भीड़ को ले जाने के लिए
प्रशासन ने बसों को आरक्षित कर लिया है। देवांश ने अपने पत्र में प्रधानमंत्री से
सवाल किया, ‘क्या हमारे स्कूल से अधिक जरूरी है आपकी मीटिंग?’
मैंने अमेरिका में
आपके संबोधन को भी सुना है जहां ढेर सारे लोग उपस्थित थे, लेकिन वे स्कूल बस में इसके लिए नहीं आए थे। उसने खुद को मोदी का प्रशंसक
बताते हुए देवांश ने कहा कि वह प्रधानमंत्री के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’
को हमेशा सुनता है। यहां तक कि अपने साथियों से वह लड़ पड़ता है जो
उसे मोदी को फॉलो करने पर चिढ़ाते हैं।
उसने मोदी से यह भी
आग्रह किया, शिवराज मामा (मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री
शिवराज सिंह चौहान) को स्कूल बसों को आरक्षित न करने का निर्देश दें।
इस पत्र में कहा,’यदि आप ऐसा करते हैं तो मैं गर्व के साथ कहूंगा कि मेरे मोदी अंकल की
मीटिंग्स में भीड़ स्वयं आती है उसे लाना नहीं पड़ता। ‘यह
पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो गयी, इसके बाद डिस्ट्रिक्ट
कलेक्टर के आदेश पर ज्वाइंट कलेक्टर ने अधिकारियों को तुरंत आदेश दिया कि पीएम के
भाबरा दौरे के लिए लोगों को लाने व ले जाने के लिए जो बस या गाड़ियां आरक्षित की
गयी हैं उसे छोड़ दिया जाए।
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