नई दिल्ली : पाकिस्तान
के पेशावर स्थित जेल में बंद 31 वर्षीय भारतीय कैदी पर हाल के महीनों में जेल के
अन्य कैदियों ने 2 बार हमला किया है।
बताया जाता है की इस
व्यक्ति को मिलिटरी कोर्ट ने इस साल फर्जी पाकिस्तानी पहचान पत्र रखने का दोषी
ठहराया था।
भारतीय कैदी के वकील
ने कोर्ट को इस बात की जानकारी दी। मुंबई निवासी हामिद नेहल अंसारी को 2012 में
अफगानिस्तान के रास्ते पाकिस्तान में अवैध तरीके से प्रवेश करने के आरोप में
गिरफ्तार किया गया था।
आपको बता दे कि वह
वहां एक लड़की से मिलने गया था, जिससे उसकी ऑनलाइन
दोस्ती हुई थी। पेशावर सेंट्रल जेल में साथी कैदियों के हमले में उसे काफी चोटें
आई हैं।
अंसारी के वकील ने
गुरुवार को पेशावर हाई कोर्ट को बताया कि उसके मुवक्किल को जेल में हत्या के मामले
में मौत की सजा काट रहे एक खूंखार अपराधी के साथ रखा गया था। इस दौरान अंसारी पर
पिछले कुछ महीनों में 3 बार हमला हुआ।
उन्होंने कहा कि जेल
का वॉर्डन भी अंसारी के साथ क्रूरता से पेश आता था और रोजाना बिना बात उसे थप्पड़
मारता था।
जेल सूपरिंटेंडेंट ने
इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि जेल में इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं। अंसारी के
वकील ने कहा कि जेल सूपरिंटेंडेंट कोर्ट को हलफनामा दायर कर वचन दें कि भविष्य में
उनके मुवक्किल पर हमले नहीं होंगे। वहीं सूपरिंटेंडेंट ने इस बात से साफ इनकार कर
दिया।
नई दिल्ली : पाकिस्तान
के पेशावर स्थित जेल में बंद 31 वर्षीय भारतीय कैदी पर हाल के महीनों में जेल के
अन्य कैदियों ने 2 बार हमला किया है।
बताया जाता है की इस
व्यक्ति को मिलिटरी कोर्ट ने इस साल फर्जी पाकिस्तानी पहचान पत्र रखने का दोषी
ठहराया था।
भारतीय कैदी के वकील
ने कोर्ट को इस बात की जानकारी दी। मुंबई निवासी हामिद नेहल अंसारी को 2012 में
अफगानिस्तान के रास्ते पाकिस्तान में अवैध तरीके से प्रवेश करने के आरोप में
गिरफ्तार किया गया था।
आपको बता दे कि वह
वहां एक लड़की से मिलने गया था, जिससे उसकी ऑनलाइन
दोस्ती हुई थी। पेशावर सेंट्रल जेल में साथी कैदियों के हमले में उसे काफी चोटें
आई हैं।
अंसारी के वकील ने
गुरुवार को पेशावर हाई कोर्ट को बताया कि उसके मुवक्किल को जेल में हत्या के मामले
में मौत की सजा काट रहे एक खूंखार अपराधी के साथ रखा गया था। इस दौरान अंसारी पर
पिछले कुछ महीनों में 3 बार हमला हुआ।
उन्होंने कहा कि जेल
का वॉर्डन भी अंसारी के साथ क्रूरता से पेश आता था और रोजाना बिना बात उसे थप्पड़
मारता था।
जेल सूपरिंटेंडेंट ने
इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि जेल में इस तरह की घटनाएं होती रहती हैं। अंसारी के
वकील ने कहा कि जेल सूपरिंटेंडेंट कोर्ट को हलफनामा दायर कर वचन दें कि भविष्य में
उनके मुवक्किल पर हमले नहीं होंगे। वहीं सूपरिंटेंडेंट ने इस बात से साफ इनकार कर
दिया।
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