नई दिल्ली : प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान को एक और बड़ा झटका दिया है। केंद्रीय कैबिनेट ने
बुधवार को जहां एक ओर आतंकी हमलों और गोलीबारी में मारे गए लोगों के परिवार को
मिलने वाले मुआवजे की राशि बढ़ा दी है, वहीं पहली
बार सीमा पार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के लोगों को भी मुआवजा देने का फैसला किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। इसके साथ ही
नक्सली हिंसा और सांप्रदायिक हिंसा में मारे जाने वालों के परिवार को मिलने वाले
मुआवजे में भी भारी बढ़ोतरी की गई है।
आपको बता दे कि फैसले
की जानकारी देते हुए पीएमओ में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, 'यह मुआवजा पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए भी है। लेकिन
मौजूदा हालात में उन्हें यह नहीं दिया जा सकता है। पाक की ओर से होने वाली
गोलीबारी में हुई मौतों के लिए मुआवजे की मांग काफी लंबे समय से हो रही थी। 2014
में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कश्मीर में दीवाली मनाने गए थे, तो उन्हें इसके लिए कई प्रतिवेदन सौंपे गए थे।'
जितेंद्र सिंह ने
बताया कि इसे देखते हुए कैबिनेट ने गोलीबारी में मारे गए परिवार वालों को भी पांच
लाख रुपये का मुआवजा देने का फैसला किया। पाकिस्तान की ओर से 220 किलोमीटर की
अंतरराष्ट्रीय सीमा और 770 किलोमीटर की नियंत्रण रेखा पर लगातार गोलीबारी होती
रहती है। हर साल इस गोलीबारी में औसतन 50 लोग मारे जाते हैं। अभी तक उनके परिवार
को कोई मुआवजा नहीं मिलता था।
नई दिल्ली : प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान को एक और बड़ा झटका दिया है। केंद्रीय कैबिनेट ने
बुधवार को जहां एक ओर आतंकी हमलों और गोलीबारी में मारे गए लोगों के परिवार को
मिलने वाले मुआवजे की राशि बढ़ा दी है, वहीं पहली
बार सीमा पार पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के लोगों को भी मुआवजा देने का फैसला किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र
मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। इसके साथ ही
नक्सली हिंसा और सांप्रदायिक हिंसा में मारे जाने वालों के परिवार को मिलने वाले
मुआवजे में भी भारी बढ़ोतरी की गई है।
आपको बता दे कि फैसले
की जानकारी देते हुए पीएमओ में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, 'यह मुआवजा पाकिस्तान अधिकृत जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए भी है। लेकिन
मौजूदा हालात में उन्हें यह नहीं दिया जा सकता है। पाक की ओर से होने वाली
गोलीबारी में हुई मौतों के लिए मुआवजे की मांग काफी लंबे समय से हो रही थी। 2014
में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कश्मीर में दीवाली मनाने गए थे, तो उन्हें इसके लिए कई प्रतिवेदन सौंपे गए थे।'
जितेंद्र सिंह ने
बताया कि इसे देखते हुए कैबिनेट ने गोलीबारी में मारे गए परिवार वालों को भी पांच
लाख रुपये का मुआवजा देने का फैसला किया। पाकिस्तान की ओर से 220 किलोमीटर की
अंतरराष्ट्रीय सीमा और 770 किलोमीटर की नियंत्रण रेखा पर लगातार गोलीबारी होती
रहती है। हर साल इस गोलीबारी में औसतन 50 लोग मारे जाते हैं। अभी तक उनके परिवार
को कोई मुआवजा नहीं मिलता था।
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