नई दिल्ली : आपको
सुनकर हेरानी होगी पर यह बात बिलकुल सही है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी
लाने के लिए भारतीय शोधकर्ताओ ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है जिससे इनके कीमत आधी
से भी कम रह जायेगी।
शोधकर्ताओ ने
प्लास्टिक के कूड़े से निपटने के लिए ये नई तकनीक बनाई है। इससे प्लास्टिक के
कूड़े को पेट्रोल और डीजल बनाने में सफलता मिलेगी।
इस तकनीक के माध्यम
से जो पेट्रोल-डीजल बनेगा वह साधारण पेट्रोल-डीजल से कहीं ज्यादा अच्छी क्वालिटी
का होगा।
आपको बता दे की इससे
पहले ये तकनीक अभी सिर्फ जर्मनी और अमेरिका के पास थी अब भारत के पास भी हो गई।
प्लास्टिक के कूड़े
को पेट्रोल-डीजल मे परिवर्तित करने की तकनीक को ग्रीन तकनीक कहा जाता है। इस तकनीक
को भारत मे पहली बार देहरादून के भारतीय पैट्रोलियम संस्थान के शोधकर्ताओ ने हासिल
किया है।
नई दिल्ली : आपको
सुनकर हेरानी होगी पर यह बात बिलकुल सही है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कमी
लाने के लिए भारतीय शोधकर्ताओ ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है जिससे इनके कीमत आधी
से भी कम रह जायेगी।
शोधकर्ताओ ने
प्लास्टिक के कूड़े से निपटने के लिए ये नई तकनीक बनाई है। इससे प्लास्टिक के
कूड़े को पेट्रोल और डीजल बनाने में सफलता मिलेगी।
इस तकनीक के माध्यम
से जो पेट्रोल-डीजल बनेगा वह साधारण पेट्रोल-डीजल से कहीं ज्यादा अच्छी क्वालिटी
का होगा।
आपको बता दे की इससे
पहले ये तकनीक अभी सिर्फ जर्मनी और अमेरिका के पास थी अब भारत के पास भी हो गई।
प्लास्टिक के कूड़े
को पेट्रोल-डीजल मे परिवर्तित करने की तकनीक को ग्रीन तकनीक कहा जाता है। इस तकनीक
को भारत मे पहली बार देहरादून के भारतीय पैट्रोलियम संस्थान के शोधकर्ताओ ने हासिल
किया है।
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