नई दिल्ली : पीएम
नरेन्द्र मोदी ने ‘ट्रांसफार्मिंग इंडिया’ पर आधारित नीति आयोग के व्याख्यान श्रृंखला की शुक्रवार को यहां शुरुआत
करते हुये कहा कि कोई भी देश अलग थलग रह कर विकास नहीं कर सकता है क्योंकि सभी देश
एक दूसरे से जुड़े और एक दूसरे पर निर्भर हैं।
आपको बता दे कि मोदी
ने पश्चिमी विश्वविद्यालयों और थिंक टैंकों की परिकल्पना पर आधारित इस व्याख्यान
श्रृंखला के शुभारंभ के अवसर पर कहा कि प्रत्येक देश के अपने संसाधन, अनुभव और क्षमतायें होती हैं। वर्तमान समय में देश एक दूसरे पर निर्भर और
जुड़े हुये हैं। ऐसी स्थित में कोई भी देश अलग थलग रह कर विकास नहीं कर सकता है।
पीएम ने कहा कि भारत
में व्यापक बदलाव प्रशासन में भारी परितर्वन के बगैर संभव नहीं हो सकता है।
उन्होंने कहा, हमें कानूनों में बदलाव लाने, अनावश्यक प्रक्रियाओं को समाप्त करने और प्रक्रियाओं में तेजी लाने के लिए
प्रौद्योगिकी अपनाने की आवश्यकता है।
इस वार्षिक व्याख्यान
श्रृंखला का प्रस्ताव मोदी ने ही किया था, जिसमें
अंतरराष्ट्रीय हस्तियों को अपने अनुभवों और विचारों को भारत के संदर्भ में रखने का
मौका दिया जाता है।
मोदी ने इसका शुभारंभ
किया है और सिंगापुर के उप प्रधानमंत्री थारमन सहुमुरुगथनम वैश्विक अर्थव्यवस्था
में भारत विषय पर व्याख्यान देंगें। इसमें केन्द्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों सहित करीब 1400 प्रतिनिधि भाग ले रहे
हैं।
नई दिल्ली : पीएम
नरेन्द्र मोदी ने ‘ट्रांसफार्मिंग इंडिया’ पर आधारित नीति आयोग के व्याख्यान श्रृंखला की शुक्रवार को यहां शुरुआत
करते हुये कहा कि कोई भी देश अलग थलग रह कर विकास नहीं कर सकता है क्योंकि सभी देश
एक दूसरे से जुड़े और एक दूसरे पर निर्भर हैं।
आपको बता दे कि मोदी
ने पश्चिमी विश्वविद्यालयों और थिंक टैंकों की परिकल्पना पर आधारित इस व्याख्यान
श्रृंखला के शुभारंभ के अवसर पर कहा कि प्रत्येक देश के अपने संसाधन, अनुभव और क्षमतायें होती हैं। वर्तमान समय में देश एक दूसरे पर निर्भर और
जुड़े हुये हैं। ऐसी स्थित में कोई भी देश अलग थलग रह कर विकास नहीं कर सकता है।
पीएम ने कहा कि भारत
में व्यापक बदलाव प्रशासन में भारी परितर्वन के बगैर संभव नहीं हो सकता है।
उन्होंने कहा, हमें कानूनों में बदलाव लाने, अनावश्यक प्रक्रियाओं को समाप्त करने और प्रक्रियाओं में तेजी लाने के लिए
प्रौद्योगिकी अपनाने की आवश्यकता है।
इस वार्षिक व्याख्यान
श्रृंखला का प्रस्ताव मोदी ने ही किया था, जिसमें
अंतरराष्ट्रीय हस्तियों को अपने अनुभवों और विचारों को भारत के संदर्भ में रखने का
मौका दिया जाता है।
मोदी ने इसका शुभारंभ
किया है और सिंगापुर के उप प्रधानमंत्री थारमन सहुमुरुगथनम वैश्विक अर्थव्यवस्था
में भारत विषय पर व्याख्यान देंगें। इसमें केन्द्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों सहित करीब 1400 प्रतिनिधि भाग ले रहे
हैं।
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