नई दिल्ली : एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने
सोमवार रात को दिल्ली महिला आयोग (DCW)की अध्यक्ष स्वाति
मालिवाल के खिलाफ कथित भर्ती घोटाले मामले में एफआईआर दर्ज की। न्यूज एजेंसी के
मुताबिक स्वाति के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई है। इससे पहले सोमवार को इस मसले पर ACB की
टीम ने स्वाति मालिवाल से पूछताछ भी की थी।
न्यूज एजेंसी के मुताबिक ACB चीफ
एम.के.मीणा ने कहा कि जांच जारी है इस केस से रिलेटिड हर शख्स से पूछताछ की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस मामले में डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को भी नोटिस भेजा जाएगा। वहीं
स्वाति मालिवाल ने आज इस मामले को लेकर एक के बाद एक कई ट्वीट किए। एक ट्वीट में
उन्होंने कहा कि पता चला FIR हुई है। जब गलत काम नही किया हो
तो भगवान से भी नही डरना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘सिस्टम में बैठे निकम्मे और
नाकारा लोगो को मेरा महिलाओं के लिए काम करना और सवाल उठाना पसंद नही आ रहा। वो
मेरे सवालो से, काम से परेशान हैं।
मालिवाल ने कहा, ‘मैं लक्ष्मीबाई सावित्री बाई
फुले, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस
बिस्मिल अशफाक को मानने वाली महिला हूं। किसी से डरने वाली नही।
सोमवार को ACB अधिकारियों की पांच मेंबर की
टीम सुबह 11 बजे स्वाति मालीवाल से पूछताछ के लिए दिल्ली महिला आयोग के ऑफिस
पहुंची। ACB अधिकारियों ने उन्हें 27 सवालों की एक लिस्ट भी
सौंपी और उन्हें एक हफ्ते के अंदर जवाब देने को कहा। पूछताछ खत्म होने के बाद DCW
चीफ ने कहा, हमसे सवाल किया गया कि हमने किस
तरह महिला पैनल में इतनी सारी भर्तियां की। एक तरह से, वे
पूछ रहे हैं कि हम लोग किस तरह इतने काम को मैनेज कर पाते हैं?
मालिवाल ने कहा कि वह एसीबी द्वारा पूछे गए सवालों
का एक हफ्ते के अंदर जवाब देंगी और जांच एजेंसी द्वारा मांगे गए सभी डॉक्यूमेंट्स
देकर इन्वेस्टिगेशन में पूरा सपोर्ट करेंगी।
ये है पूरा मामला :-
DCW की पूर्व चीफ बरखा शुक्ला सिंह
की एक कंपलेंट के आधार पर एसीबी ने जांच शुरू की है। अपनी कंपलेंट में बरखा सिंह
ने दावा किया था कि आप के कई सपोटर्स को DCW में पद दिया गया
है। बरखा सिंह ने अपनी कंपलेंट में 85 लोगों का नाम दिया है। उन्होंने दावा किया
है कि इन्हें भर्ती करने में नियमों का पालन नहीं किया गया। स्वाति मालीवाल ने
आरोपों को बकवास करार दिया था और कहा था कि महिला आयोग में आए मामलों की संख्या को
देखते हुए स्टाफ की जरूरत थी।
तब मालीवाल ने कहा था, DCW में
अपने नौ साल के कार्यकाल के दौरान बरखा शुक्ला सिंह ने केवल एक मामले का निपटारा
किया। इस दौरान आयोग ने सरकार से कोई सिफारिश नहीं की और करीब 50 अधिकारियों की एक
टीम होने के बावजूद सिर्फ 6 दौरे किए।
नई दिल्ली : एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने
सोमवार रात को दिल्ली महिला आयोग (DCW)की अध्यक्ष स्वाति
मालिवाल के खिलाफ कथित भर्ती घोटाले मामले में एफआईआर दर्ज की। न्यूज एजेंसी के
मुताबिक स्वाति के खिलाफ प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत FIR दर्ज की गई है। इससे पहले सोमवार को इस मसले पर ACB की
टीम ने स्वाति मालिवाल से पूछताछ भी की थी।
न्यूज एजेंसी के मुताबिक ACB चीफ
एम.के.मीणा ने कहा कि जांच जारी है इस केस से रिलेटिड हर शख्स से पूछताछ की जाएगी।
उन्होंने कहा कि इस मामले में डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को भी नोटिस भेजा जाएगा। वहीं
स्वाति मालिवाल ने आज इस मामले को लेकर एक के बाद एक कई ट्वीट किए। एक ट्वीट में
उन्होंने कहा कि पता चला FIR हुई है। जब गलत काम नही किया हो
तो भगवान से भी नही डरना चाहिए।
उन्होंने कहा, ‘सिस्टम में बैठे निकम्मे और
नाकारा लोगो को मेरा महिलाओं के लिए काम करना और सवाल उठाना पसंद नही आ रहा। वो
मेरे सवालो से, काम से परेशान हैं।
मालिवाल ने कहा, ‘मैं लक्ष्मीबाई सावित्री बाई
फुले, भगत सिंह, सुभाष चंद्र बोस
बिस्मिल अशफाक को मानने वाली महिला हूं। किसी से डरने वाली नही।
सोमवार को ACB अधिकारियों की पांच मेंबर की
टीम सुबह 11 बजे स्वाति मालीवाल से पूछताछ के लिए दिल्ली महिला आयोग के ऑफिस
पहुंची। ACB अधिकारियों ने उन्हें 27 सवालों की एक लिस्ट भी
सौंपी और उन्हें एक हफ्ते के अंदर जवाब देने को कहा। पूछताछ खत्म होने के बाद DCW
चीफ ने कहा, हमसे सवाल किया गया कि हमने किस
तरह महिला पैनल में इतनी सारी भर्तियां की। एक तरह से, वे
पूछ रहे हैं कि हम लोग किस तरह इतने काम को मैनेज कर पाते हैं?
मालिवाल ने कहा कि वह एसीबी द्वारा पूछे गए सवालों
का एक हफ्ते के अंदर जवाब देंगी और जांच एजेंसी द्वारा मांगे गए सभी डॉक्यूमेंट्स
देकर इन्वेस्टिगेशन में पूरा सपोर्ट करेंगी।
ये है पूरा मामला :-
DCW की पूर्व चीफ बरखा शुक्ला सिंह
की एक कंपलेंट के आधार पर एसीबी ने जांच शुरू की है। अपनी कंपलेंट में बरखा सिंह
ने दावा किया था कि आप के कई सपोटर्स को DCW में पद दिया गया
है। बरखा सिंह ने अपनी कंपलेंट में 85 लोगों का नाम दिया है। उन्होंने दावा किया
है कि इन्हें भर्ती करने में नियमों का पालन नहीं किया गया। स्वाति मालीवाल ने
आरोपों को बकवास करार दिया था और कहा था कि महिला आयोग में आए मामलों की संख्या को
देखते हुए स्टाफ की जरूरत थी।
तब मालीवाल ने कहा था, DCW में
अपने नौ साल के कार्यकाल के दौरान बरखा शुक्ला सिंह ने केवल एक मामले का निपटारा
किया। इस दौरान आयोग ने सरकार से कोई सिफारिश नहीं की और करीब 50 अधिकारियों की एक
टीम होने के बावजूद सिर्फ 6 दौरे किए।
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