नई दिल्ली : बीसीसीआई(BCCI)
में प्रशासनिक सुधार के लिए बनी लोढ़ा कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट को अपनी रिपोर्ट
सौंप दी है। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बोर्ड क्रिकेट में सुधारों के
लिए उसकी सिफारिशों को लागू नहीं कर रहा है। कमेटी ने इस पर तुरंत सुनवाई करने की
गुजारिश की है।
आपको बता दे कि लोढ़ा
पैनल ने क्रिकेट प्रशासकों से बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर समेत आला अधिकारियों
को बदलने की मांग की है। पैनल ने कहा कि बीसीसीआई खुद को कानून से ऊपर समझता है और
वो हमारी सिफारिशों को सिरे से नकार रहा है। कोर्ट ने इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया
देने के लिए बोर्ड को 6 अक्टूबर तक का समय दिया है।
लोढ़ा कमेटी ने
सोमवार को कहा था कि वे सुप्रीम कोर्ट में अपनी स्थिति रिपोर्ट दायर करेंगे, जिसमें बोर्ड में सुधारवादी कदमों को लेकर उनके प्रस्ताव को लागू करने को
लेकर 'अवरोध' का जिक्र किया जाएगा।
आरएम लोढ़ा ने कहा था कि 21 सितंबर को बीसीसीआई की वाषिर्क आम बैठक में हुए फैसलों
और प्रगति को लेकर बैठक हुई। उन्होंने उच्चतम न्यायालय को रिपोर्ट भेजने का फैसला
किया है। अगर सिफारिशों को लागू करने को लेकर कोई अवरोध है तो समिति स्थिति
रिपोर्ट सौंपेगी।
बता दे कि इससे पहले
पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर और कपिल देव ने लोढ़ा समिति पर सवाल उठाए थे।
दोनों का मानना था कि कुछ सिफारिशें काफी कड़ी हैं, जिसमें
एक राज्य एक वोट और प्रशासकों के लिए तीन साल का ब्रेक शामिल है।
रवि शास्त्री भी यही
प्रतिक्रिया दे चुके हैं, जिन्होंने विवादास्पद मुद्दों
को सुलझाने के लिए लोढ़ा समिति और बीसीसीआई के बीच बातचीत की वकालत की थी। इन
दोनों दिग्गजों का मानना है कि काम करने और नियंत्रण के लिए बीसीसीआई का ढांचा अलग
तरह का है और इसलिए समिति की सारी सिफारिशें उसके लिए शायद फायदेमंद नहीं हों।
नई दिल्ली : बीसीसीआई(BCCI)
में प्रशासनिक सुधार के लिए बनी लोढ़ा कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट को अपनी रिपोर्ट
सौंप दी है। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बोर्ड क्रिकेट में सुधारों के
लिए उसकी सिफारिशों को लागू नहीं कर रहा है। कमेटी ने इस पर तुरंत सुनवाई करने की
गुजारिश की है।
आपको बता दे कि लोढ़ा
पैनल ने क्रिकेट प्रशासकों से बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर समेत आला अधिकारियों
को बदलने की मांग की है। पैनल ने कहा कि बीसीसीआई खुद को कानून से ऊपर समझता है और
वो हमारी सिफारिशों को सिरे से नकार रहा है। कोर्ट ने इस रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया
देने के लिए बोर्ड को 6 अक्टूबर तक का समय दिया है।
लोढ़ा कमेटी ने
सोमवार को कहा था कि वे सुप्रीम कोर्ट में अपनी स्थिति रिपोर्ट दायर करेंगे, जिसमें बोर्ड में सुधारवादी कदमों को लेकर उनके प्रस्ताव को लागू करने को
लेकर 'अवरोध' का जिक्र किया जाएगा।
आरएम लोढ़ा ने कहा था कि 21 सितंबर को बीसीसीआई की वाषिर्क आम बैठक में हुए फैसलों
और प्रगति को लेकर बैठक हुई। उन्होंने उच्चतम न्यायालय को रिपोर्ट भेजने का फैसला
किया है। अगर सिफारिशों को लागू करने को लेकर कोई अवरोध है तो समिति स्थिति
रिपोर्ट सौंपेगी।
बता दे कि इससे पहले
पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर और कपिल देव ने लोढ़ा समिति पर सवाल उठाए थे।
दोनों का मानना था कि कुछ सिफारिशें काफी कड़ी हैं, जिसमें
एक राज्य एक वोट और प्रशासकों के लिए तीन साल का ब्रेक शामिल है।
रवि शास्त्री भी यही
प्रतिक्रिया दे चुके हैं, जिन्होंने विवादास्पद मुद्दों
को सुलझाने के लिए लोढ़ा समिति और बीसीसीआई के बीच बातचीत की वकालत की थी। इन
दोनों दिग्गजों का मानना है कि काम करने और नियंत्रण के लिए बीसीसीआई का ढांचा अलग
तरह का है और इसलिए समिति की सारी सिफारिशें उसके लिए शायद फायदेमंद नहीं हों।
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