नई दिल्ली : अक बार
फिर से मानवता शर्मसार हो गई। ओडिशा के मलकानगिरी एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार
करने वाली घटना सामने आई। यहां एक माता-पिता अपनी 7 साल
की बेटी की लाश हाथों में उठाए 6 किलोमीटर तक पैदल चलते रहे।
सात साल की बच्ची का अस्पताल ले जाते वक्त मौत होने के बाद एंबुलेस ने मां-बाप के
साथ शव को नीचे उतार दिया, जिसके बाद उन्हें पैदल ही घर जाना
पड़ा।
बेबस पिता ने
एंबुलेंस ड्राइवर से गुहार लगाई कि वह वापस उन्हें गांव तक छोड़ दे, लेकिन ड्राइवर ने साफ मनाकर दिया और वर्षा के शव के साथ उसके माता-पिता को
उतारकर चला गया। मां तो लगातार अपनी बेटी के गम में रोए जा रही थी।
जब ये दोनों अपनी
लाड़ली की लाश लेकर गांव पहुंचे तो मातम पसर गया। हर शख्स वर्षा की असमय मौत पर रो
पड़ा।
नई दिल्ली : अक बार
फिर से मानवता शर्मसार हो गई। ओडिशा के मलकानगिरी एक बार फिर इंसानियत को शर्मसार
करने वाली घटना सामने आई। यहां एक माता-पिता अपनी 7 साल
की बेटी की लाश हाथों में उठाए 6 किलोमीटर तक पैदल चलते रहे।
सात साल की बच्ची का अस्पताल ले जाते वक्त मौत होने के बाद एंबुलेस ने मां-बाप के
साथ शव को नीचे उतार दिया, जिसके बाद उन्हें पैदल ही घर जाना
पड़ा।
बेबस पिता ने
एंबुलेंस ड्राइवर से गुहार लगाई कि वह वापस उन्हें गांव तक छोड़ दे, लेकिन ड्राइवर ने साफ मनाकर दिया और वर्षा के शव के साथ उसके माता-पिता को
उतारकर चला गया। मां तो लगातार अपनी बेटी के गम में रोए जा रही थी।
जब ये दोनों अपनी
लाड़ली की लाश लेकर गांव पहुंचे तो मातम पसर गया। हर शख्स वर्षा की असमय मौत पर रो
पड़ा।
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