नई दिल्ली : महात्मा
गांधी की हत्या में RSS के लोगों का हाथ बताने वाले
बयान से जुड़े केस में अब बड़ा यू-टर्न आ गया है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी
ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि वह ट्रायल फेस करने को तैयार हैं। वह मानहानि का
मुकदमा लड़ते रहेंगे और उन्होंने कोर्ट से ट्रायल रद्द करने की याचिका वापस ले ली
है।
राहुल ने यह भी कहा
कि वह आरएसएस वाले अपने बयान पर कायम हैं, थे और
रहेंगे। RSS के लोगों ने महात्मा गांधी को गोली मारी,
इस बयान पर वह अडिग हैं और वह अपना बयान वापस नहीं लेंगे। कोर्ट ने
राहुल को पेशी में छूट देने से इनकार कर दिया है। यानी 16 नवंबर को उन्हें भिवंडी
की कोर्ट में पेश होना होगा।
वहीं याचिकाकर्ता का
कहना है कि राहुल यह कह दें कि उनका मकसद आरएसएस को दोषी ठहराना नहीं था तो वह केस
को वापस लेने को तैयार हैं। शिकायकर्ता राजेश कुंटे की ओर से कोर्ट में कहा गया कि
RSS
की छवि को पिछले 60 सालों से बिगाड़ने की कोशिश हो रही है।
जब भी चुनाव होते हैं
या विशेष वर्ग के साथ कुछ होता है तो ऐसे बयान दिए जाते हैं हालांकि कपिल सिब्बल
ने कहा कि राजनीतिक बयान कोर्ट में नहीं दिए जाने चाहिए।
नई दिल्ली : महात्मा
गांधी की हत्या में RSS के लोगों का हाथ बताने वाले
बयान से जुड़े केस में अब बड़ा यू-टर्न आ गया है। कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी
ने सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि वह ट्रायल फेस करने को तैयार हैं। वह मानहानि का
मुकदमा लड़ते रहेंगे और उन्होंने कोर्ट से ट्रायल रद्द करने की याचिका वापस ले ली
है।
राहुल ने यह भी कहा
कि वह आरएसएस वाले अपने बयान पर कायम हैं, थे और
रहेंगे। RSS के लोगों ने महात्मा गांधी को गोली मारी,
इस बयान पर वह अडिग हैं और वह अपना बयान वापस नहीं लेंगे। कोर्ट ने
राहुल को पेशी में छूट देने से इनकार कर दिया है। यानी 16 नवंबर को उन्हें भिवंडी
की कोर्ट में पेश होना होगा।
वहीं याचिकाकर्ता का
कहना है कि राहुल यह कह दें कि उनका मकसद आरएसएस को दोषी ठहराना नहीं था तो वह केस
को वापस लेने को तैयार हैं। शिकायकर्ता राजेश कुंटे की ओर से कोर्ट में कहा गया कि
RSS
की छवि को पिछले 60 सालों से बिगाड़ने की कोशिश हो रही है।
जब भी चुनाव होते हैं
या विशेष वर्ग के साथ कुछ होता है तो ऐसे बयान दिए जाते हैं हालांकि कपिल सिब्बल
ने कहा कि राजनीतिक बयान कोर्ट में नहीं दिए जाने चाहिए।
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