नई दिल्ली : आम आदमी
पार्टी के विधायक सोमनाथ भारती को एम्स के सुरक्षाकर्मियों से मारपीट करने के आरोप
में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान
संस्थान (एम्स) के मुख्य सुरक्षा अधिकारी आरएस रावत की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज
की थी। इसमें भारती और उनके समर्थकों के खिलाफ एम्स की संपत्ति क्षतिग्रस्त करने
और सुरक्षा गार्डों से दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया गया था। हालांकि भारती ने
इन आरोपों से इनकार किया है।
दिल्ली के हौज खास
पुलिस थाने में अपनी लिखित शिकायत में रावत ने कहा था कि भारती ने 9 सितंबर को
सुबह लगभग 9.45 बजे सरकारी एम्स की चारदीवारी को क्षतिग्रस्त करने के लिए भीड़ को
उकसाया।
आपको बता दे कि पुलिस
के एक अधिकारी ने रावत की शिकायत के हवाले से कहा, 'भारती
ने अनिधिकृत लोगों को जेसीबी मशीन के साथ गौतम नगर नाला मार्ग की तरफ से एम्स में
घुसने को कहा और सुरक्षाकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया।' शिकायत
में यह भी आरोप लगाया गया है कि भारती और उनके समर्थकों को एम्स की संपत्ति
क्षतिग्रस्त करने से रोकने की कोशिश में छह सुरक्षाकर्मी घायल हो गए।
भारती और उनके
समर्थकों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और सार्वजनिक संपत्ति क्षति रोकथाम अधिनियम
की धारा 147 दंगा करने, 148 घातक हथियारों के साथ
दंगा करने, 186 लोकसेवकों के काम में बाधा डालने, 353 लोकसेवकों को रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का इस्तेमाल करने के
तहत मामला दर्ज किया गया।
भारती ने हालांकि इन
सभी आरोपों को गलत बताया था। उन्होंने कई सारे ट्वीट में कहा था, 'चैनलों ने यह गलत दिखाया है कि एम्स के सुरक्षाकर्मियों और निवासियों के
बीच धक्का-मुक्की हुई। विवादास्पद दीवार दोनों पक्षों के बीच थी।'
उन्होंने कहा, 'गौतम नगर, मस्जिद मोठ के सैकड़ों निवासी, हौज खास के एसएचओ और अन्य पुलिस अधिकारी दीवार को गिराए जाने के समय वहां
मौजूद थे।' भारती ने ट्वीट किया, 'इस
दीवार को गौतम नगर, मस्जिद मोठ, नीति
बाग और वार्ड 164 के निवासियों के हित में गिराना होगा।'
नई दिल्ली : आम आदमी
पार्टी के विधायक सोमनाथ भारती को एम्स के सुरक्षाकर्मियों से मारपीट करने के आरोप
में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान
संस्थान (एम्स) के मुख्य सुरक्षा अधिकारी आरएस रावत की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज
की थी। इसमें भारती और उनके समर्थकों के खिलाफ एम्स की संपत्ति क्षतिग्रस्त करने
और सुरक्षा गार्डों से दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया गया था। हालांकि भारती ने
इन आरोपों से इनकार किया है।
दिल्ली के हौज खास
पुलिस थाने में अपनी लिखित शिकायत में रावत ने कहा था कि भारती ने 9 सितंबर को
सुबह लगभग 9.45 बजे सरकारी एम्स की चारदीवारी को क्षतिग्रस्त करने के लिए भीड़ को
उकसाया।
आपको बता दे कि पुलिस
के एक अधिकारी ने रावत की शिकायत के हवाले से कहा, 'भारती
ने अनिधिकृत लोगों को जेसीबी मशीन के साथ गौतम नगर नाला मार्ग की तरफ से एम्स में
घुसने को कहा और सुरक्षाकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया।' शिकायत
में यह भी आरोप लगाया गया है कि भारती और उनके समर्थकों को एम्स की संपत्ति
क्षतिग्रस्त करने से रोकने की कोशिश में छह सुरक्षाकर्मी घायल हो गए।
भारती और उनके
समर्थकों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और सार्वजनिक संपत्ति क्षति रोकथाम अधिनियम
की धारा 147 दंगा करने, 148 घातक हथियारों के साथ
दंगा करने, 186 लोकसेवकों के काम में बाधा डालने, 353 लोकसेवकों को रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का इस्तेमाल करने के
तहत मामला दर्ज किया गया।
भारती ने हालांकि इन
सभी आरोपों को गलत बताया था। उन्होंने कई सारे ट्वीट में कहा था, 'चैनलों ने यह गलत दिखाया है कि एम्स के सुरक्षाकर्मियों और निवासियों के
बीच धक्का-मुक्की हुई। विवादास्पद दीवार दोनों पक्षों के बीच थी।'
उन्होंने कहा, 'गौतम नगर, मस्जिद मोठ के सैकड़ों निवासी, हौज खास के एसएचओ और अन्य पुलिस अधिकारी दीवार को गिराए जाने के समय वहां
मौजूद थे।' भारती ने ट्वीट किया, 'इस
दीवार को गौतम नगर, मस्जिद मोठ, नीति
बाग और वार्ड 164 के निवासियों के हित में गिराना होगा।'
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