भारत में लगातार हो
रहे चीनी सामान के चलते CHINA में करेंसी पर संकट पूरी
तरह आ गया है। CHINA की करेंसी युआन 6 सालों के निचले स्तर
पर पहुंच गई है। यही नहीं आज CHINA की मार्केट पूरी तरह से
बर्बाद हो गई है। जिससे चीन के बहुत बड़ा झटका लगा है।
चीन में इस हेतु
सेंट्रल बैंक पीपल्स बैंक ऑफ़ चायना ने ब्रिटेन जनमत संग्रह के बाद अपनी करेंसी
युआन को डिवैल्यूड किया गया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले युआन के रिफरेन्स रेट में
लगभग 1 प्रतिशत की कमी की गई है।
इस तरह की कटौती के
बाद युआन डॉलर की तुलना में करीब साढ़े पांच वर्ष के मुकाबले निचले स्तर पर पहुंच
गया। अगस्त माह के बाद युआन के रिफरेंन्स रेट में आधिकारिक स्तर पर कटौती हो गई
है।
आपको बता दे कि वैश्विक बाजारों में मंदी का असर यहां पर भी हुआ
है। ऐसे में चीनी मुद्रा कमजोर हुई है और डॉलर मजबूत हो गया है। पीपल्स बैंक ऑफ़
यायना ने युआन की विनिमय दर डॉलर की तुलना में करीब 0.91 प्रतिशत से कम हो गई और
6.63 युआन प्रति डॉलर तक पहुंच गई।
बीते वर्ष
डिवैल्यूएशन हो जाने के बाद इस तरह की गिरावट को एक बड़ी गिरावट कहा गया है। इस
मामले में चायना के अधिशासी बैंक पीपल्स बैंक ऑफ़ चाइना के गवर्नर द्वारा कहा गया
कि युआन का लचीला होना बेहद जरूरी है।
चीनी वाणिज्यिक बैंक
के व्यापारी द्वारा कहा गया कि इस तरह से होने वाली उथल - पुथल को देखा जा रहा है।
यह बात भी कही गई कि बैंकों द्वारा विभिन्न स्थितियों को नियंत्रण से बाहर न रखे
जाने का प्रयास किया गया। उल्लेखनीय है कि चीन के बाजार पर भारत की निर्भरता भी
है। ऐसे में यदि चीन की मुद्रा की वैल्यू कम होगी तो भारत के लिए चीन से सामान
आयात करवाना सस्ता ही होगा।
आपको बता दे कि भारत
में लगातार चीनी सामान का विरोध हो रहा है जिसके चलते चीनी के बाजार में और गिरावट
देखने को मिल सकती है।
भारत में लगातार हो
रहे चीनी सामान के चलते CHINA में करेंसी पर संकट पूरी
तरह आ गया है। CHINA की करेंसी युआन 6 सालों के निचले स्तर
पर पहुंच गई है। यही नहीं आज CHINA की मार्केट पूरी तरह से
बर्बाद हो गई है। जिससे चीन के बहुत बड़ा झटका लगा है।
चीन में इस हेतु
सेंट्रल बैंक पीपल्स बैंक ऑफ़ चायना ने ब्रिटेन जनमत संग्रह के बाद अपनी करेंसी
युआन को डिवैल्यूड किया गया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले युआन के रिफरेन्स रेट में
लगभग 1 प्रतिशत की कमी की गई है।
इस तरह की कटौती के
बाद युआन डॉलर की तुलना में करीब साढ़े पांच वर्ष के मुकाबले निचले स्तर पर पहुंच
गया। अगस्त माह के बाद युआन के रिफरेंन्स रेट में आधिकारिक स्तर पर कटौती हो गई
है।
आपको बता दे कि वैश्विक बाजारों में मंदी का असर यहां पर भी हुआ
है। ऐसे में चीनी मुद्रा कमजोर हुई है और डॉलर मजबूत हो गया है। पीपल्स बैंक ऑफ़
यायना ने युआन की विनिमय दर डॉलर की तुलना में करीब 0.91 प्रतिशत से कम हो गई और
6.63 युआन प्रति डॉलर तक पहुंच गई।
बीते वर्ष
डिवैल्यूएशन हो जाने के बाद इस तरह की गिरावट को एक बड़ी गिरावट कहा गया है। इस
मामले में चायना के अधिशासी बैंक पीपल्स बैंक ऑफ़ चाइना के गवर्नर द्वारा कहा गया
कि युआन का लचीला होना बेहद जरूरी है।
चीनी वाणिज्यिक बैंक
के व्यापारी द्वारा कहा गया कि इस तरह से होने वाली उथल - पुथल को देखा जा रहा है।
यह बात भी कही गई कि बैंकों द्वारा विभिन्न स्थितियों को नियंत्रण से बाहर न रखे
जाने का प्रयास किया गया। उल्लेखनीय है कि चीन के बाजार पर भारत की निर्भरता भी
है। ऐसे में यदि चीन की मुद्रा की वैल्यू कम होगी तो भारत के लिए चीन से सामान
आयात करवाना सस्ता ही होगा।
आपको बता दे कि भारत
में लगातार चीनी सामान का विरोध हो रहा है जिसके चलते चीनी के बाजार में और गिरावट
देखने को मिल सकती है।
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