नई दिल्ली : भारत और
न्यूजीलैंड के बीच इंदौर के होलकर स्टेडियम में 3 टेस्ट मैचों की सीरीज के अंतिम
मैच के चौथे दिन ही न्यूजीलैंड को 321 रन से हराकर टीम इंडिया ने 3-0 से क्लीन
स्वीप कर दिया। न्यूजीलैंड टीम को जीत के लिए 475 रन बनाने थे, लेकिन वह 153 रन पर ही सिमट गई।
आपको बता दे कि इस
टेस्ट मैच के लिए मेन ऑफ़ द मैच अश्विन चुना गया है और मेन ऑफ़ द सीरिज भी अश्विन ही
रहे है।
टीम इंडिया की ओर से
दूसरी पारी में आर अश्विन ने 7 विकेट, तो रवींद्र
जडेजा ने 2 और उमेश यादव ने एक विकेट चटकाया। अश्विन के नाम इस सीरीज में 26 विकेट
रहे, वहीं उन्होंने छठी बार किसी टेस्ट में 10 या अधिक विकेट
हासिल किए हैं। इंदौर टेस्ट की दोनों पारियों को मिलाकर अश्विन ने कुल 13 विकेट
चटकाए।
भारत
ने किया 4 साल में तीसरा क्लीन स्वीप :-
पिछले 4 साल में टीम
इंडिया का यह तीसरा क्लीन स्वीप रहा। टीम इंडिया ने 2012-13 में ऑस्ट्रेलिया को से
हराने के बाद अगले सत्र में वेस्टइंडीज का सफाया किया था. फिर दक्षिण अफ्रीका के
खिलाफ भी पिछले साल यह कारनामा लगभग दोहरा ही दिया था, लेकिन सफलता नहीं मिली।
विराट
की कप्तानी में लगातार चौथी सीरीज जीती :-
विराट कोहली की
कप्तानी में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार चौथी टेस्ट सीरीज जीती है।
इससे पहले एमएस धोनी के टेस्ट कप्तानी छोड़ने के बाद से विराट की कप्तानी में टीम
इंडिया ने श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज
के खिलाफ टेस्ट सीरीज जीत चुकी है।
ये रिकॉर्ड
बने :-
#टीम इंडिया ने
न्यूजीलैंड के सामने 475 रन का जो लक्ष्य रखा है, वह
उसका छठा बड़ा लक्ष्य है। सबसे बड़ा लक्ष्य उसने न्यूजीलैंड के ही खिलाफ 2008-09
में वेलिंगटन में 617 रन का रखा था।
#तीन टेस्ट मैच या
इससे कम की सीरीज में चेतेश्वर पुजारा भारत के ऐसे तीसरे बल्लेबाज हैं, जिसने 50 से अधिक की 4 पारियां खेली हैं। दो अन्य खिलाड़ी मोहिंदर अमरनाथ
(पाकिस्तान के खिलाफ- 1982-83 में) और राहुल द्रविड़ (न्यूजीलैंड के खिलाफ-
2008-09) हैं।
#चेतेश्वर पुजारा ने
जहां करियर का आठवां शतक लगाया, वहीं घरेलू मैदान पर
उनका यह छठा शतक है। न्यूजीलैंड के विरुद्ध पुजारा ने इसे मिलाकर दो टेस्ट शतक लगा
दिए हैं, वहीं किसी टेस्ट की दूसरी पारी में भी यह उनका
दूसरा शतक रहा।
#आर अश्विन टीम
इंडिया के ऐसे दूसरे गेंदबाज बन गए हैं, जिसने एक
टेस्ट सीरीज में दो बार 10 या अधिक विकेट लिए हैं। उनसे पहले हरभजन सिंह ने
2000-01 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की थी।
नई दिल्ली : भारत और
न्यूजीलैंड के बीच इंदौर के होलकर स्टेडियम में 3 टेस्ट मैचों की सीरीज के अंतिम
मैच के चौथे दिन ही न्यूजीलैंड को 321 रन से हराकर टीम इंडिया ने 3-0 से क्लीन
स्वीप कर दिया। न्यूजीलैंड टीम को जीत के लिए 475 रन बनाने थे, लेकिन वह 153 रन पर ही सिमट गई।
आपको बता दे कि इस
टेस्ट मैच के लिए मेन ऑफ़ द मैच अश्विन चुना गया है और मेन ऑफ़ द सीरिज भी अश्विन ही
रहे है।
टीम इंडिया की ओर से
दूसरी पारी में आर अश्विन ने 7 विकेट, तो रवींद्र
जडेजा ने 2 और उमेश यादव ने एक विकेट चटकाया। अश्विन के नाम इस सीरीज में 26 विकेट
रहे, वहीं उन्होंने छठी बार किसी टेस्ट में 10 या अधिक विकेट
हासिल किए हैं। इंदौर टेस्ट की दोनों पारियों को मिलाकर अश्विन ने कुल 13 विकेट
चटकाए।
भारत
ने किया 4 साल में तीसरा क्लीन स्वीप :-
पिछले 4 साल में टीम
इंडिया का यह तीसरा क्लीन स्वीप रहा। टीम इंडिया ने 2012-13 में ऑस्ट्रेलिया को से
हराने के बाद अगले सत्र में वेस्टइंडीज का सफाया किया था. फिर दक्षिण अफ्रीका के
खिलाफ भी पिछले साल यह कारनामा लगभग दोहरा ही दिया था, लेकिन सफलता नहीं मिली।
विराट
की कप्तानी में लगातार चौथी सीरीज जीती :-
विराट कोहली की
कप्तानी में टीम इंडिया ने न्यूजीलैंड के खिलाफ लगातार चौथी टेस्ट सीरीज जीती है।
इससे पहले एमएस धोनी के टेस्ट कप्तानी छोड़ने के बाद से विराट की कप्तानी में टीम
इंडिया ने श्रीलंका, दक्षिण अफ्रीका और वेस्टइंडीज
के खिलाफ टेस्ट सीरीज जीत चुकी है।
ये रिकॉर्ड
बने :-
#टीम इंडिया ने
न्यूजीलैंड के सामने 475 रन का जो लक्ष्य रखा है, वह
उसका छठा बड़ा लक्ष्य है। सबसे बड़ा लक्ष्य उसने न्यूजीलैंड के ही खिलाफ 2008-09
में वेलिंगटन में 617 रन का रखा था।
#तीन टेस्ट मैच या
इससे कम की सीरीज में चेतेश्वर पुजारा भारत के ऐसे तीसरे बल्लेबाज हैं, जिसने 50 से अधिक की 4 पारियां खेली हैं। दो अन्य खिलाड़ी मोहिंदर अमरनाथ
(पाकिस्तान के खिलाफ- 1982-83 में) और राहुल द्रविड़ (न्यूजीलैंड के खिलाफ-
2008-09) हैं।
#चेतेश्वर पुजारा ने
जहां करियर का आठवां शतक लगाया, वहीं घरेलू मैदान पर
उनका यह छठा शतक है। न्यूजीलैंड के विरुद्ध पुजारा ने इसे मिलाकर दो टेस्ट शतक लगा
दिए हैं, वहीं किसी टेस्ट की दूसरी पारी में भी यह उनका
दूसरा शतक रहा।
#आर अश्विन टीम
इंडिया के ऐसे दूसरे गेंदबाज बन गए हैं, जिसने एक
टेस्ट सीरीज में दो बार 10 या अधिक विकेट लिए हैं। उनसे पहले हरभजन सिंह ने
2000-01 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यह उपलब्धि हासिल की थी।
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