नई दिल्ली : ब्रिक्स
शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज गोवा
पहुंचे। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके साथ अहम मुलाकात की। दोनों के बीच द्विपक्षीय बातचीत में 16 समझौतों पर
सहमति बनी। हालांकि घने कोहरे के चलते पुतिन देरी से गोवा पहु्ंचे। यहां नरेंद्र
मोदी ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया और दोनों नेताओं के बीच बहुप्रतीक्षित
मुलाकात शुरू हुई।
-200
कामोव हेलीकॉप्टर पर समझौता
-एंटी
मिसाइल डिफेंस सिस्टम एस 400 पर समझौता
-आंध्र
प्रदेश, हरियाणा में स्मार्ट सिटी
-भारत-रूस
में गैस पाइपलाइन समझौता
-जहाज
निर्माण में समझौता
-शिक्षा
के क्षेत्र में समझौता
-रेलवे
के क्षेत्र में समझौता
-विज्ञान-तकनीक
के क्षेत्र में समझौता
-परमाणु
ऊर्जा के क्षेत्र में समझौता
इस मुलाकात के बाद
साझा बयान में पीएम मोदी ने कहा कि मुझे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का
स्वागत करते हुए बेहद खुशी हुई। रूस हमारा पुराना दोस्त है। एक पुराना दोस्त दो नए
दोस्तों से बेहतर होता है। भारत और रूस के बीच अनूठी दोस्ती है। मैंने और
राष्ट्रपति पुतिन ने विस्तार से सभी मुद्दों पर बात की। आतंकवाद के मुद्दे पर भारत
और रूस साथ हैं। मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन और मैं आतंकवाद और उसे समर्थन
देने वालों से निपटने के मामले में कतई बर्दाश्त नहीं करने पर सहमत हुए हैं।
9
घंटे देरी से पहुंचे पुतिन :-
कोहरे के कारण नौ
घंटे की देरी से गोवा पहुंचे पुतिन ने मोदी के साथ बातचीत की जिसके बाद दोनों
नेताओं के साथ उनके शिष्टमंडल भी बैठक में शामिल हुए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता
विकास स्वरूप ने कहा, ‘हमें विभिन्न मुद्दों पर
सार्थक बातचीत होने की उम्मीद है। रक्षा और सुरक्षा मुद्दों पर खास ध्यान दिया
जाएगा’।
दोनों देशों के
बातचीत के बाद दोपहर में एक दर्जन से अधिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की
उम्मीद है जिनमें रक्षा और उर्जा क्षेत्र से जुड़े समझौते खासतौर पर शामिल हैं।
पुतिन को कल देर रात ही गोवा पहुंचना था, लेकिन घने
कोहरे के कारण वह देरी से पहुंचे। हे पुतिन के विमान का घने कोहरे के मद्देनजर
खराब दृश्यता के कारण तटीय राज्य में उतरना मुश्किल हो गया जिसके कारण उनके यहां
आने में देर हो गई।
रूस के राष्ट्रपति को
पहले डाबोलिम हवाईअड्डे के पास स्थित आईएनएस हंसा अड्डे पर देर रात एक बजे उतरना
था,
लेकिन इलाके में घने कोहरे के कारण उनके आगमन में देर हो गई। बताया
गया कि उनका विमान देर रात तीन बजे उतरेगा, लेकिन बाद में
इसके समय में परिवर्तन करके सुबह सात बजे किया गया, लेकिन
विमान सात बजे भी नहीं पहुंच पाया। सुरक्षा कारणों से यह जानकारी नहीं दी गई है कि
उनके विमान का मार्ग परिवर्तित करके उसे कहां भेजा गया।
आपको बता दें कि हाल
ही में पाकिस्तान के साथ सैन्य अभ्यास को लेकर भारत ने रूस से आपत्ति जताई थी। रूस
के साथ वार्षिक द्विपक्षीय शिखर-सम्मेलन से पहले भारत ने पाकिस्तान के साथ रूस के
संयुक्त अभ्यास को लेकर उससे विरोध दर्ज कराया था और कहा था कि आतंकवाद को
प्रायोजित करने वाले देश के साथ संयुक्त अभ्यास से समस्याएं और बढ़ेंगी।
मॉस्को में भारत के
राजदूत पंकज सरन ने रूसी समाचार एजेंसी रिया नोवोस्ती को दिए साक्षात्कार में कहा
था कि हमने रूसी पक्ष को अपने इन विचारों से अवगत करा दिया है कि आतंकवाद को
प्रायोजित करने वाले और राजकीय नीति के तौर पर इसे अपनाने वाले पाकिस्तान के साथ
सैन्य सहयोग एक गलत रुख है और इससे केवल और समस्याएं पैदा होंगी।
इससे पहले आज गोवा
में द्विपक्षीय वार्ता और ब्रिक्स सम्मेलन से पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर
पुतिन का स्वागत किया। मोदी ने ट्वीट कर पुतिन का स्वागत करते हुए कहा है कि भारत
आपका स्वागत करता है राष्ट्रपति पुतिन। एक मंगलदायी यात्रा की कामना कर रहा हूं।
पुतिन दो दिवसीय
ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए गोवा पहुंचे हैं। पुतिन भारत-रूस
द्विपक्षीय बैठक और ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं जो दक्षिण गोवा के
रिसॉर्ट में हो रही है। पुतिन भारत के साथ रक्षा से लेकर कृषि तक कई क्षेत्रों में
समझौते करेंगे। पुतिन के भारत दौरे के दौरान उनके साथ रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और औद्योगिक मंत्रालय के शीर्ष
राजनयिक भी आए हैं।
मोदी और पुतिन वीडियो
कांफ्रेंसिंग के जरिए कुडनकुलम परमाणु संयंत्र की तीसरी और चौथी इकाइयों के
शिलान्यास समारोह में हिस्सा लेंगे।
नई दिल्ली : ब्रिक्स
शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज गोवा
पहुंचे। यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके साथ अहम मुलाकात की। दोनों के बीच द्विपक्षीय बातचीत में 16 समझौतों पर
सहमति बनी। हालांकि घने कोहरे के चलते पुतिन देरी से गोवा पहु्ंचे। यहां नरेंद्र
मोदी ने उनका गर्मजोशी के साथ स्वागत किया और दोनों नेताओं के बीच बहुप्रतीक्षित
मुलाकात शुरू हुई।
-200
कामोव हेलीकॉप्टर पर समझौता
-एंटी
मिसाइल डिफेंस सिस्टम एस 400 पर समझौता
-आंध्र
प्रदेश, हरियाणा में स्मार्ट सिटी
-भारत-रूस
में गैस पाइपलाइन समझौता
-जहाज
निर्माण में समझौता
-शिक्षा
के क्षेत्र में समझौता
-रेलवे
के क्षेत्र में समझौता
-विज्ञान-तकनीक
के क्षेत्र में समझौता
-परमाणु
ऊर्जा के क्षेत्र में समझौता
इस मुलाकात के बाद
साझा बयान में पीएम मोदी ने कहा कि मुझे रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का
स्वागत करते हुए बेहद खुशी हुई। रूस हमारा पुराना दोस्त है। एक पुराना दोस्त दो नए
दोस्तों से बेहतर होता है। भारत और रूस के बीच अनूठी दोस्ती है। मैंने और
राष्ट्रपति पुतिन ने विस्तार से सभी मुद्दों पर बात की। आतंकवाद के मुद्दे पर भारत
और रूस साथ हैं। मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति पुतिन और मैं आतंकवाद और उसे समर्थन
देने वालों से निपटने के मामले में कतई बर्दाश्त नहीं करने पर सहमत हुए हैं।
9
घंटे देरी से पहुंचे पुतिन :-
कोहरे के कारण नौ
घंटे की देरी से गोवा पहुंचे पुतिन ने मोदी के साथ बातचीत की जिसके बाद दोनों
नेताओं के साथ उनके शिष्टमंडल भी बैठक में शामिल हुए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता
विकास स्वरूप ने कहा, ‘हमें विभिन्न मुद्दों पर
सार्थक बातचीत होने की उम्मीद है। रक्षा और सुरक्षा मुद्दों पर खास ध्यान दिया
जाएगा’।
दोनों देशों के
बातचीत के बाद दोपहर में एक दर्जन से अधिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए जाने की
उम्मीद है जिनमें रक्षा और उर्जा क्षेत्र से जुड़े समझौते खासतौर पर शामिल हैं।
पुतिन को कल देर रात ही गोवा पहुंचना था, लेकिन घने
कोहरे के कारण वह देरी से पहुंचे। हे पुतिन के विमान का घने कोहरे के मद्देनजर
खराब दृश्यता के कारण तटीय राज्य में उतरना मुश्किल हो गया जिसके कारण उनके यहां
आने में देर हो गई।
रूस के राष्ट्रपति को
पहले डाबोलिम हवाईअड्डे के पास स्थित आईएनएस हंसा अड्डे पर देर रात एक बजे उतरना
था,
लेकिन इलाके में घने कोहरे के कारण उनके आगमन में देर हो गई। बताया
गया कि उनका विमान देर रात तीन बजे उतरेगा, लेकिन बाद में
इसके समय में परिवर्तन करके सुबह सात बजे किया गया, लेकिन
विमान सात बजे भी नहीं पहुंच पाया। सुरक्षा कारणों से यह जानकारी नहीं दी गई है कि
उनके विमान का मार्ग परिवर्तित करके उसे कहां भेजा गया।
आपको बता दें कि हाल
ही में पाकिस्तान के साथ सैन्य अभ्यास को लेकर भारत ने रूस से आपत्ति जताई थी। रूस
के साथ वार्षिक द्विपक्षीय शिखर-सम्मेलन से पहले भारत ने पाकिस्तान के साथ रूस के
संयुक्त अभ्यास को लेकर उससे विरोध दर्ज कराया था और कहा था कि आतंकवाद को
प्रायोजित करने वाले देश के साथ संयुक्त अभ्यास से समस्याएं और बढ़ेंगी।
मॉस्को में भारत के
राजदूत पंकज सरन ने रूसी समाचार एजेंसी रिया नोवोस्ती को दिए साक्षात्कार में कहा
था कि हमने रूसी पक्ष को अपने इन विचारों से अवगत करा दिया है कि आतंकवाद को
प्रायोजित करने वाले और राजकीय नीति के तौर पर इसे अपनाने वाले पाकिस्तान के साथ
सैन्य सहयोग एक गलत रुख है और इससे केवल और समस्याएं पैदा होंगी।
इससे पहले आज गोवा
में द्विपक्षीय वार्ता और ब्रिक्स सम्मेलन से पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर
पुतिन का स्वागत किया। मोदी ने ट्वीट कर पुतिन का स्वागत करते हुए कहा है कि भारत
आपका स्वागत करता है राष्ट्रपति पुतिन। एक मंगलदायी यात्रा की कामना कर रहा हूं।
पुतिन दो दिवसीय
ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए गोवा पहुंचे हैं। पुतिन भारत-रूस
द्विपक्षीय बैठक और ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं जो दक्षिण गोवा के
रिसॉर्ट में हो रही है। पुतिन भारत के साथ रक्षा से लेकर कृषि तक कई क्षेत्रों में
समझौते करेंगे। पुतिन के भारत दौरे के दौरान उनके साथ रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और औद्योगिक मंत्रालय के शीर्ष
राजनयिक भी आए हैं।
मोदी और पुतिन वीडियो
कांफ्रेंसिंग के जरिए कुडनकुलम परमाणु संयंत्र की तीसरी और चौथी इकाइयों के
शिलान्यास समारोह में हिस्सा लेंगे।
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