नई दिल्ली : एक
बुजुर्ग टैक्सी ड्राइवर का बहादुरी का किस्सा इन दिनों सोशल मीडिया में चर्चा का
विषय बन गया है। सोशल मीडिया की वायरल खबर की माने तो इस बुजुर्ग ने एक 25 साल की
लड़की को गुडों के हाथ से बचाया।
आपको बता दे कि यह
किस्सा जुड़ा है 35 सालों से मुंबई में टैक्सी चलाने वाले बुजुर्ग ड्राइवर से। एक
रात उन्होंने बस स्टॉप से कुछ दूरी पर एक लड़की को देखा। जिस गली से लड़की गुजर रही
थी,
वहां हल्का अंधेरा था और ज्यादा लोग भी नहीं थे। लड़की कुछ
परेशान-सी थी। ड्राइवर के मुताबिक मैंने गौर किया कि 2-3 शराबी लड़के उसे सीटी
बजाकर परेशान कर रहे हैं। और फिर अचानक देखते- ही- देखते गुंडों ने गली में लड़की
के साथ छेड़छाड करना शुरू कर दिया।
उसी वक्त बुजुर्ग ने
तय किया कि उन्हें कुछ करना चाहिए। इसके लिए उन्होंने लगातार तेज आवाज देकर शोर
मचाना शुरू किया। उस शोर से डरकर गुंडे वहां से दूसरी तरफ चले गए। इसके बाद
बुजुर्ग ड्राइवर ने सड़क पार कर उस लड़की को घर तक छोड़ने का ऑफर दिया।
बुजुर्ग के मुताबिक, वह लड़की काफी डरी हुई थी। वह अगले 2 से 3 मिनिट बिलकुल शांत रही। क्योंकि
वह बात करने की हालत में नहीं थी। उसका घर अगले कोने में ही था। हमने जैसे ही उस
तरफ चलना शुरू किया, उसने मेरे दोनों हाथों को थाम लिया।
यहां तक की उसने रोना शुरू कर दिया। उसके बाद उसने कई बार मेरा शुक्रिया कहा।
बुजुर्ग के मुताबिक, लड़की ने उन्हें घर के बाहर कुछ देर रुकने के लिए जोर दिया, जब तक वह उनके लिए कुछ लेकर नहीं आती। उसने उन्हें रसगुल्ले का डिब्बा
दिया। उन दोनों की मुलाकात बमुश्किल 10 मिनट की थी, लेकिन
दोनों इसे कभी नहीं भूला सकेंगे।
आपको बता दे कि यह
स्टोरी फेसबुक पर 'ह्यूमंस ऑफ़ बॉम्बे' पेज पर शेयर है। स्टेटस की मानें तो ये मामला कुछ साल पहले का है, और फेसबुक पर कहानी आने के बाद चर्चा हो रही है। इस पोस्ट को काफ़ी लोगो ने
लाइक और शेयर किया हैं। लोग बुजुर्ग की बहादुरी की तारीफ़ कर रहे हैं।
नई दिल्ली : एक
बुजुर्ग टैक्सी ड्राइवर का बहादुरी का किस्सा इन दिनों सोशल मीडिया में चर्चा का
विषय बन गया है। सोशल मीडिया की वायरल खबर की माने तो इस बुजुर्ग ने एक 25 साल की
लड़की को गुडों के हाथ से बचाया।
आपको बता दे कि यह
किस्सा जुड़ा है 35 सालों से मुंबई में टैक्सी चलाने वाले बुजुर्ग ड्राइवर से। एक
रात उन्होंने बस स्टॉप से कुछ दूरी पर एक लड़की को देखा। जिस गली से लड़की गुजर रही
थी,
वहां हल्का अंधेरा था और ज्यादा लोग भी नहीं थे। लड़की कुछ
परेशान-सी थी। ड्राइवर के मुताबिक मैंने गौर किया कि 2-3 शराबी लड़के उसे सीटी
बजाकर परेशान कर रहे हैं। और फिर अचानक देखते- ही- देखते गुंडों ने गली में लड़की
के साथ छेड़छाड करना शुरू कर दिया।
उसी वक्त बुजुर्ग ने
तय किया कि उन्हें कुछ करना चाहिए। इसके लिए उन्होंने लगातार तेज आवाज देकर शोर
मचाना शुरू किया। उस शोर से डरकर गुंडे वहां से दूसरी तरफ चले गए। इसके बाद
बुजुर्ग ड्राइवर ने सड़क पार कर उस लड़की को घर तक छोड़ने का ऑफर दिया।
बुजुर्ग के मुताबिक, वह लड़की काफी डरी हुई थी। वह अगले 2 से 3 मिनिट बिलकुल शांत रही। क्योंकि
वह बात करने की हालत में नहीं थी। उसका घर अगले कोने में ही था। हमने जैसे ही उस
तरफ चलना शुरू किया, उसने मेरे दोनों हाथों को थाम लिया।
यहां तक की उसने रोना शुरू कर दिया। उसके बाद उसने कई बार मेरा शुक्रिया कहा।
बुजुर्ग के मुताबिक, लड़की ने उन्हें घर के बाहर कुछ देर रुकने के लिए जोर दिया, जब तक वह उनके लिए कुछ लेकर नहीं आती। उसने उन्हें रसगुल्ले का डिब्बा
दिया। उन दोनों की मुलाकात बमुश्किल 10 मिनट की थी, लेकिन
दोनों इसे कभी नहीं भूला सकेंगे।
आपको बता दे कि यह
स्टोरी फेसबुक पर 'ह्यूमंस ऑफ़ बॉम्बे' पेज पर शेयर है। स्टेटस की मानें तो ये मामला कुछ साल पहले का है, और फेसबुक पर कहानी आने के बाद चर्चा हो रही है। इस पोस्ट को काफ़ी लोगो ने
लाइक और शेयर किया हैं। लोग बुजुर्ग की बहादुरी की तारीफ़ कर रहे हैं।
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