Thursday, 27 October 2016

शहीद की बेटी बोली- अब मैं जाऊंगी पाकिस्तान से लड़ने, पापा भी यही चाहते थे!

Dainik Times     20:53    
place ad code

नई दिल्ली :  बिहार के रक्सौल जिले के BSF के जवान जितेंद्र कुमार सिंह गुरुवार को बॉर्डर पर पाकिस्तान की और से हुई फायरिंग में शहीद हो गए। वह जम्मू-कश्मीर के आरएस पुरा सेक्टर में BSF के हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। जितेंद्र रक्सौल के सिसवा गांव के कचहरी टोला के लक्ष्मी सिंह के दूसरे बेटे थे। उनकी बेटी ने कहा कि पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए।
shhid-jitendra-singh-doughter-says-about-join-BSF

जितेंद्र की बड़ी बेटी अर्चना ने कहा कि पीएम मोदीजी से मेरा यह कहना है कि हमारे पिता जैसे हजारों जवानों के शहीद होने के बाद भी क्यों चुप बैठे हैं। पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए। मेरे पापा कहते थे कि तुम बड़ी होकर बीएसएफ की बड़ी अधिकारी बनना और देश की रक्षा के लिए कुर्बानी भी देनी पड़े तो पीछे मत हटना। अब में पापा की जगह लूंगी। और देश के दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दूंगी। मैं जाऊंगी पाकिस्तान से लड़ने, पापा भी यही चाहते थे।

गुरुवार सुबह बीएसएफ के जेसीओ का फोन आया कि हेड कांस्टेबल जितेंद्र सिंह शहीद हो गए। जम्मू में उन्हें राष्ट्रीय समान के साथ सलामी देने बाद शुक्रवार सुबह विमान द्वारा शव दिल्ली पहुंचेगा। दिल्ली से शाम चार बजे विमान द्वारा 6 बजे पटना पहुंचेगा, फिर पटना से शव को उनके पैतृक गांव ले जाया जाएगा।


आपको बता दे कि जितेंद्र सिंह की 1993 में बीएसएफ की नौकरी लगी थी। उनके तीन बच्चे हैं। बड़ी बेटी अर्चना 15 वर्ष की, दूसरी बेटी प्रीति 13 साल की और बेटा रोहित 10 साल का है।
नई दिल्ली :  बिहार के रक्सौल जिले के BSF के जवान जितेंद्र कुमार सिंह गुरुवार को बॉर्डर पर पाकिस्तान की और से हुई फायरिंग में शहीद हो गए। वह जम्मू-कश्मीर के आरएस पुरा सेक्टर में BSF के हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे। जितेंद्र रक्सौल के सिसवा गांव के कचहरी टोला के लक्ष्मी सिंह के दूसरे बेटे थे। उनकी बेटी ने कहा कि पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए।
shhid-jitendra-singh-doughter-says-about-join-BSF

जितेंद्र की बड़ी बेटी अर्चना ने कहा कि पीएम मोदीजी से मेरा यह कहना है कि हमारे पिता जैसे हजारों जवानों के शहीद होने के बाद भी क्यों चुप बैठे हैं। पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देना चाहिए। मेरे पापा कहते थे कि तुम बड़ी होकर बीएसएफ की बड़ी अधिकारी बनना और देश की रक्षा के लिए कुर्बानी भी देनी पड़े तो पीछे मत हटना। अब में पापा की जगह लूंगी। और देश के दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दूंगी। मैं जाऊंगी पाकिस्तान से लड़ने, पापा भी यही चाहते थे।

गुरुवार सुबह बीएसएफ के जेसीओ का फोन आया कि हेड कांस्टेबल जितेंद्र सिंह शहीद हो गए। जम्मू में उन्हें राष्ट्रीय समान के साथ सलामी देने बाद शुक्रवार सुबह विमान द्वारा शव दिल्ली पहुंचेगा। दिल्ली से शाम चार बजे विमान द्वारा 6 बजे पटना पहुंचेगा, फिर पटना से शव को उनके पैतृक गांव ले जाया जाएगा।


आपको बता दे कि जितेंद्र सिंह की 1993 में बीएसएफ की नौकरी लगी थी। उनके तीन बच्चे हैं। बड़ी बेटी अर्चना 15 वर्ष की, दूसरी बेटी प्रीति 13 साल की और बेटा रोहित 10 साल का है।
place ad code

अन्य ख़बरों से लगातार अपडेट रहने के लिए हमारे Facebook व Twitter पेज को Join करे :-
loading...

0 comments :

© 2016 Times Patrika. Designed by Bloggertheme9. Powered by Blogger.