Wednesday, 9 November 2016

कालेधन पर लगेगी रोक: अब छिपा कर नहीं रख पाएंगे 2000 का नोट, डिटेक्टर से आपके घर में छिपे नोट भी खोज निकालेगी सरकार!

Dainik Times     11:55    
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नई दिल्ली : काले धन पर नियंत्रण के उद्देश्य से 2000 रुपये के नोट में नैनो टेक्नोलाजी का इस्तेमाल किया गया है। इसमें एक नैनो जीपीएस चिप लगी होगी। जानकारों का कहना है कि यह चिप एक नेटवर्क रिफ्लेक्टर का काम करेगी। यानि हरेक नोट सैटेलाइट से ट्रैक किया जा सकेगा। यही नहीं किसी की जेब में कितना धन है यह भी सरकार आराम से जान सकेगी। यानि अप्पने घर में कितना धन छिपा रखा है ये भी सरकार पता लगा सकेगी।
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अगर किसी स्थान से बड़ी रकम दूसरे स्थान पर ले जाई जा रही है तो उसे सैटेलाइट के माध्यम से पकड़ा जा सकेगा। जानकार बताते हैं कि 2000 रुपए के ऐसे नोट कालेधन पर रोक लगाने में बहुत मददगार होंगे। आयकर विभाग इसके जरिए कालेधन पर फौरी रोकथाम के उपाय कर सकेगा।

2000 के नोट में नैनो जीपीएस चिप लगा होगा। इसमें पावर सोर्स नहीं होता। यह सिग्नल रिफ्लेक्टर की तरह काम करता है। यह नोट की लोकेशन पता करने में सक्षम होगा। 120 मीटर जमीन के अंदर भी नोट का पता चल जाएगा।


सैटेलाइट सिग्नल से पता चलेगा कि किसी खास लोकेशन में कितने नोट हैं। जांच एजेंसियों को इसका पता रहेगा। जमीन के भीतर 120 मीटर गहरे गड्‌ढे में भी यह सिग्नल पकड़ेगा। नोट को नष्ट किए बिना जीपीएस चिप को निकालना संभव नहीं होगा।
नई दिल्ली : काले धन पर नियंत्रण के उद्देश्य से 2000 रुपये के नोट में नैनो टेक्नोलाजी का इस्तेमाल किया गया है। इसमें एक नैनो जीपीएस चिप लगी होगी। जानकारों का कहना है कि यह चिप एक नेटवर्क रिफ्लेक्टर का काम करेगी। यानि हरेक नोट सैटेलाइट से ट्रैक किया जा सकेगा। यही नहीं किसी की जेब में कितना धन है यह भी सरकार आराम से जान सकेगी। यानि अप्पने घर में कितना धन छिपा रखा है ये भी सरकार पता लगा सकेगी।
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अगर किसी स्थान से बड़ी रकम दूसरे स्थान पर ले जाई जा रही है तो उसे सैटेलाइट के माध्यम से पकड़ा जा सकेगा। जानकार बताते हैं कि 2000 रुपए के ऐसे नोट कालेधन पर रोक लगाने में बहुत मददगार होंगे। आयकर विभाग इसके जरिए कालेधन पर फौरी रोकथाम के उपाय कर सकेगा।

2000 के नोट में नैनो जीपीएस चिप लगा होगा। इसमें पावर सोर्स नहीं होता। यह सिग्नल रिफ्लेक्टर की तरह काम करता है। यह नोट की लोकेशन पता करने में सक्षम होगा। 120 मीटर जमीन के अंदर भी नोट का पता चल जाएगा।


सैटेलाइट सिग्नल से पता चलेगा कि किसी खास लोकेशन में कितने नोट हैं। जांच एजेंसियों को इसका पता रहेगा। जमीन के भीतर 120 मीटर गहरे गड्‌ढे में भी यह सिग्नल पकड़ेगा। नोट को नष्ट किए बिना जीपीएस चिप को निकालना संभव नहीं होगा।
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