Thursday, 10 November 2016

मायावती का पीएम मोदी पर हमला, कहा- मोदी ने अपना और अपनी पार्टी का बंदोबस्त कर बंद किए नोट!

Dainik Times     15:22    
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नई दिल्ली : 500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मायावती ने कहा कि मोदी सरकार ने ढाई साल के अपने कार्यकाल में अपना पूरा बंदोबस्त करने के बाद जनता में त्राहि-त्राहि मचाने वाला यह कदम उठाया।
mayawati-attack-on-narendra-modi

मायावती ने कहा कि मोदी सरकार ने यूपी विधानसभा चुनाव नजदीक आता देख अपनी कमियों से जनता का ध्यान हटाने के लिए चुनाव से ऐन पहले देश में कालेधन पर अंकुश लगाने के लिए इमर्जेन्सी लगाने जैसा वातावरण पैदा किया है। इससे देश में 90 प्रतिशत लोग दुखी हैं।

मोदी सरकार ने अपने ढाई साल के कार्यकाल में अपना और अपनी पार्टी की आर्थिक मजबूती का सारा बंदोबस्त कर लिया। पूंजीपतियों को बड़े पैमाने पर लाभ पहुंचाने के बाद आम जनता को परेशान करने का ये कदम उठाया है। जब यह पूरा काम हो गया तो उनको काले धन की याद आयी।


केंद्र ने इतना बड़ा फैसला लेने से पहले गरीबों के बारे में नहीं सोचा। इस फैसले से कालाबाजारी बढ़ गई है। कुछ देर के लिए पेट्रोल पम्पों पर लूट हुई। भाजपा ने उनसे साठगांठ की है कि जितना कमाना है कमा लो, कुछ हिस्सा हमको दे देना। अस्पतालों और मेडिकल स्टोर पर लोगों को भारी परेशानियां हुईं। सबसे बड़ा नुकसान गरीबों, मजदूरों और छोटे कारोबारियों को हुआ।
नई दिल्ली : 500 और 1000 रुपये के नोट बंद होने के बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मायावती ने कहा कि मोदी सरकार ने ढाई साल के अपने कार्यकाल में अपना पूरा बंदोबस्त करने के बाद जनता में त्राहि-त्राहि मचाने वाला यह कदम उठाया।
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मायावती ने कहा कि मोदी सरकार ने यूपी विधानसभा चुनाव नजदीक आता देख अपनी कमियों से जनता का ध्यान हटाने के लिए चुनाव से ऐन पहले देश में कालेधन पर अंकुश लगाने के लिए इमर्जेन्सी लगाने जैसा वातावरण पैदा किया है। इससे देश में 90 प्रतिशत लोग दुखी हैं।

मोदी सरकार ने अपने ढाई साल के कार्यकाल में अपना और अपनी पार्टी की आर्थिक मजबूती का सारा बंदोबस्त कर लिया। पूंजीपतियों को बड़े पैमाने पर लाभ पहुंचाने के बाद आम जनता को परेशान करने का ये कदम उठाया है। जब यह पूरा काम हो गया तो उनको काले धन की याद आयी।


केंद्र ने इतना बड़ा फैसला लेने से पहले गरीबों के बारे में नहीं सोचा। इस फैसले से कालाबाजारी बढ़ गई है। कुछ देर के लिए पेट्रोल पम्पों पर लूट हुई। भाजपा ने उनसे साठगांठ की है कि जितना कमाना है कमा लो, कुछ हिस्सा हमको दे देना। अस्पतालों और मेडिकल स्टोर पर लोगों को भारी परेशानियां हुईं। सबसे बड़ा नुकसान गरीबों, मजदूरों और छोटे कारोबारियों को हुआ।
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