Tuesday, 1 November 2016

एनकाउंटर पर सवाल खड़े करने वालों पर शिवराज सिंह का हमला, बोले- शहीद का बलिदान नहीं दिखता, लानत है ऐसे नेताओं पर!

Dainik Times     14:57    
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नई दिल्ली : भोपाल सेंट्रल जेल से फरार सिमी के आठ आतंकियों के एनकाउंटर पर सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस, आप और असदुद्दीन ओवैसी की ओर से जांच की मांग की गई है। इस बीच, मंगलवार को मध्य प्रदेश सरकार ने कहा कि आतंकी जेल से कैसे भागे, इसकी जांच एनआईए करेगी। पर एनकाउंटर के जांच की कोई जरूरत नहीं है।
shivraj-singh-chauhan-says-simi-terrorist-madhya-pradesh

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा- ''लोगों को शहीद रमाशंकर सिंह का बलिदान नहीं दिखता। दो शब्द शहीद के लिए भी बोल देते। लानत है ऐसी राजनीति और नेताओं पर।''

आपको बता दें कि ओवैसी ने एनकाउंटर को लेकर कहा था, ''आखिर कैदी जेल से भागे कैसे? उनकी जो फोटोज आई हैं, उनमें वे जूते और जींस पहने हुए दिख रहे हैं। क्या जेल में अंडर ट्रायल कैदी को ऐसे रखा जाता है? इसकी जांच होनी चाहिए।''

हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने कहा, ''एसटीएफ और पुलिस चाहती तो जेल से भागने वालों को पकड़ सकती थी। उन पर मुकदमा हो सकता था।''


“सिमी के आतंकियों का जेल से 10 किमी दूर एनकाउंटर कर दिया गया। वे ज्यूडिशियल कस्टडी में थे। यानी वे अंडर ट्रायल थे। ये देखने वाली बात है कि वे घड़ी, जूते और बेल्ट पहने हुए थे। अगर उन्हें मारा गया है तो इसका आधार क्या है? कई सवाल खड़े होते हैं। एनकाउंटर के पीछे कोई मजबूत आधार नजर नहीं आता।''
नई दिल्ली : भोपाल सेंट्रल जेल से फरार सिमी के आठ आतंकियों के एनकाउंटर पर सवाल उठने लगे हैं। कांग्रेस, आप और असदुद्दीन ओवैसी की ओर से जांच की मांग की गई है। इस बीच, मंगलवार को मध्य प्रदेश सरकार ने कहा कि आतंकी जेल से कैसे भागे, इसकी जांच एनआईए करेगी। पर एनकाउंटर के जांच की कोई जरूरत नहीं है।
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मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा- ''लोगों को शहीद रमाशंकर सिंह का बलिदान नहीं दिखता। दो शब्द शहीद के लिए भी बोल देते। लानत है ऐसी राजनीति और नेताओं पर।''

आपको बता दें कि ओवैसी ने एनकाउंटर को लेकर कहा था, ''आखिर कैदी जेल से भागे कैसे? उनकी जो फोटोज आई हैं, उनमें वे जूते और जींस पहने हुए दिख रहे हैं। क्या जेल में अंडर ट्रायल कैदी को ऐसे रखा जाता है? इसकी जांच होनी चाहिए।''

हैदराबाद से सांसद ओवैसी ने कहा, ''एसटीएफ और पुलिस चाहती तो जेल से भागने वालों को पकड़ सकती थी। उन पर मुकदमा हो सकता था।''


“सिमी के आतंकियों का जेल से 10 किमी दूर एनकाउंटर कर दिया गया। वे ज्यूडिशियल कस्टडी में थे। यानी वे अंडर ट्रायल थे। ये देखने वाली बात है कि वे घड़ी, जूते और बेल्ट पहने हुए थे। अगर उन्हें मारा गया है तो इसका आधार क्या है? कई सवाल खड़े होते हैं। एनकाउंटर के पीछे कोई मजबूत आधार नजर नहीं आता।''
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