नई दिल्ली : जयपुर शहर
की निम्स यूनिवर्सिटी के चेयरमैन डॉ. बी.एस. तोमर को रांची पुलिस ने रेप की एफआईआर
के डेढ़ साल बाद मंगलवार सुबह अरेस्ट कर लिया। बता दे की वह एफआईआर दर्ज होने के
बाद से गिरफ्तारी से बच रहे थे। उन पर यूनिवर्सिटी की ही एक स्टूडेंट से रेप का
आरोप है। इस मामले में उनके खिलाफ रांची में 6 फरवरी 2015 को केस दर्ज किया गया
था।
आपको बता दे कि केस
दर्ज होने के बाद जुलाई 2015 में तोमर के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी हुआ, लेकिन जब भी पुलिस उन्हें पकड़ने जाती, वह फरार हो
जाते। रांची एसएसपी कुलदीप द्विवेदी को इन्फॉर्मेशन मिली की आरोपी तोमर जयपुर में
हैं। इस पर रांची पुलिस ने यह कार्रवाई की।
बता दे कि स्टूडेंट
ने एफआईआर में आरोप लगाया था कि तोमर ने उसके साथ रेप किया। पीड़िता के मुताबिक
मामले के खुलासे के बाद परिवार को धमकी के साथ-साथ करोड़ों रुपए का लालच भी दिया
जा रहा था।
आरोप लगाने वाली
जयपुर की निम्स यूनिवर्सिटी में मेडिकल स्टूडेंट के मुताबिक 25 अक्टूबर, 2014 को तोमर एक न्यूज चैनल के इनॉग्रेशन के लिए रांची आए थे। उन्होंने
विक्टिम के साथ उसके पापा को भी प्रोग्राम में इनवाइट किया था।
स्टूडेंट के मुताबिक
रांची रेलवे स्टेशन रोड के होटल बीएनआर में जब प्रोग्राम खत्म हो गया तो तोमर ने
उसे अपने कमरे में बुलाया। इसके बाद तोमर ने उसे एक्सचेंज प्रोग्राम के तहत यूरोप
भेजने की बात की। बातों ही बातों में उसके साथ बदतमीजी करने लगे। रेप के बाद वह
लड़-झगड़कर वहां से भाग आई। यह सिलसिला जयपुर में भी जारी रहा। जब स्टूडेंट वहां
अपनी पढ़ाई पूरी करने गई।
स्टूडेंट का कहना है
कि उसे कॉलेज आवर्स के बाद बुलाया जाता, उसके साथ
गलत तरीके से पेश आया जाता।
अपने साथ हो रही
ज्यादती से जूझ रही स्टूडेंट को तोमर के फोन कॉल भी आते थे, जिसमें वो अश्लील बातें भी करत थे। स्टूडेंट ने उन कॉल की रिकॉर्डिंग भी
पुलिस को दी है।

