Showing posts with label United-Nations. Show all posts
Showing posts with label United-Nations. Show all posts

Thursday, 3 November 2016

संयुक्‍त राष्‍ट्र में पाकिस्‍तान ने उठाया कश्मीर का मु्द्दा, भारत ने लगाई फटकार!

Dainik Times     16:22    
place ad code
नई दिल्ली : एक बार फिर पाकिस्तान ने UN में कश्मीर का राग गया है। संयुक्‍त राष्‍ट्र में पाकिस्‍तान द्वारा कश्‍मीर मुद्दा उठाए जाने और खुद पर मानवाधिकार हनन का आरोप लगाए जाने पर भारत ने पाकिस्तान को करारा जवाब दिया है। भारत ने पलटवार करते हुए कहा कि उसके नागरिकों ने लगातार पाकिस्‍तान के 'प्रॉक्‍सी (छद्म)' आतंकवादी हमलों को सहा है और इन हमलों के जरिए पाकिस्‍तान क्षेत्रीय प्रभुता के एजेंडे को आगे बढ़ाता है।
pakistan-abuses-self-determination-to-bolster-its-own-agenda-india-news-in-hindi

आपको बता दे कि संयुक्‍त राष्‍ट्र में भारत के स्‍थायी मिशन के काउंसलर मयंक जोशी ने 'राइट ऑफ पीपल टु सेल्‍फ-डिटर्मिनेश' विषय पर आयोजित एक सेशन के दौरान कहा कि पाकिस्‍तान, जिसके खुद के नागरिक अपने लोकतांत्रिक अधिकारों से महरूम हैं और जिसने भारतीय राज्‍य जम्‍मू-कश्‍मीर के एक हिस्‍से पर अवैध तरीके से कब्‍जा जमा रखा है, वह भारत के खिलाफ आतंकवादी गतिविधियों के जरिए आत्‍मनिर्णय के अधिकार का हनन करता है और क्षेत्रीय प्रभुता स्‍थापित करने के एजेंडे को बढ़ाता है।

पाकिस्‍तान के दावे को खारिज करते हुए जोशी ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है और वह लोगों की आकांक्षाओं के अनुरूप जम्‍मू-कश्‍मीर में स्‍वतंत्र और निष्‍पक्ष चुनाव करवाता है।

जोशी ने कहा, 'सच्‍चाई तो यह है कि महिलाओं और बच्‍चों सहित भारत के हजारों मासूम नागरिक पाकिस्‍तान के उन छद्म आतंकी हमलों से पीड़‍ित हैं जिन्‍हें हमारे इलाकों में अंजाम दिया जाता है।'

जोशी ने कहा कि भारत ने बार-बार यह कहा है कि पाकिस्तान व्यवहार्यता के सभी अंतरराष्ट्रीय नियमों का स्पष्ट उल्लंघन करते हुए अपने पड़ोसियों के क्षेत्र पर निगाहें गड़ाने के बजाए अगर अपने समाज के समक्ष पेश चुनौतियों की ओर ध्यान देगा, तभी वह अपने नागरिकों की बेहतरी के लिए काम कर सकेगा।

पाकिस्तान न्यूज चैनल के मुताबिक, संयुक्‍त राष्‍ट्र में पाकिस्‍तान की स्‍थायी प्रतिनिधि मलीहा लोधी ने कहा कि कश्‍मीर मुद्दे का समाधान किए बिना दक्षिण एशिया में दीर्घकालिक शांति स्‍थापित नहीं की जा सकती है। साथ ही उन्‍होंने भारत पर कश्‍मीर में मानवाधिकार हनन का आरोप लगाया। लोधी ने कहा, 'कश्‍मीर के लोग आजादी की चाहत से परिपूर्ण हैं और वे आत्‍मनिर्णय के अधिकार के प्रति दृढ़ संकल्पित हैं।'


लोधी ने कहा, 'पाकिस्‍तान कश्‍मीर समस्‍या का समाधान कश्‍मीरी लोगों की इच्‍छाओं और अंतरराष्‍ट्रीय प्रस्‍ताव के अनुरूप करना चाहता है। कश्‍मीर में लाखों लोगों को आत्‍मनिर्णय के अधिकार से वंचित रखना 21वीं सदी की दुखद घटना है। कश्‍मीरी लोग सुरक्षा परिषद (संयुक्‍त राष्‍ट्र की सुरक्षा परिषद के बारे में) के प्रस्‍ताव पर अमल किए जाने का इंतजार कर रहे हैं।' लोधी ने दावा किया कि कश्‍मीर के लोग भारत से आजादी चाहते हैं।

अन्य ख़बरों से लगातार अपडेट रहने के लिए हमारे Facebook व Twitter पेज को Join करे :-

Monday, 31 October 2016

बढ़ने लगा है भारत का रुतबा: संयुक्त राष्ट्र ने पहली बार मनायी दिवाली, भारत बोला धन्यवाद!

Dainik Times     08:48    
place ad code
नई दिल्ली : भारत के बढ़ते रुतवे का नतीजा है कि अब यूएन भी दीपावली जैसे भारतीय त्यौहार को मनाने लगा है। ऐसा पहली बार है जब दुनिया के इस प्रमुख संगठन ने दीवाली मनाई है। यूएन के इस कदम पर भारत की ओर से धन्यवाद कहा गया है।
united-nations-celebrates-diwali-first-time

सेलिब्रेशन के लिए शनिवार को संयुक्त राष्ट्र के न्यू यॉर्क स्थित हेडक्वार्टर की इमारत पर 'हैपी दिवाली' का संदेश लिखा गया। इस मेसेज के साथ एक दीपक भी दिखाई दिया। यह संदेश ब्लू रंग से लिया गया।


संयुक्त राष्ट्र में भारत के ऐंबैसडर और स्थाई प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने यूएन की इस पहल का स्‍वागत किया और ट्विटर पर इसकी तस्वीर साझा की। उन्होंने ट्वीट किया, 'हैपी दिवाली। संयुक्त राष्ट्र पहली बार दिवाली सेलिब्रेट कर रहा है। इस पहल के लिए को धन्यवाद।'

अन्य ख़बरों से लगातार अपडेट रहने के लिए हमारे Facebook व Twitter पेज को Join करे :-

Monday, 26 September 2016

सुषमा का पाक करारा जवाब, UN में कहा - आतंक को पनाह देने वालों को अलग-थलग करना होगा!

Dainik Times     20:33    
place ad code
नई दिल्ली : संयुक्त राष्ट्र के मंच से भारत की विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने पाक पर हमला बोलते हुए कहा कि भारत यह मांग करता है कि जो देश आतंकवादियों और आतंकवाद की पनाहगाह हैं, जहां नीयत और कारनामों में आतंकवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है, ऐसे देशों को अलग-थलग करने की जरूरत है।

पाकिस्तान पर तल्ख हमला करते हुए सुषमा ने कहा कि भारत की मित्रता और बंधुत्व का गलत फायदा उठाकर पाकिस्तान लगातार ऐसे लोगों को बढ़ावा दे रहा है जो आतंकवादी हैं और भारत की सुरक्षा और शांति को प्रभावित करने में लगे हैं।

सुषमा ने कहा कि आतंकवाद मानवाधिकारों का सबसे बड़ा उल्लंघन है और यह दुखद है कि हम आतंकवाद को रोकने में सफल नहीं हुए। सुषमा हालांकि पाकिस्तान का नाम लिए बिना अपनी बात कह रही थीं लेकिन उनका निशाना साफ और स्पष्ट था। सधी भाषा में एक गर्म तेवर वाला भाषण देकर सुषमा ने पाकिस्तान के खिलाफ़ भारत की नाराजगी को मजबूत ढंग से पेश किया।

उन्होंने पूछा, 'आतंकवादियों को पनाह कौन देता है? आतंकवादियों का मददगार कौन है? जिसने आतंकवाद का बीज बोया, उसने कड़वा फल खाया है।' सुषमा ने कहा कि जिन्हें आतंकवाद को पालने का शौक है, उन्हें अलग-थलग करना होगा।

कश्मीर का मुद्दा पाकिस्तान बारहां उठाता रहा है। संयुक्त राष्ट्र में अपने भाषण के दौरान भी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ ने कश्मीर की स्वायत्तता और वहां मानवाधिकारों का मसला उछाला था। सुषमा इस पर पाकिस्तान को आड़े हाथों लेते हुए बोलीं कि जम्मू कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और रहेगा। कश्मीर को हासिल करने का पाकिस्तान का मंसूबा कभी कामयाब नहीं होगा। मित्रता के साथ विवाद सुलझाने की कोशिश की गई। हमें बदले में क्या मिला, उरी जैसा आतंकी हमला? बहादुर अली सीमापार से आतंकवाद का जीता जागता सबूत है।

सुषमा स्वराज ने बलूचिस्तान का भी मुद्दा भी उठाया और वहां लगातार जारी मानवाधिकारों के उल्लंघन पर काफी सख्त शब्दों में पाकिस्तान की आलोचना की। सुषमा ने कहा कि बलूचिस्तान में पाकिस्तान ने अमानवीयता की हदें पार कर दी हैं। नवाज के भाषण का प्रत्योत्तर देते हुए सुषमा ने कहा, 'जिनके घर शीशे के हों, वो दूसरों पर पत्थर न फेंकें।


कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन का राग अलापने वाले पाकिस्तान के लिए इस भाषण के बाद बलूचिस्तान पर शर्मसार होने की स्थिति सुषमा ने अपने भाषण के जरिए पैदा कर दी है। पाकिस्तान को अब बलूचिस्तान में अपनी ज़्यादतियों के लिए विश्व समुदाय को सफाई देनी पड़ेगी।

अन्य ख़बरों से लगातार अपडेट रहने के लिए हमारे Facebook व Twitter पेज को Join करे :-

Thursday, 22 September 2016

संयुक्त राष्ट्र में भारत ने कहा- जिन्हें UN ने आतंकी करार दिया है वे पाकिस्तान की सड़कों पर खुलेआम घूमते हैं!

Dainik Times     11:45    
place ad code
नई दिल्ली : संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र में पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ द्वारा कश्मीर का मुद्दा उठाए जाने के कुछ घंटे बाद भारत ने आज पाकिस्तान को एक आतंकी देशबताया और आरोप लगाया कि वह आतंकवाद को प्रायोजित करने की अपनी दीर्घकालिक रणनीतिके जरिए भारतीयों के खिलाफ युद्ध अपराधोंको अंजाम देता है।
india-condemns-nawaz-sharifs-un-speech-news-in-hindi

भारत ने कड़ा जवाब देते हुए कहा कि जिन लोगों को संयुक्त राष्ट्र ने आतंकवादी करार दिया है, वे पाकिस्तान की सड़कों पर खुले आम घूमते हैं और सरकार की मदद से अपनी गतिविधियों को अंजाम देते हैं।

आपको बता दे कि भारत के जम्मू-कश्मीर की स्थिति के बारे में लगाए गए भारी आक्षेपोंके जवाब के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन की पहली सचिव ई. गंभीर ने कहा कि मानवाधिकारों का सबसे बड़ा उल्लंघन आतंकवाद है।

उन्होंने कहा, जब इसका इस्तेमाल सरकारी नीति के तौर पर किया जाता है तो यह एक युद्ध अपराध है। मेरा देश और अन्य देश आज पाकिस्तान की आतंकवाद को प्रायोजित करने की दीर्घकालिक नीति का सामना कर रहे हैं, जिसके परिणाम हमारे क्षेत्र से परे तक फैले हैं।

गंभीर ने कहा कि भारत पाकिस्तान को एक आतंकी देशके रूप में देखता है, जो अपने पड़ोसियों के खिलाफ छेड़े गए परोक्ष आतंकी युद्धों में अरबों डॉलर का इस्तेमाल आतंकी समूहों के प्रशिक्षण, वित्त पोषण और मदद के लिए करता है। इसमें से अधिकतर राशि अंतरराष्ट्रीय मदद से मिलती है।

जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर और मुंबई आतंकी हमले के मास्टर माइंड जकीउर रहमान लखवी का संदर्भ देते हुए गंभीर ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र की ओर से आतंकी करार दिए गए संगठन और उनके नेता पाकिस्तान की सड़कों पर खुले आम घूमते हैं और सरकार की मदद से अपनी गतिविधियों को अंजाम देते हैं।

उन्होंने कहा, अधिकारियों की मंजूरी के साथ, कई आतंकी संगठन पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारियों का खुला उल्लंघन करते हुए खुले आम धन जुटाते हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान बात तो संयम, त्याग और शांति की करता है लेकिन उसके परमाणु प्रसार के रिकॉर्ड पर धूर्तता और कपट की छाप है।


गंभीर ने कहा, आतंकवाद के मुद्दे पर उसने हमसे और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से ऐसे ही झूठे वादे किए हैं। पाकिस्तान के लिए अच्छा रहेगा कि वह झूठ बोलना बंद करने और धमकियां देने से बचने से शुरुआक करे। भारत ने हिजबुल मुजाहिद्दीन के आतंकी बुरहान वानी का यशगान करने वाले शरीफ की भी आलोचना की। बुरहान वानी आठ जुलाई को भारतीय बलों के हाथों मारा गया था।

अन्य ख़बरों से लगातार अपडेट रहने के लिए हमारे Facebook व Twitter पेज को Join करे :-

Thursday, 15 September 2016

भारत ने संयुक्त राष्ट्र में उठाया बलूचिस्तान का मुद्दा, आतंकवाद पर पाक को लगाई फटकार!

Dainik Times     07:08    
place ad code
नई दिल्ली : भारत ने संयुक्त राष्ट्र में पहली बार बलूचिस्तान का मुद्दा उठाते हुए पाकिस्तान पर बलूचिस्तान के साथ ही पाक कब्जे वाले कश्मीर(POK) में व्यापक मानवाधिकार उल्लंघन करने का आरोप लगाया।
india-raises-balochistan-issue-in-united-nations-news-in-hindi

आपको बता दे कि संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के 33वें सत्र के दौरान भारत ने बुधवार को पाकिस्तान पर तीखा हमला करते हुए कहा कि कश्मीर में गड़बड़ियों का मुख्य कारण पाकिस्तान प्रायोजित सीमापार आतंकवाद है, जो उसकी क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाएं से उपजा है जो कि बार-बार हुए सशस्त्र आक्रमणों से ठोस तौर पर अभिव्यक्त हुई हैं।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के राजदूत एवं स्थायी प्रतिनिधि अजित कुमार ने कहा कि पाकिस्तान का निराशाजनक पिछला रिकॉर्ड जगजाहिर है और कई देशों ने बार-बार पाकिस्तान से कहा है कि वह सीमा पार घुसपैठ रोके, आतंकवाद के ढांचे को नष्ट करे और आतंकवाद के केंद्र के तौर पर काम करना बंद करे।

अजित कुमार ने कहा कि एक शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक और बहुलतावादी समाज के तौर पर भारत की साख अच्छी तरह से प्रमाणित है जो कि अपने लोगों के कल्याण के प्रति गहरायी से प्रतिबद्ध है। इसके विपरीत पाकिस्तान की पहचान तानाशाही, लोकतांत्रिक नियमों की अनुपस्थिति वाला और बलूचिस्तान सहित देश में व्यापक मानवाधिकार उल्लंघनकर्ता के तौर है।

पाकिस्तान के बयान पर जवाब देने के अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए अजित कुमार ने कहा कि पाकिस्तान एक ऐसा देश है जिसने बलूचिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के साथ ही अपने नागरिकों का भी मानवाधिकारों का योजनाबद्ध तरीके से उल्लंघन किया है।

उन्होंने कहा, कश्मीर में गड़बड़ियों का मूल कारण पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित सीमापार आतंकवाद है जिसने 1989 से अलगाववादी समूहों एवं आतंकवादी तत्वों को सक्रिय समर्थन दिया है। इन आतंकवादी तत्वों में वे भी शामिल है जो पाकिस्तान के नियंत्रण वाले क्षेत्र से संचालित होते हैं।

उन्होंने कहा, पाकिस्तान ने एक बार फिर अपनी क्षेत्रीय महत्वाकांक्षाओं को ढकने और मानवाधिकार के लिए चिंता के नाम पर आतंकवाद का इस्तेमाल राष्ट्रीय नीति के तौर पर करने का प्रयास किया है।

अजित कुमार ने कहा, जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा रहेगा। हम जम्मू-कश्मीर की जनता द्वारा नियमित रूप से अपनाई जा रही लोकतांत्रिक पसंद को पाकिस्तान द्वारा नीचा दिखाने के प्रयासों को खारिज करते हैं।

भारत ने कहा कि पाकिस्तान अन्य को संयम बरतने की सलाह देता है लेकिन अपने ही लोगों के खिलाफ वायु शक्ति का इस्तेमाल करने से नहीं हिचकता।

अजित कुमार ने कहा, पाकिस्तान संयुक्त राष्ट्र द्वारा घोषित आतंकवादियों को भी निरंतर शरण दिये हुए है, इसलिए इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि पाकिस्तान पिछले साल मानवाधिकार परिषद की सदस्यता हासिल करने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को राजी करने में नाकाम रहा।

भारत के राजदूत अजित कुमार ने कहा कि भारत पाकिस्तान द्वारा भारतीय राज्य जम्मू-कश्मीर से जुड़े आंतरिक मामलों के बारे में भेदभावपूर्ण बातें करने के लिए परिषद के निरंतर दुरुपयोग को खारिज करता है।


दोनों नेताओं ने तीनों देशों द्वारा इस परियोजना में प्रमुख हितधारकों का एक संयुक्त फोरम बनाने के हाल में लिए गए निर्णय का भी स्वागत किया जिसमें व्यवसाय और उद्योग जगत के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।

अन्य ख़बरों से लगातार अपडेट रहने के लिए हमारे Facebook व Twitter पेज को Join करे :-
© 2016 Times Patrika. Designed by Bloggertheme9. Powered by Blogger.