योग गुरु बाबा रामदेव ने रविवार को जहां एक ओर विदेशों में रखे कालेधन को वापस लाने के लिए केंद्र सरकार के प्रयासों पर अपना असंतोष व्यक्त किया। तो साथ ही वहीं 'उड़ता पंजाब' को लेकर चल रहे विवाद पर कुछ भी बोलने से बचते दिखे। हालांकि, इससे पहले शनिवार को उन्होंने पंजाब में नशे के कारोबार पर मजाकिया लहजे में ही सही, पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को ही निशाने पर ले लिया।
बाबा रामदेव ने शनिवार को कहा, 'देश में नशे का इस्तेमाल बढ़ रहा है, जिसे रोका जाना चाहिए। इस संबंध में किसी एक को नही बल्कि सभी को प्रयास करने की आवश्यकता है।' जालंधर में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में नशीले पदार्थों की समस्याओं के खिलाफ पार्टी के प्रस्तावित धरने पर उन्होंने कहा, 'पहले उनसे (राहुल से) यह पूछा जाना चाहिए कि क्या उन्होंने कभी अपनी जिंदगी में नशीली दवाएं ली हैं।'
कालेधन पर नहीं उठाए गए प्रभावी कदम :-
बाबा रामदेव कहा, 'कालेधन के मुद्दे पर सरकार द्वारा कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जाने के कारण, मैं और देश के लोग असंतुष्ट हैं।' योगगुरु ने कहा, 'मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री अरुण जेटली और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से इस मुद्दे पर बातचीत की है। जब लोग संसद में सुन रहे हो तो हमें सड़कों पर नहीं बोलना चाहिए। वे कम से कम सुन तो रहे हैं।' उन्होंने विकास योजनाओं को लागू करने एवं भ्रष्टाचार के प्रति उसकी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने की नीति के कारण केंद्र सरकार की सराहना भी की।
अगर ऐसा हुआ तो आलसी बन जाएंगे बीजेपी कार्यकर्ता :-
रामदेव ने राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष बनाने की योजना को लेकर उन्होंने कांग्रेस को आड़े हाथ लिया। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, 'यदि राहुल गांधी को पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया तो बीजेपी कार्यकर्ता आलसी बन जाएंगे, क्योंकि उन्हें कम मेहतन करनी पड़ेगी। लेकिन यदि वे प्रियंका को अध्यक्ष बनाना पसंद करते हैं तो बीजेपी के लोगों को योग करना पड़ सकता है।'
आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने पिछले माह रामदेव की सराहना करते हुए कहा था कि कड़ी मेहनत के जरिए उन्होंने भारी सफलता प्राप्त की है। इस पर योग गुरु ने कहा, 'कुछ लोगों को हजम नहीं हो रहा क्योंकि लालूजी ने रामदेव की आलोचना बंद कर दी है।'
योग गुरु बाबा रामदेव ने रविवार को जहां एक ओर विदेशों में रखे कालेधन को वापस लाने के लिए केंद्र सरकार के प्रयासों पर अपना असंतोष व्यक्त किया। तो साथ ही वहीं 'उड़ता पंजाब' को लेकर चल रहे विवाद पर कुछ भी बोलने से बचते दिखे। हालांकि, इससे पहले शनिवार को उन्होंने पंजाब में नशे के कारोबार पर मजाकिया लहजे में ही सही, पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को ही निशाने पर ले लिया।
बाबा रामदेव ने शनिवार को कहा, 'देश में नशे का इस्तेमाल बढ़ रहा है, जिसे रोका जाना चाहिए। इस संबंध में किसी एक को नही बल्कि सभी को प्रयास करने की आवश्यकता है।' जालंधर में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में नशीले पदार्थों की समस्याओं के खिलाफ पार्टी के प्रस्तावित धरने पर उन्होंने कहा, 'पहले उनसे (राहुल से) यह पूछा जाना चाहिए कि क्या उन्होंने कभी अपनी जिंदगी में नशीली दवाएं ली हैं।'
कालेधन पर नहीं उठाए गए प्रभावी कदम :-
बाबा रामदेव कहा, 'कालेधन के मुद्दे पर सरकार द्वारा कोई प्रभावी कदम नहीं उठाए जाने के कारण, मैं और देश के लोग असंतुष्ट हैं।' योगगुरु ने कहा, 'मैंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री अरुण जेटली और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह से इस मुद्दे पर बातचीत की है। जब लोग संसद में सुन रहे हो तो हमें सड़कों पर नहीं बोलना चाहिए। वे कम से कम सुन तो रहे हैं।' उन्होंने विकास योजनाओं को लागू करने एवं भ्रष्टाचार के प्रति उसकी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करने की नीति के कारण केंद्र सरकार की सराहना भी की।
अगर ऐसा हुआ तो आलसी बन जाएंगे बीजेपी कार्यकर्ता :-
रामदेव ने राहुल गांधी को पार्टी अध्यक्ष बनाने की योजना को लेकर उन्होंने कांग्रेस को आड़े हाथ लिया। उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा, 'यदि राहुल गांधी को पार्टी का अध्यक्ष बनाया गया तो बीजेपी कार्यकर्ता आलसी बन जाएंगे, क्योंकि उन्हें कम मेहतन करनी पड़ेगी। लेकिन यदि वे प्रियंका को अध्यक्ष बनाना पसंद करते हैं तो बीजेपी के लोगों को योग करना पड़ सकता है।'
आरजेडी प्रमुख लालू यादव ने पिछले माह रामदेव की सराहना करते हुए कहा था कि कड़ी मेहनत के जरिए उन्होंने भारी सफलता प्राप्त की है। इस पर योग गुरु ने कहा, 'कुछ लोगों को हजम नहीं हो रहा क्योंकि लालूजी ने रामदेव की आलोचना बंद कर दी है।'
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