हरारे : शुरुआती मैच में शिकस्त का सामना करने वाली भारतीय टीम के युवा खिलाड़ियों को जिम्बाब्वे खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में बने रहने के लिए दूसरे ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में सोमवार को अपने खेल में सुधार करना होगा। भारतीय टीम जब से दौरे पर है, तब से पहली बार उनके खेल की परीक्षा हुई और वह महत्वपूर्ण मौके पर लड़खड़ा गए।
कप्तान महेंद्रसिंह धोनी अंतिम ओवर में टीम को जीत नहीं दिला सके लेकिन इसके लिए वह बल्लेबाज भी दोषी रहे जो अच्छी शुरुआत करने के बाद महत्वपूर्ण मौके पर आउट हो गए। मनीष पांडे ने तेजी से 48 रन बनाए, पदार्पण कर रहे मंदीप सिंह भी टीम के लिए अंत तक खेलकर जीत दिलाना पसंद करते लेकिन वह आउट हो गए।
टीम की बेंच स्ट्रेथ आजमाने के लिए युवाओं को चुना गया। गेंदबाजों ने भी निराश किया जिन्हें दौरे में पहली बार मौका दिया गया था। जिम्बाब्वे ने वन-डे सीरीज में करारी हार के बाद जोरदार वापसी की, लेकिन भारतीय गेंदबाजों की गलतियों की वजह से उन्होंने 170 रन का स्कोर खड़ा किया।
ऑलराउंडर ऋषि धवन ऑस्ट्रेलियाई दौरे के बाद पहली बार खेल रहे हैं। उन्होंने अपना टी-20 अंतरराष्ट्रीय आगाज करते हुए सामान्य प्रदर्शन किया और चार ओवरों में 42 रन लुटा दिए।
तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट पर भी दबाव था, जो करीब तीन साल बाद भारतीय टीम में खेल रहे हैं। यह देखना होगा कि उन्हें एक और मैच मिलता है या नहीं, या फिर धवन को अंतिम एकादश से बाहर करके बरिंदर सरन और धवल कुलकर्णी को मौका दिया जाएगा। लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने वन-डे में प्रभावित किया था। पिछले मैच में वह खास नहीं कर सके लेकिन वह वापसी करना चाहेंगे।
दोनों टीमें निम्न प्रकार है :-
भारत :-महेंद्रसिंह धोनी (कप्तान), केएल राहुल, फैज फजल, मनीष पांडे, करूण नायर, अंबाती रायुडू, ऋषि धवन, अक्षर पटेल, जयंत यादव, धवल कुलकर्णी, जसप्रीत बुमराह, बरिंदर सरन, मनदीप सिंह, केदार जाधव, जयदेव उनादकट, युजवेंद्र चहल।
जिम्बाब्वे :- ग्रीम क्रेमर (कप्तान), वी सिबांडा, सिकंदर रजा, एल्टन चिगुम्बुरा, हैमिल्टन मस्काद्जा, वेलिंगटन मस्काद्जा, तेंदाई चतारा, चामू चिभाभा, डोनाल्ड तिरिपानो, मैल्कम वॉलेर, पीटर मूर, तापिवा मुफुद्जा, टिनोटेंडा मुतोंबोद्जी, रिचमंड मुतुंबामी, तौराई मुजारबानी, ब्रायन चारी, नेविल मादजिवा, तिमीसेन मारूमा।
हरारे : शुरुआती मैच में शिकस्त का सामना करने वाली भारतीय टीम के युवा खिलाड़ियों को जिम्बाब्वे खिलाफ तीन मैचों की सीरीज में बने रहने के लिए दूसरे ट्वेंटी-20 अंतरराष्ट्रीय मैच में सोमवार को अपने खेल में सुधार करना होगा। भारतीय टीम जब से दौरे पर है, तब से पहली बार उनके खेल की परीक्षा हुई और वह महत्वपूर्ण मौके पर लड़खड़ा गए।
कप्तान महेंद्रसिंह धोनी अंतिम ओवर में टीम को जीत नहीं दिला सके लेकिन इसके लिए वह बल्लेबाज भी दोषी रहे जो अच्छी शुरुआत करने के बाद महत्वपूर्ण मौके पर आउट हो गए। मनीष पांडे ने तेजी से 48 रन बनाए, पदार्पण कर रहे मंदीप सिंह भी टीम के लिए अंत तक खेलकर जीत दिलाना पसंद करते लेकिन वह आउट हो गए।
टीम की बेंच स्ट्रेथ आजमाने के लिए युवाओं को चुना गया। गेंदबाजों ने भी निराश किया जिन्हें दौरे में पहली बार मौका दिया गया था। जिम्बाब्वे ने वन-डे सीरीज में करारी हार के बाद जोरदार वापसी की, लेकिन भारतीय गेंदबाजों की गलतियों की वजह से उन्होंने 170 रन का स्कोर खड़ा किया।
ऑलराउंडर ऋषि धवन ऑस्ट्रेलियाई दौरे के बाद पहली बार खेल रहे हैं। उन्होंने अपना टी-20 अंतरराष्ट्रीय आगाज करते हुए सामान्य प्रदर्शन किया और चार ओवरों में 42 रन लुटा दिए।
तेज गेंदबाज जयदेव उनादकट पर भी दबाव था, जो करीब तीन साल बाद भारतीय टीम में खेल रहे हैं। यह देखना होगा कि उन्हें एक और मैच मिलता है या नहीं, या फिर धवन को अंतिम एकादश से बाहर करके बरिंदर सरन और धवल कुलकर्णी को मौका दिया जाएगा। लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने वन-डे में प्रभावित किया था। पिछले मैच में वह खास नहीं कर सके लेकिन वह वापसी करना चाहेंगे।
दोनों टीमें निम्न प्रकार है :-
भारत :-महेंद्रसिंह धोनी (कप्तान), केएल राहुल, फैज फजल, मनीष पांडे, करूण नायर, अंबाती रायुडू, ऋषि धवन, अक्षर पटेल, जयंत यादव, धवल कुलकर्णी, जसप्रीत बुमराह, बरिंदर सरन, मनदीप सिंह, केदार जाधव, जयदेव उनादकट, युजवेंद्र चहल।
जिम्बाब्वे :- ग्रीम क्रेमर (कप्तान), वी सिबांडा, सिकंदर रजा, एल्टन चिगुम्बुरा, हैमिल्टन मस्काद्जा, वेलिंगटन मस्काद्जा, तेंदाई चतारा, चामू चिभाभा, डोनाल्ड तिरिपानो, मैल्कम वॉलेर, पीटर मूर, तापिवा मुफुद्जा, टिनोटेंडा मुतोंबोद्जी, रिचमंड मुतुंबामी, तौराई मुजारबानी, ब्रायन चारी, नेविल मादजिवा, तिमीसेन मारूमा।
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