नई
दिल्ली : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक
बार फिर पीएम मोदी पर निशाना साधा है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि इंटरस्टेट
काउंसिल की मीटिंग में शामिल होने के लिए जब वो मीटिंग हॉल की तरफ बढ़े तो उन्हें
फोन नहीं ले जाने दिया गया।
आपको बता दे कि पीएम मोदी की
अध्यक्षता में ने 16 जुलाई को 10 साल बाद काउंसिल की मीटिंग रखी गई थी।
अरविंद केजरीवाल ने यह बातें ‘अरविंद केजरीवाल एंड आम आदमी पार्टी – ऑन इनसाइड लुक’
नामी किताब के लॉन्च के मौके पर कही। यह किताब उनके IIT खड़गपुर के एक साथी ने लिखी है।
केजरीवाल का कहना है कि
उन्हें, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और कुछ अन्य नेताओं को मोबाइल फोन बाहर
रखने को कहा गया।
केजरीवाल ने यह भी बताया कि ममता
जी ने इसका विरोध किया और कहा कि अगर उनके सूबे में कोई इमर्जेंसी हुई तो उन्हें
कैसे पता चलेगा, जिसके बाद उन्हें मोबाइल फोन अंदर ले जाने दिया
गया, लेकिन उन्हें इसकी इजाजत नहीं मिली।
केजरीवाल का कहना है कि
मीटिंग में उन्हें और ममता बनर्जी को काई बार बोलने के दौरान बीच में ही रोका गया।
केजरीवाल का सवाल है कि अगर पीएम मोदी विपक्ष की सुनना ही नहीं चाहते तो उन्हें
बुलाया ही क्यों गया था।
केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर
आरोप लगाया कि वह उन्हें ठीक से काम नहीं करने देती। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली
में परेशानी उनके पंजाब या गोवा जाने की वजह से नहीं बल्कि केंद्रीय सरकार की
दखलांदाज़ी से होती है।
उनका कहना है कि केंद्र सरकार
ने उनसे किसी ऑफिसर को गिरफ्तार करने का हक भी छीन लिया है और इसका मतलब यह हुआ की
अगर कोई ऑफिसर घूस लेता हुआ भी पकड़ा जाए तो वो उसे जेल नहीं भेज सकते।
नई
दिल्ली : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने एक
बार फिर पीएम मोदी पर निशाना साधा है। केजरीवाल ने आरोप लगाया कि इंटरस्टेट
काउंसिल की मीटिंग में शामिल होने के लिए जब वो मीटिंग हॉल की तरफ बढ़े तो उन्हें
फोन नहीं ले जाने दिया गया।
आपको बता दे कि पीएम मोदी की
अध्यक्षता में ने 16 जुलाई को 10 साल बाद काउंसिल की मीटिंग रखी गई थी।
अरविंद केजरीवाल ने यह बातें ‘अरविंद केजरीवाल एंड आम आदमी पार्टी – ऑन इनसाइड लुक’
नामी किताब के लॉन्च के मौके पर कही। यह किताब उनके IIT खड़गपुर के एक साथी ने लिखी है।
केजरीवाल का कहना है कि
उन्हें, पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी और कुछ अन्य नेताओं को मोबाइल फोन बाहर
रखने को कहा गया।
केजरीवाल ने यह भी बताया कि ममता
जी ने इसका विरोध किया और कहा कि अगर उनके सूबे में कोई इमर्जेंसी हुई तो उन्हें
कैसे पता चलेगा, जिसके बाद उन्हें मोबाइल फोन अंदर ले जाने दिया
गया, लेकिन उन्हें इसकी इजाजत नहीं मिली।
केजरीवाल का कहना है कि
मीटिंग में उन्हें और ममता बनर्जी को काई बार बोलने के दौरान बीच में ही रोका गया।
केजरीवाल का सवाल है कि अगर पीएम मोदी विपक्ष की सुनना ही नहीं चाहते तो उन्हें
बुलाया ही क्यों गया था।
केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर
आरोप लगाया कि वह उन्हें ठीक से काम नहीं करने देती। केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली
में परेशानी उनके पंजाब या गोवा जाने की वजह से नहीं बल्कि केंद्रीय सरकार की
दखलांदाज़ी से होती है।
उनका कहना है कि केंद्र सरकार
ने उनसे किसी ऑफिसर को गिरफ्तार करने का हक भी छीन लिया है और इसका मतलब यह हुआ की
अगर कोई ऑफिसर घूस लेता हुआ भी पकड़ा जाए तो वो उसे जेल नहीं भेज सकते।
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