Sunday, 24 July 2016

भारत ने पहली बार चीन के तीन पत्रकारों को दिखाया बाहर का रास्ता, 31 जुलाई तक छोड़ना होगा देश!

Dainik Times     10:16    
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नई दिल्ली: भारत ने चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के तीन जर्नलिस्ट को 31 जुलाई तक देश छोड़ने के लिए कहा है। सरकार ने इनका वीजा बढ़ाने से मना कर दिया। इसकी कोई वजह भी नहीं बताई है।

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लेकिन कहा जा रहा है कि यह फैसला इंटेलिजेंस एजेंसियों के अलर्ट के बाद लिया गया है। भारत ने चीन के मामले में पहली बार इस तरह का कदम उठाया है। आरोप है कि ये लोग संदिग्ध गतिविधियों में भी शामिल थे। इस कदम के बाद भारत और चीन के रिश्तों में और खटास आ सकती है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इन जर्नलिस्ट के नाम वाउ कियांग, लु तांग और योंगांग है। वाउ और लु, शिन्हुआ के दिल्ली ब्यूरो में काम करते हैं। और योगांग मुंबई में रिपोर्टर हैं।

सूत्रों के अनुसार- "इस कार्रवाई का यह मतलब नहीं है कि शिन्हुआ के जर्नलिस्ट भारत में काम नहीं कर सकते। एजेंसी इनकी जगह पर नए अप्वॉइंटमेंट्स कर सकती है।"

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि इंटेलिजेंस एजेंसियों ने यह अलर्ट दिया था कि ये तीनों जर्नलिस्ट किसी और नाम और पहचान का इस्तेमाल कर कुछ ऐसी जगहों पर विजिट कर रहे हैं जहां आम लोगों या मीडिया के जाने पर मनाही है।

इनकी गतिविधियों पर इंटेलिजेंस एजेंसियों को शक था। इस वजह से इनका वीजा नहीं बढ़ाने का फैसला किया गया है। ये मामला ऐसे समय आया है जब भारत और चीन के बीच रिलेशन में तनाव चल रहा है।

आपको बता दे कि वाउ भारत में पिछले सात से काम कर रहे हैं। जबकि, लु और योंगांग की पिछले साल ही मुंबई में पोस्टिंग हुई थी। बता दें कि न्यूज एजेंसी शिन्हुआ चीन के स्टेट काउंसिल या चाइनीज कैबिनेट के तहत काम करती है।

दोनों देशों के जर्नलिस्ट को वीजा देने में देरी करने का इतिहास रहा है। लेकिन, यह शायद पहली बार हुआ है कि भारत ने किन्हीं जर्नलिस्ट के वीजा रिन्यू करने से मना कर दिया। इन तीनों के वीजा पहले ही एक्सपायर हो गए थे। इन्हें 14 जुलाई को बताया कि इन्हें 31 जुलाई को देश छोड़ना है।

सूत्रों के अनुसार भारत के इस फैसले के बाद चीन भी ऐसी ही कार्रवाई कर सकता है। वाउ ने अखबार 'द हिंदू' को बताया- "वीजा रिन्यू न करने की कोई वजह नहीं बताई गई है।"
नई दिल्ली: भारत ने चीन की सरकारी न्यूज एजेंसी शिन्हुआ के तीन जर्नलिस्ट को 31 जुलाई तक देश छोड़ने के लिए कहा है। सरकार ने इनका वीजा बढ़ाने से मना कर दिया। इसकी कोई वजह भी नहीं बताई है।

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लेकिन कहा जा रहा है कि यह फैसला इंटेलिजेंस एजेंसियों के अलर्ट के बाद लिया गया है। भारत ने चीन के मामले में पहली बार इस तरह का कदम उठाया है। आरोप है कि ये लोग संदिग्ध गतिविधियों में भी शामिल थे। इस कदम के बाद भारत और चीन के रिश्तों में और खटास आ सकती है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इन जर्नलिस्ट के नाम वाउ कियांग, लु तांग और योंगांग है। वाउ और लु, शिन्हुआ के दिल्ली ब्यूरो में काम करते हैं। और योगांग मुंबई में रिपोर्टर हैं।

सूत्रों के अनुसार- "इस कार्रवाई का यह मतलब नहीं है कि शिन्हुआ के जर्नलिस्ट भारत में काम नहीं कर सकते। एजेंसी इनकी जगह पर नए अप्वॉइंटमेंट्स कर सकती है।"

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि इंटेलिजेंस एजेंसियों ने यह अलर्ट दिया था कि ये तीनों जर्नलिस्ट किसी और नाम और पहचान का इस्तेमाल कर कुछ ऐसी जगहों पर विजिट कर रहे हैं जहां आम लोगों या मीडिया के जाने पर मनाही है।

इनकी गतिविधियों पर इंटेलिजेंस एजेंसियों को शक था। इस वजह से इनका वीजा नहीं बढ़ाने का फैसला किया गया है। ये मामला ऐसे समय आया है जब भारत और चीन के बीच रिलेशन में तनाव चल रहा है।

आपको बता दे कि वाउ भारत में पिछले सात से काम कर रहे हैं। जबकि, लु और योंगांग की पिछले साल ही मुंबई में पोस्टिंग हुई थी। बता दें कि न्यूज एजेंसी शिन्हुआ चीन के स्टेट काउंसिल या चाइनीज कैबिनेट के तहत काम करती है।

दोनों देशों के जर्नलिस्ट को वीजा देने में देरी करने का इतिहास रहा है। लेकिन, यह शायद पहली बार हुआ है कि भारत ने किन्हीं जर्नलिस्ट के वीजा रिन्यू करने से मना कर दिया। इन तीनों के वीजा पहले ही एक्सपायर हो गए थे। इन्हें 14 जुलाई को बताया कि इन्हें 31 जुलाई को देश छोड़ना है।

सूत्रों के अनुसार भारत के इस फैसले के बाद चीन भी ऐसी ही कार्रवाई कर सकता है। वाउ ने अखबार 'द हिंदू' को बताया- "वीजा रिन्यू न करने की कोई वजह नहीं बताई गई है।"
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