नई दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के
खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का शिकंजा और कसता जा रहा है. बीकानेर में जमीन
सौदा मामले में ईडी ने उनकी नई फर्म स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी एलएलपी को एक बार फिर
से नोटिस जारी किया है. मई 2016 में शुरू हुई उनकी इस नई कंपनी का नाम भी पुरानी कंपनी पर
ही रखा गया है, जबकि
दोनों के कामकाज और दायित्व में अंतर है.
जानकारी के मुताबिक, ताजा नोटिस अकाउंट स्टेटमेंट जमा करने को लेकर जारी हुआ है.
निदेशालय ने इससे पहले कंपनी को जून महीने में भी नोटिस जारी किया था, जिस पर कोई जवाब नहीं आया. ऐसे में एक बार फिर से नोटिस
जारी किया गया है.
आपको बता दें कि ईडी ने
स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी को नोटिस भेजकर वित्तीय लेन-देन की जानकारी मांगी है. जमीन
सौदे में कथित ‘मनी
लॉन्ड्रिंग' की
जांच के संबंध में ईडी ने यह कार्रवाई की है. कंपनी से मामले के जांच अधिकारी
(आईओ) को कुछ निश्चित वित्तीय विवरण और अन्य दस्तावेज देने को कहा गया है.
दरअसल ईडी ने मई महीने
में राजस्थान और अन्य स्थानों पर इस मामले में गहन तलाशी की थी और कई दस्तावेज
मिलने का दावा किया था. यह जांच बीकानेर के कोलायत इलाके में कथित रूप से कंपनी
द्वारा 275
बीघा भूमि खरीदे जाने के संबंध में है.
केंद्रीय जांच
एजेंसी ने इस मामले में पिछले साल मनी लॉन्ड्रिंग का एक मामला दर्ज किया था. एक
स्थानीय तहसीलदार के शिकायत करने के बाद राज्य पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी को
इसका आधार बनाया गया था.
नई दिल्ली : कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के
खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का शिकंजा और कसता जा रहा है. बीकानेर में जमीन
सौदा मामले में ईडी ने उनकी नई फर्म स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी एलएलपी को एक बार फिर
से नोटिस जारी किया है. मई 2016 में शुरू हुई उनकी इस नई कंपनी का नाम भी पुरानी कंपनी पर
ही रखा गया है, जबकि
दोनों के कामकाज और दायित्व में अंतर है.
जानकारी के मुताबिक, ताजा नोटिस अकाउंट स्टेटमेंट जमा करने को लेकर जारी हुआ है.
निदेशालय ने इससे पहले कंपनी को जून महीने में भी नोटिस जारी किया था, जिस पर कोई जवाब नहीं आया. ऐसे में एक बार फिर से नोटिस
जारी किया गया है.
आपको बता दें कि ईडी ने
स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी को नोटिस भेजकर वित्तीय लेन-देन की जानकारी मांगी है. जमीन
सौदे में कथित ‘मनी
लॉन्ड्रिंग' की
जांच के संबंध में ईडी ने यह कार्रवाई की है. कंपनी से मामले के जांच अधिकारी
(आईओ) को कुछ निश्चित वित्तीय विवरण और अन्य दस्तावेज देने को कहा गया है.
दरअसल ईडी ने मई महीने
में राजस्थान और अन्य स्थानों पर इस मामले में गहन तलाशी की थी और कई दस्तावेज
मिलने का दावा किया था. यह जांच बीकानेर के कोलायत इलाके में कथित रूप से कंपनी
द्वारा 275
बीघा भूमि खरीदे जाने के संबंध में है.
केंद्रीय जांच
एजेंसी ने इस मामले में पिछले साल मनी लॉन्ड्रिंग का एक मामला दर्ज किया था. एक
स्थानीय तहसीलदार के शिकायत करने के बाद राज्य पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी को
इसका आधार बनाया गया था.
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