नई दिल्ली : कर्ज लेने के मामले में फेक एफिडेविट देने के आरोपी एक्टर राजपाल यादव को
जेल जाना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उन्हें किसी तरह की राहत देने से
इनकार कर दिया। इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें 3
जून को 10 दिन की सजा सुनाई थी।
उस फैसले के खिलाफ
एक्टर ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। लेकिन अब उन्हें सरेंडर करना पड़ेगा और 6 दिन की सजा तिहाड़ जेल में काटनी होगी। आपको बता दे कि 10 दिन की सज़ा सुनाई
गई थी जिसमे वे 4 दिन की सज़ा पहले ही काट चुके हैं।
इससे पहले 25 जुलाई को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को जमकर फटकार
लगाई थी। जस्टिस करियन जोसेफ और जस्टिस आरएफ नरीमन की बेंच ने कहा था,
"आपने कोर्ट के साथ मनमानी की है।
आप जैसे लोगों को जेल
जाना चाहिए। आपने एक के बाद दूसरा हलफनामा दायर किया। फिर भी आपने पैसे का भुगतान
नहीं किया। हम आपको कानून की महिमा दिखाएंगे। यह समझ से परे व्यवहार है। आपको तो 6 दिन नहीं 6 महीने के लिए जेल भेजा जाना चाहिए।''
आपको बता दे कि दिल्ली
के कारोबारी एमजी अग्रवाल से राजपाल ने 2010 में पांच
करोड़ रुपए के लोन लिए थे। वे फिल्म बनाने वाले थे। जब उन्होंने पैसे नहीं लौटाया
तो कारोबारी ने राजपाल और उनकी पत्नी के खिलाफ रिकवरी सूट दायर किया था। राजपाल
यादव और उनकी पत्नी के खिलाफ कोर्ट को गुमराह करने का आरोप लगा था।
हाईकोर्ट ने राजपाल
की तरफ से 2 दिसंबर 2013 को दायर
एफिडेविट पर आपत्ति जताई थी। आरोप लगा था कि एफिडेविट झूठा था। इसमें एक्टर और
उनकी पत्नी के फर्जी सिग्नेचर थे।
नई दिल्ली : कर्ज लेने के मामले में फेक एफिडेविट देने के आरोपी एक्टर राजपाल यादव को
जेल जाना होगा। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उन्हें किसी तरह की राहत देने से
इनकार कर दिया। इस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें 3
जून को 10 दिन की सजा सुनाई थी।
उस फैसले के खिलाफ
एक्टर ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। लेकिन अब उन्हें सरेंडर करना पड़ेगा और 6 दिन की सजा तिहाड़ जेल में काटनी होगी। आपको बता दे कि 10 दिन की सज़ा सुनाई
गई थी जिसमे वे 4 दिन की सज़ा पहले ही काट चुके हैं।
इससे पहले 25 जुलाई को सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राजपाल यादव को जमकर फटकार
लगाई थी। जस्टिस करियन जोसेफ और जस्टिस आरएफ नरीमन की बेंच ने कहा था,
"आपने कोर्ट के साथ मनमानी की है।
आप जैसे लोगों को जेल
जाना चाहिए। आपने एक के बाद दूसरा हलफनामा दायर किया। फिर भी आपने पैसे का भुगतान
नहीं किया। हम आपको कानून की महिमा दिखाएंगे। यह समझ से परे व्यवहार है। आपको तो 6 दिन नहीं 6 महीने के लिए जेल भेजा जाना चाहिए।''
आपको बता दे कि दिल्ली
के कारोबारी एमजी अग्रवाल से राजपाल ने 2010 में पांच
करोड़ रुपए के लोन लिए थे। वे फिल्म बनाने वाले थे। जब उन्होंने पैसे नहीं लौटाया
तो कारोबारी ने राजपाल और उनकी पत्नी के खिलाफ रिकवरी सूट दायर किया था। राजपाल
यादव और उनकी पत्नी के खिलाफ कोर्ट को गुमराह करने का आरोप लगा था।
हाईकोर्ट ने राजपाल
की तरफ से 2 दिसंबर 2013 को दायर
एफिडेविट पर आपत्ति जताई थी। आरोप लगा था कि एफिडेविट झूठा था। इसमें एक्टर और
उनकी पत्नी के फर्जी सिग्नेचर थे।
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