नई दिल्ली: रियो
ओलिंपिक से पहले भारत को लगा बड़ा झटका। ओलिंपिक के लिए भारत से रेसलिंग में इकलौता
कोटा हासिल करने वाले नरसिंह यादव डोप टेस्ट में फेल हो गए हैं। उनके दो सैम्पल
फेल पाए गए हैं।
आपको बता दे कि यादव
को सुशील कुमार की जगह चुना गया था। उन्होंने 74 KG वेट
में सुशील कुमार को बाउट के लिए चैलेंज भी किया था। वर्ल्ड चैम्पियनशिप में ब्रॉन्ज
जीतकर किया था क्वालिफाई।
डोप टेस्ट में फेल
होने के बारे में अभी आईओए, साई और डब्ल्यूएफआई समेत खुद
नरसिंह ने भी कोई बयान नहीं दिया है। नरसिंह ने 2015 में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में
ब्रॉन्ज जीतकर ओलिंपिक कोटा हासिल किया था।
इसी वजह से उन्हें
ओलिंपिक में इंडिविजुअल गेम में लगातार दो मेडल (बीजिंग-2008 में ब्रॉन्ज, लंदन-2012 में सिल्वर मेडल) जीतने वाले पहले इंडियन सुशील कुमार की जगह
टीम में शामिल किया गया था।
74 KG
वेट में उन्हें सुशील कुमार की जगह ओलिंपिक जाने की उम्मीद थी।
लेकिन, डोप टेस्ट में फ्लॉप होने पर अब उनकी रियो डि
जेनेरियो जाने की उम्मीदें खत्म हो गई हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 5 जुलाई को नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) ने सोनीपत में स्पोर्ट्स
अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सेंटर में पहलवानों का डोप टेस्ट किया था। रिपोर्ट में एक
पहलवान फेल हो गया। इसका खुलासा तब हुआ जब एक कुश्ती कोच ओलिंपिक के एक्रेडिटेशन
कार्ड लेने आईओए दफ्तर गए।
उन्हें बाकी पहलवानों
के कार्ड दे दिए गए, लेकिन नरसिंह का कार्ड नहीं
दिया गया। यही नहीं, उन्हें इसका कारण भी नहीं बताया गया।
वही दूसरी ओर, सोमवार को जॉर्जिया जा रहे भारतीय पहलवानों के दल से भी उनका नाम हटा दिया
गया है। वे अब जॉर्जिया भी नहीं जा रहे हैं जहां ओलिंपिक से पहले भारतीय पुरुष
पहलवानों को रियो के लिए तैयारी करनी थी।
एक्रीडिएशन कार्ड के
मामले में नरसिंह ने कहा- मुझे ऐसी कोई सूचना नहीं है। दूसरी ओर डब्ल्यूएफआई इस
प्रकरण को दबाने की कोशिश में जुटा है। खेल मंत्री विजय गोयल ने इसकी जानकारी होने
से इनकार किया लेकिन कहा कि मैं इस बारे में पता करता हूं।
इंडियन ओलिंपिक
एसोसिएशन (आईओए), खेल मंत्रालय, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) और रेसलर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया
(डब्ल्यूएफआई) समेत सभी अफसरों ने इस बारे में कोई कमेंट नहीं किया था।
नई दिल्ली: रियो
ओलिंपिक से पहले भारत को लगा बड़ा झटका। ओलिंपिक के लिए भारत से रेसलिंग में इकलौता
कोटा हासिल करने वाले नरसिंह यादव डोप टेस्ट में फेल हो गए हैं। उनके दो सैम्पल
फेल पाए गए हैं।
आपको बता दे कि यादव
को सुशील कुमार की जगह चुना गया था। उन्होंने 74 KG वेट
में सुशील कुमार को बाउट के लिए चैलेंज भी किया था। वर्ल्ड चैम्पियनशिप में ब्रॉन्ज
जीतकर किया था क्वालिफाई।
डोप टेस्ट में फेल
होने के बारे में अभी आईओए, साई और डब्ल्यूएफआई समेत खुद
नरसिंह ने भी कोई बयान नहीं दिया है। नरसिंह ने 2015 में वर्ल्ड चैम्पियनशिप में
ब्रॉन्ज जीतकर ओलिंपिक कोटा हासिल किया था।
इसी वजह से उन्हें
ओलिंपिक में इंडिविजुअल गेम में लगातार दो मेडल (बीजिंग-2008 में ब्रॉन्ज, लंदन-2012 में सिल्वर मेडल) जीतने वाले पहले इंडियन सुशील कुमार की जगह
टीम में शामिल किया गया था।
74 KG
वेट में उन्हें सुशील कुमार की जगह ओलिंपिक जाने की उम्मीद थी।
लेकिन, डोप टेस्ट में फ्लॉप होने पर अब उनकी रियो डि
जेनेरियो जाने की उम्मीदें खत्म हो गई हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, 5 जुलाई को नेशनल एंटी डोपिंग एजेंसी (नाडा) ने सोनीपत में स्पोर्ट्स
अथॉरिटी ऑफ इंडिया के सेंटर में पहलवानों का डोप टेस्ट किया था। रिपोर्ट में एक
पहलवान फेल हो गया। इसका खुलासा तब हुआ जब एक कुश्ती कोच ओलिंपिक के एक्रेडिटेशन
कार्ड लेने आईओए दफ्तर गए।
उन्हें बाकी पहलवानों
के कार्ड दे दिए गए, लेकिन नरसिंह का कार्ड नहीं
दिया गया। यही नहीं, उन्हें इसका कारण भी नहीं बताया गया।
वही दूसरी ओर, सोमवार को जॉर्जिया जा रहे भारतीय पहलवानों के दल से भी उनका नाम हटा दिया
गया है। वे अब जॉर्जिया भी नहीं जा रहे हैं जहां ओलिंपिक से पहले भारतीय पुरुष
पहलवानों को रियो के लिए तैयारी करनी थी।
एक्रीडिएशन कार्ड के
मामले में नरसिंह ने कहा- मुझे ऐसी कोई सूचना नहीं है। दूसरी ओर डब्ल्यूएफआई इस
प्रकरण को दबाने की कोशिश में जुटा है। खेल मंत्री विजय गोयल ने इसकी जानकारी होने
से इनकार किया लेकिन कहा कि मैं इस बारे में पता करता हूं।
इंडियन ओलिंपिक
एसोसिएशन (आईओए), खेल मंत्रालय, स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (साई) और रेसलर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया
(डब्ल्यूएफआई) समेत सभी अफसरों ने इस बारे में कोई कमेंट नहीं किया था।
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