नई दिल्ली : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेशी मामलों के सलाहकार और पूर्व
एनएसए सरताज अजीज ने शनिवार को कहा कि भारत ने अगर अपनी परमाणु ताकत बढ़ायी तो
पाकिस्तान भी जवाब देगा। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बढ़ते रिश्तों से
पाकिस्तान तब तक फिक्रमंद नहीं है जब तक अमेरिका दोनों देशों में परमाणु समानता
बनाए रखता है।
एक समाचार एजेंसी के इंटरव्यू में अजीज ने साफ कहा कि अमेरिका इस बात को समझ
ले कि भारत और अमेरिका की दोस्ती के बाद भारत की बढ़ती परमाणु ताकत पाकिस्तान को
पसंद नहीं है।
उन्होंने कहा कि हमारा जोर इस बात पर है कि अमेरिका के साथ भारत की दोस्ती से
भारत-पाक के बीच रणनीतिक दूरियां नहीं बढ़नी चाहिए। अगर ऐसा होता है तो हमें भी
इसकी प्रतिक्रिया देनी होगी। अमेरिका को भारत के साथ अपने रिश्तों को आगे बढ़ाने
से पहले रणनीतिक स्थिरता को भी ध्यान में रखना चाहिए।
अजीज ने कहा कि हमें सिर्फ इसी बात की फिक्र है। इसके अलावा भारत और अमेरिका
के रिश्तों को लेकर हमें कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका चाहता है
कि हम सकारात्मक रुख अपनाएं तो उनसे भारत को भी इस बात के लिए राजी करना होगा कि
वह अपनी परमाणु ताकत न बढ़ाए और तनाव को कम कर विवादों को हल करने की शुरुआत करे।
अजीज ने यह भी कहा कि अमेरिका ने भी माना है कि पाकिस्तान की ये सभी चिंताएं
जायज हैं। अमेरिका भारतीय उपमहाद्वीप में परमाणु हथियारों की होड़ नहीं चाहता।
अजीज का यह बयान भारत की ओर से परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) के लिए
बढ़ती कोशिशों और अमेरिका का इसके लगातार समर्थन किए जाने के बाद सामने आया है।
नई दिल्ली : पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के विदेशी मामलों के सलाहकार और पूर्व
एनएसए सरताज अजीज ने शनिवार को कहा कि भारत ने अगर अपनी परमाणु ताकत बढ़ायी तो
पाकिस्तान भी जवाब देगा। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बढ़ते रिश्तों से
पाकिस्तान तब तक फिक्रमंद नहीं है जब तक अमेरिका दोनों देशों में परमाणु समानता
बनाए रखता है।
एक समाचार एजेंसी के इंटरव्यू में अजीज ने साफ कहा कि अमेरिका इस बात को समझ
ले कि भारत और अमेरिका की दोस्ती के बाद भारत की बढ़ती परमाणु ताकत पाकिस्तान को
पसंद नहीं है।
उन्होंने कहा कि हमारा जोर इस बात पर है कि अमेरिका के साथ भारत की दोस्ती से
भारत-पाक के बीच रणनीतिक दूरियां नहीं बढ़नी चाहिए। अगर ऐसा होता है तो हमें भी
इसकी प्रतिक्रिया देनी होगी। अमेरिका को भारत के साथ अपने रिश्तों को आगे बढ़ाने
से पहले रणनीतिक स्थिरता को भी ध्यान में रखना चाहिए।
अजीज ने कहा कि हमें सिर्फ इसी बात की फिक्र है। इसके अलावा भारत और अमेरिका
के रिश्तों को लेकर हमें कोई चिंता नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका चाहता है
कि हम सकारात्मक रुख अपनाएं तो उनसे भारत को भी इस बात के लिए राजी करना होगा कि
वह अपनी परमाणु ताकत न बढ़ाए और तनाव को कम कर विवादों को हल करने की शुरुआत करे।
अजीज ने यह भी कहा कि अमेरिका ने भी माना है कि पाकिस्तान की ये सभी चिंताएं
जायज हैं। अमेरिका भारतीय उपमहाद्वीप में परमाणु हथियारों की होड़ नहीं चाहता।
अजीज का यह बयान भारत की ओर से परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) के लिए
बढ़ती कोशिशों और अमेरिका का इसके लगातार समर्थन किए जाने के बाद सामने आया है।
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