नई दिल्ली : मोबाइल
फोन की बड़ी कंपनी एप्पल बडे विवाद में घिर गई है। यूरोपियन यूनियन ने एप्पल पर
टैक्स चोरी का आरोप लगाते हुए 1450 करोड़ का टैक्स आयरलैंड में चुकाने के लिए कहा
है। आरोप है कि एप्पल ने आयरलैंड सरकार से स्वीटहार्ट डील की और मामूली टैक्स
चुकाकर यूरोप के बाकी देशों को अंगूठा दिखा दिया।
आपको बता दे कि
यूरोपियन यूनियन ने अमेरिकी कंपनी एप्पल को आयरलैंड में 13 अरब यूरो यानी साढ़े 14
मिलियन डॉलर चुकाने को कहा है।
बता दे कि यूरोपियन
यूनियन के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी रकम टैक्स डिमांड में की गई है। फोर्ब्स
की 2015 लिस्ट के मुताबिक एचसीएल के मालिक शिव नादर, हिंदुजा
बदर्स औऱ स्टील किंग लक्ष्मीकांत मित्तल की जितनी कमाई है उतने की एप्पल पर टैक्स
उधारी है।
एप्पल ने फोन, टैब, लैपटॉप बेचकर मुनाफा तो मोटा कमाया लेकिन टैक्स
नहीं चुकाया। एप्पल और आयरलैंड के बीच ऐसी सेटिंग हुई कि एप्पल को बाकी कंपनियों
के मुकाबले नाम मात्र का टैक्स चुकाना पड़ा। आयरलैंड और एप्पल के बीच स्वीटहार्ड
डील हुई थी।
आयरलैंड सरकार ने ये
डील अमेरिका की बडी कंपनियों को अपने देश में निवेश के लिए रिझाने के लिए की थी।
लेकिन स्वीटहार्ट डील अब एप्पल और आयरलैंड के लिए गले की फांस बन गई है। एप्पल ने
टैक्स उधारी चुकाने को तैयार नहीं है। आयरलैंड एप्पल से टैक्स मांगने को तैयार
नहीं है। लेकिन चौकीदारी कर रहे यूरोपियन यूनियन ने तीन साल की जांच के बाद एप्पल
को दोषी ठहरा दिया है।
ऐसे
किया घोटाला :-
यूरोपियन यूनियन में
जितनी कमाई की उसे कागज पर दिखाया कि वो आयरलैंड की कमाई है। आयरलैंड में नाममात्र
का टैक्स भरा। कमाई का सारा पैसा अमेरिका भेज दिया। वहां भी रिसर्च एंड डेवलपमेंट
पर खर्च दिखाया। एप्पल की कमाई मामूली टैक्स के बाद फिर से एप्पल के पास चली गई।
जिन देशों ने एप्पल को बाजार दिया, सुविधाएं
दीं उन्हें कुछ नही मिला।
नई दिल्ली : मोबाइल
फोन की बड़ी कंपनी एप्पल बडे विवाद में घिर गई है। यूरोपियन यूनियन ने एप्पल पर
टैक्स चोरी का आरोप लगाते हुए 1450 करोड़ का टैक्स आयरलैंड में चुकाने के लिए कहा
है। आरोप है कि एप्पल ने आयरलैंड सरकार से स्वीटहार्ट डील की और मामूली टैक्स
चुकाकर यूरोप के बाकी देशों को अंगूठा दिखा दिया।
आपको बता दे कि
यूरोपियन यूनियन ने अमेरिकी कंपनी एप्पल को आयरलैंड में 13 अरब यूरो यानी साढ़े 14
मिलियन डॉलर चुकाने को कहा है।
बता दे कि यूरोपियन
यूनियन के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी रकम टैक्स डिमांड में की गई है। फोर्ब्स
की 2015 लिस्ट के मुताबिक एचसीएल के मालिक शिव नादर, हिंदुजा
बदर्स औऱ स्टील किंग लक्ष्मीकांत मित्तल की जितनी कमाई है उतने की एप्पल पर टैक्स
उधारी है।
एप्पल ने फोन, टैब, लैपटॉप बेचकर मुनाफा तो मोटा कमाया लेकिन टैक्स
नहीं चुकाया। एप्पल और आयरलैंड के बीच ऐसी सेटिंग हुई कि एप्पल को बाकी कंपनियों
के मुकाबले नाम मात्र का टैक्स चुकाना पड़ा। आयरलैंड और एप्पल के बीच स्वीटहार्ड
डील हुई थी।
आयरलैंड सरकार ने ये
डील अमेरिका की बडी कंपनियों को अपने देश में निवेश के लिए रिझाने के लिए की थी।
लेकिन स्वीटहार्ट डील अब एप्पल और आयरलैंड के लिए गले की फांस बन गई है। एप्पल ने
टैक्स उधारी चुकाने को तैयार नहीं है। आयरलैंड एप्पल से टैक्स मांगने को तैयार
नहीं है। लेकिन चौकीदारी कर रहे यूरोपियन यूनियन ने तीन साल की जांच के बाद एप्पल
को दोषी ठहरा दिया है।
ऐसे
किया घोटाला :-
यूरोपियन यूनियन में
जितनी कमाई की उसे कागज पर दिखाया कि वो आयरलैंड की कमाई है। आयरलैंड में नाममात्र
का टैक्स भरा। कमाई का सारा पैसा अमेरिका भेज दिया। वहां भी रिसर्च एंड डेवलपमेंट
पर खर्च दिखाया। एप्पल की कमाई मामूली टैक्स के बाद फिर से एप्पल के पास चली गई।
जिन देशों ने एप्पल को बाजार दिया, सुविधाएं
दीं उन्हें कुछ नही मिला।
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