नई दिल्ली : रविवार
को कश्मीर दौरे पर गये केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कश्मीर में देश विरोधी
नारे लगाने वालों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ऐसे नारे लगाना जो देश के
विभाजन की वकालत करता हो उसे भाषण की स्वतंत्रता के रूप में नहीं देखा जा सकता है।
उन्होंने पाकिस्तान
पर भी हमला बोला और उसे आतंकियों का मददगार बताया। जेटली ने कहा कि 1990 में
पाकिस्तान ने समझ लिया कि वह भारत से कभी युद्ध में नहीं जीत सकता। इसलिए
पाकिस्तान ने सीमापार से आतंकियों को भेजना शुरू कर दिया।
उन्होंने कहा कि बाहर
कुछ लोग कश्मीर में मानवाधिकारों की बात करते हैं। क्या कभी उन्होंने घाटी का दौरा
किया है और उन सुरक्षाकर्मियों को देखा है, जो अपनी
ड्यूटी करते हुए घायल हुए हैं? जेटली ने कहा, 947 में जब भारत आजाद हुआ था, तब इसकी आजादी शांति और विकास के लिए थी। जबकि पाकिस्तान को केवल भारत को
बांटने के लिए बनाया गया।
जेटली ने कहा, भारत के साथ तीन लड़ाइयों में बुरी तरह हारने के बाद पाकिस्तान ने 1990 के
दशक में हमारे साथ छद्म युद्ध शुरू कर दिया। 2008 और 2010 में उन्होंने अपने छद्म
युद्ध को पथराव का नया चेहरा दे दिया और इस बार भी घाटी में यही हो रहा है। जेटली
ने कहा कि आतंकवाद और पथराव के साथ सख्ती से निपटना होगा और ऐसी स्थितियों से
निपटने में कोई ढिलाई नहीं दिखाई जानी चाहिए।
जेटली ने अलगाववादी
नेताओं को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि आज कश्मीर में जो हालात है उसके लिए
न सिर्फ पाकिस्तान बल्कि अलगाववादी भी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि
अलगाववादियों से कभी किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। जेटली ने हीरानगर में
हुई तिरंगा यात्रा में भी शिरकत की।
नई दिल्ली : रविवार
को कश्मीर दौरे पर गये केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कश्मीर में देश विरोधी
नारे लगाने वालों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि ऐसे नारे लगाना जो देश के
विभाजन की वकालत करता हो उसे भाषण की स्वतंत्रता के रूप में नहीं देखा जा सकता है।
उन्होंने पाकिस्तान
पर भी हमला बोला और उसे आतंकियों का मददगार बताया। जेटली ने कहा कि 1990 में
पाकिस्तान ने समझ लिया कि वह भारत से कभी युद्ध में नहीं जीत सकता। इसलिए
पाकिस्तान ने सीमापार से आतंकियों को भेजना शुरू कर दिया।
उन्होंने कहा कि बाहर
कुछ लोग कश्मीर में मानवाधिकारों की बात करते हैं। क्या कभी उन्होंने घाटी का दौरा
किया है और उन सुरक्षाकर्मियों को देखा है, जो अपनी
ड्यूटी करते हुए घायल हुए हैं? जेटली ने कहा, 947 में जब भारत आजाद हुआ था, तब इसकी आजादी शांति और विकास के लिए थी। जबकि पाकिस्तान को केवल भारत को
बांटने के लिए बनाया गया।
जेटली ने कहा, भारत के साथ तीन लड़ाइयों में बुरी तरह हारने के बाद पाकिस्तान ने 1990 के
दशक में हमारे साथ छद्म युद्ध शुरू कर दिया। 2008 और 2010 में उन्होंने अपने छद्म
युद्ध को पथराव का नया चेहरा दे दिया और इस बार भी घाटी में यही हो रहा है। जेटली
ने कहा कि आतंकवाद और पथराव के साथ सख्ती से निपटना होगा और ऐसी स्थितियों से
निपटने में कोई ढिलाई नहीं दिखाई जानी चाहिए।
जेटली ने अलगाववादी
नेताओं को भी निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि आज कश्मीर में जो हालात है उसके लिए
न सिर्फ पाकिस्तान बल्कि अलगाववादी भी जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि
अलगाववादियों से कभी किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। जेटली ने हीरानगर में
हुई तिरंगा यात्रा में भी शिरकत की।
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