Friday, 12 August 2016

AAP ने तैयार की टीम : खुद सीएम अरविंद केजरीवाल संभालेंगे पंजाब की कमान, मनीष सिसोदिया को गोवा का जिम्मा!

Dainik Times     13:37    
place ad code

नई दिल्ली : दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने 10 दिनों के विपश्यना से लौटते ही आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कमर कस ली है। आप चुनोती हो तेयार हो गई है। केजरीवाल ने पार्टी नेताओं को राज्यों की ज़िम्मेदारी सौंप दी है।
cm-arvind-kejriwal-on-assembly-elections-news-in-hindi

खुद केजरीवाल पंजाब का ज़िम्मा अपने पास रखेंगे, जबकि डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को गोवा की जिम्मेदारी दी गई है। गुजरात में अगले साल के अंत में चुनाव होंगे। जिसके लिए अभी से जल मंत्री कपिल मिश्रा और आशुतोष को गुजरात का ज़िम्मा दे दिया गया है।

पार्टी नेताओं को सितंबर के पहले हफ्ते से काम पर लग जाने का निर्देश दिया गया है साथ ही इन नेताओं को हर महीने 10-15 दिन अपने राज्यों में बिताने के निर्देश भी दिए गए हैं।


गौरतलब है कि दिल्ली सरकार के तीन अहम मंत्रियों को चुनाव की ज़िम्मेदारी दी गई है। पार्टी का मानना है कि वह हाल में दिल्ली हाइकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी इसलिए सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक एलजी के साथ किसी तरह के टकराव की कोई ज़रूरत नहीं है। ऐसे में अपनी ताकत और समय राज्यों के विधान सभा चुनाव में लगाना बेहतर होगा।
नई दिल्ली : दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने 10 दिनों के विपश्यना से लौटते ही आगामी विधानसभा चुनावों के लिए कमर कस ली है। आप चुनोती हो तेयार हो गई है। केजरीवाल ने पार्टी नेताओं को राज्यों की ज़िम्मेदारी सौंप दी है।
cm-arvind-kejriwal-on-assembly-elections-news-in-hindi

खुद केजरीवाल पंजाब का ज़िम्मा अपने पास रखेंगे, जबकि डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन को गोवा की जिम्मेदारी दी गई है। गुजरात में अगले साल के अंत में चुनाव होंगे। जिसके लिए अभी से जल मंत्री कपिल मिश्रा और आशुतोष को गुजरात का ज़िम्मा दे दिया गया है।

पार्टी नेताओं को सितंबर के पहले हफ्ते से काम पर लग जाने का निर्देश दिया गया है साथ ही इन नेताओं को हर महीने 10-15 दिन अपने राज्यों में बिताने के निर्देश भी दिए गए हैं।


गौरतलब है कि दिल्ली सरकार के तीन अहम मंत्रियों को चुनाव की ज़िम्मेदारी दी गई है। पार्टी का मानना है कि वह हाल में दिल्ली हाइकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी इसलिए सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने तक एलजी के साथ किसी तरह के टकराव की कोई ज़रूरत नहीं है। ऐसे में अपनी ताकत और समय राज्यों के विधान सभा चुनाव में लगाना बेहतर होगा।
place ad code

अन्य ख़बरों से लगातार अपडेट रहने के लिए हमारे Facebook व Twitter पेज को Join करे :-
loading...

0 comments :

© 2016 Times Patrika. Designed by Bloggertheme9. Powered by Blogger.