नई दिल्ली : अहमदाबाद
की 13 साल की एक मुस्लिम लड़की तनजीम मेरानी श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा
लहरायेगी। बता दे कि तनजीम के हौसले काफी बुलंद हैं। तनजीम के इस काम में उसका
पूरा परिवार भी उसके साथ श्रीनगर जाएगा। जिस में उसके पिता के साथ उसकी मां और
उसका चार साल का छोटा भाई भी शामिल है।
तनजीम का कहना है कि, 15 अगस्त को झंडा लहराने का ख्याल इसलिए आया है क्योंकि आए दिन वो कशमीर
में पाकिस्तान और आईएसआईएस के झंडे लहराते देखती है। ऐसे में उसे लगा कि जब कश्मीर
भारत का हिस्सा है तो क्यों यहा पर तिरंगा नही लहराना चाहिए, तनजीम मानते हैं कि कश्मीर भारत का ही हिस्सा है और भारत में ही जाने से
डर किस बात का? भारत में तिरंगा लहराने में डर किस बात का?
इसमें तनजीम के पिता
भी उसका साथ दे रहे हैं। तनजीम के पिता आमीर मेरानी का कहना है कि, वो हर पल अपनी बेटी के साथ हैं और वो आर्मी से निवेदन करेंगे कि उन्हें
झंडा लहराने दिया जाए। लेकिन अगर नही लहराने देते तो वो अपने पूरे परिवार के साथ
भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
तनजीम देश के लिये
कुछ करना चाहती हैं। उनके हौसले काफी बुंलद है और उन हौसलों पर वह पूरी तरह कायम
हैं। इसमें उसके स्कूल ट्यूलिप इन्टरनेशनल ने भी उसका बहुत साथ दिया है। स्कूल के
चेयरमैन प्रदीप श्रीधर का कहना है कि, उन्होंने
प्रधानमंत्री कार्यालय से निवेदन किया है कि अगर प्रधानमंत्री भी तनजीम के हौसले
को कायम रखते हैं तो तनजीम के लिए श्रीनगर के लाल चौक में झंडा फहराना आसान रहेगा।
तनजीम अपने पूरे
परिवार के साथ 11 अगस्त को अहमदाबाद से निकलेंगी। और 14 तारीख को वो दिल्ली होते
हुए श्रीनगर पहुंचेंगी।
हाल ही में लुधियाना
की 15 साल एक लड़की जाह्नवी ने भी 15 अगस्त को श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा
फहराने का ऐलान किया था। जाह्नवी इससे पहले जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार
को अभिव्यक्ति की आजादी पर बहस की चुनौती देकर सुर्खियों में आई थीं।
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नई दिल्ली : अहमदाबाद
की 13 साल की एक मुस्लिम लड़की तनजीम मेरानी श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा
लहरायेगी। बता दे कि तनजीम के हौसले काफी बुलंद हैं। तनजीम के इस काम में उसका
पूरा परिवार भी उसके साथ श्रीनगर जाएगा। जिस में उसके पिता के साथ उसकी मां और
उसका चार साल का छोटा भाई भी शामिल है।
तनजीम का कहना है कि, 15 अगस्त को झंडा लहराने का ख्याल इसलिए आया है क्योंकि आए दिन वो कशमीर
में पाकिस्तान और आईएसआईएस के झंडे लहराते देखती है। ऐसे में उसे लगा कि जब कश्मीर
भारत का हिस्सा है तो क्यों यहा पर तिरंगा नही लहराना चाहिए, तनजीम मानते हैं कि कश्मीर भारत का ही हिस्सा है और भारत में ही जाने से
डर किस बात का? भारत में तिरंगा लहराने में डर किस बात का?
इसमें तनजीम के पिता
भी उसका साथ दे रहे हैं। तनजीम के पिता आमीर मेरानी का कहना है कि, वो हर पल अपनी बेटी के साथ हैं और वो आर्मी से निवेदन करेंगे कि उन्हें
झंडा लहराने दिया जाए। लेकिन अगर नही लहराने देते तो वो अपने पूरे परिवार के साथ
भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
तनजीम देश के लिये
कुछ करना चाहती हैं। उनके हौसले काफी बुंलद है और उन हौसलों पर वह पूरी तरह कायम
हैं। इसमें उसके स्कूल ट्यूलिप इन्टरनेशनल ने भी उसका बहुत साथ दिया है। स्कूल के
चेयरमैन प्रदीप श्रीधर का कहना है कि, उन्होंने
प्रधानमंत्री कार्यालय से निवेदन किया है कि अगर प्रधानमंत्री भी तनजीम के हौसले
को कायम रखते हैं तो तनजीम के लिए श्रीनगर के लाल चौक में झंडा फहराना आसान रहेगा।
तनजीम अपने पूरे
परिवार के साथ 11 अगस्त को अहमदाबाद से निकलेंगी। और 14 तारीख को वो दिल्ली होते
हुए श्रीनगर पहुंचेंगी।
हाल ही में लुधियाना
की 15 साल एक लड़की जाह्नवी ने भी 15 अगस्त को श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा
फहराने का ऐलान किया था। जाह्नवी इससे पहले जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार
को अभिव्यक्ति की आजादी पर बहस की चुनौती देकर सुर्खियों में आई थीं।
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