नई दिल्ली : लुधियाना
की एक लड़की ने श्री नगर के सबसे पुराने लाल चौक पर तिरंगा फहराने का संकल्प लिया
था। लेकिन प्रशासन ने 15 साल की जाह्नवी बहल को क्षंडा फहराने का मौका ही नही दिया
और रविवार को ही अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से प्रशासन ने उन्हें वापस भेज दिया।
जानकारी के मुताबिक, जाह्नवी अकेले नहीं थी उसके साथ 30 अन्य लोग भी मौजूद थे। एक पुलिस
अधिकारी ने बताया कि जब सभी लोग श्री नगर पहुंचे तब उन्हे उसी वक्त रोका गया उसके
बाद ही उन्होनें भारतीय नारे लगाने शुरू किए।
पुलिस ने बताया कि
बिना कुछ वजह बताए ही सभी को वापस भेज दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, चंड़ीगढ़ से जाह्नवी और 5 अन्य लोग एक साथ एक ही विमान से पहुंचे थे लेकिन
बाकी अन्य 25 लोग दिल्ली से पहुंचे थे।
आपको बता दे कि दरअसल, जाह्नवी ने 23 जुलाई को कहा था कि 'मैं 15 अगस्त को
श्रीनगर में लाल चौक पर तिरंगा फहराउंगी क्योंकि यही वह जगह है जहां पर हमारे देश
की शान राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया गया था।
बता दें कि इन्होने
कुछ वक्त पहले जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को
भी बहस के लिए उकसाया था। जाह्नवी का कहना था कि उन्होने हमारे प्रधानमंत्री के
खिलाफ भाषण दिया था जो हम कतई बरदास्त नहीं कर सकते।
जाह्नवी को गणतंत्र
दिवस के मौके पर भारत को स्वच्छ करने और स्वच्छ भारत अभियान में अपना पुर्ण रूप से
सहयोग देने के लिए सम्मानित किया गया था। उनका ये भी कहना था कि कन्हैया को सिर्फ
भाषण ही नहीं बल्कि प्रधानमंत्री की तरह काम को भी महत्व देना चाहिए।
गौरतलब है कि जाह्नवी
2010 से सामाजिक कार्यकर्ता हैं। इतना ही नहीं उन्होने यह भी कहा कि कन्हैया
प्रधानमंत्री के ही खिलाफ नहीं बल्कि पूरे देश के खिलाफ भाषण दिया था।
नई दिल्ली : लुधियाना
की एक लड़की ने श्री नगर के सबसे पुराने लाल चौक पर तिरंगा फहराने का संकल्प लिया
था। लेकिन प्रशासन ने 15 साल की जाह्नवी बहल को क्षंडा फहराने का मौका ही नही दिया
और रविवार को ही अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से प्रशासन ने उन्हें वापस भेज दिया।
जानकारी के मुताबिक, जाह्नवी अकेले नहीं थी उसके साथ 30 अन्य लोग भी मौजूद थे। एक पुलिस
अधिकारी ने बताया कि जब सभी लोग श्री नगर पहुंचे तब उन्हे उसी वक्त रोका गया उसके
बाद ही उन्होनें भारतीय नारे लगाने शुरू किए।
पुलिस ने बताया कि
बिना कुछ वजह बताए ही सभी को वापस भेज दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, चंड़ीगढ़ से जाह्नवी और 5 अन्य लोग एक साथ एक ही विमान से पहुंचे थे लेकिन
बाकी अन्य 25 लोग दिल्ली से पहुंचे थे।
आपको बता दे कि दरअसल, जाह्नवी ने 23 जुलाई को कहा था कि 'मैं 15 अगस्त को
श्रीनगर में लाल चौक पर तिरंगा फहराउंगी क्योंकि यही वह जगह है जहां पर हमारे देश
की शान राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया गया था।
बता दें कि इन्होने
कुछ वक्त पहले जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार को
भी बहस के लिए उकसाया था। जाह्नवी का कहना था कि उन्होने हमारे प्रधानमंत्री के
खिलाफ भाषण दिया था जो हम कतई बरदास्त नहीं कर सकते।
जाह्नवी को गणतंत्र
दिवस के मौके पर भारत को स्वच्छ करने और स्वच्छ भारत अभियान में अपना पुर्ण रूप से
सहयोग देने के लिए सम्मानित किया गया था। उनका ये भी कहना था कि कन्हैया को सिर्फ
भाषण ही नहीं बल्कि प्रधानमंत्री की तरह काम को भी महत्व देना चाहिए।
गौरतलब है कि जाह्नवी
2010 से सामाजिक कार्यकर्ता हैं। इतना ही नहीं उन्होने यह भी कहा कि कन्हैया
प्रधानमंत्री के ही खिलाफ नहीं बल्कि पूरे देश के खिलाफ भाषण दिया था।
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