नई दिल्ली : दरअसल,
सिद्धू के बीजेपी छोड़ने के बाद से ही ये खबरे आ रही थी कि वो अब AAP में शामिल
होने जा रहे है लेकिन अब आपको बता दे कि नवजोत सिंह सिद्धू और आम आदमी पार्टी के
बीच बातचीत टूट गयी है। सूत्रों का कहना है कि सिद्धू ने अब आम आदमी पार्टी में
शामिल होने का विचार छोड़ दिया है हलाकि सिद्धू कांग्रेस नेताओं के संपर्क में भी
हैं। पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू और आम आदमी पार्टी के बीच बातचीत
मुख्यमंत्री उम्मीदवारी को लेकर टूटी है।
सूत्रों के मुताबिक
दोनों के बीच आखिरी बातचीत पिछले शुक्रवार को हुई, और
बातचीत दोबारा शुरू होने के आसार नहीं हैं। सूत्रों की मानें तो सिद्धू चाहते थे
कि उनको सीएम उम्मीदवार घोषित किया जाए। पति- पत्नी दोनों को विधानसभा टिकट दिया
जाए लेकिन आम आदमी पार्टी ने पार्टी संविधान का हवाला देकर इससे इंकार कर दिया है।
सिद्धू की तरफ से संविधान में बदलाव करने का सुझाव दिया गया लेकिन आम आदमी पार्टी
इसके लिये राज़ी नहीं हुई।
सूत्रों का कहना है
कि सिद्धू एक पुराने केस मे निचली अदालत से दोषी करार है जो सबसे बड़ी अड़चन बन कर
उभर रहा है। आम आदमी पार्टी के सिद्धू विरोधी खेमे ने इस मसले को पार्टी संविधान
के खिलाफ बताया है।
आम आदमी पार्टी के
संविधान में दो बाते हैं जो सिद्धू और आम आदमी पार्टी के बीच रोड़ा बनी है एक ये कि
पार्टी का संविधान एक परिवार से सिर्फ एक ही व्यक्ति को पार्टी में शामिल होने की
इज़ाज़त देता है जबकि सिद्धू खुद और अपनी पत्नी दोनों के लिए विधानसभा टिकट चाहते थे।
दूसरी बड़ी वजह
पार्टी संविधान अदालत के दोषी करार दिए गए व्यक्ति को पार्टी की सदस्यता और चुनाव
लड़ाने की इज़ाज़त नहीं देता। यही सबसे बड़ी वजह बनी कि पार्टी सिद्दधु को सीएम का
उम्मीदवार नहीं बनाना चाहती।
सीएम पद को लेकर
पार्टी के बीच कई नामों पर चर्चा हो रही है लेकिन सूत्रों का कहना है कि पार्टी
अभी किसी को भी मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाने के पक्ष में नहीं है। आम आदमी पार्टी
पंजाब का सीएम चुनाव के बाद तय करने के पक्ष में हैं।
नई दिल्ली : दरअसल,
सिद्धू के बीजेपी छोड़ने के बाद से ही ये खबरे आ रही थी कि वो अब AAP में शामिल
होने जा रहे है लेकिन अब आपको बता दे कि नवजोत सिंह सिद्धू और आम आदमी पार्टी के
बीच बातचीत टूट गयी है। सूत्रों का कहना है कि सिद्धू ने अब आम आदमी पार्टी में
शामिल होने का विचार छोड़ दिया है हलाकि सिद्धू कांग्रेस नेताओं के संपर्क में भी
हैं। पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू और आम आदमी पार्टी के बीच बातचीत
मुख्यमंत्री उम्मीदवारी को लेकर टूटी है।
सूत्रों के मुताबिक
दोनों के बीच आखिरी बातचीत पिछले शुक्रवार को हुई, और
बातचीत दोबारा शुरू होने के आसार नहीं हैं। सूत्रों की मानें तो सिद्धू चाहते थे
कि उनको सीएम उम्मीदवार घोषित किया जाए। पति- पत्नी दोनों को विधानसभा टिकट दिया
जाए लेकिन आम आदमी पार्टी ने पार्टी संविधान का हवाला देकर इससे इंकार कर दिया है।
सिद्धू की तरफ से संविधान में बदलाव करने का सुझाव दिया गया लेकिन आम आदमी पार्टी
इसके लिये राज़ी नहीं हुई।
सूत्रों का कहना है
कि सिद्धू एक पुराने केस मे निचली अदालत से दोषी करार है जो सबसे बड़ी अड़चन बन कर
उभर रहा है। आम आदमी पार्टी के सिद्धू विरोधी खेमे ने इस मसले को पार्टी संविधान
के खिलाफ बताया है।
आम आदमी पार्टी के
संविधान में दो बाते हैं जो सिद्धू और आम आदमी पार्टी के बीच रोड़ा बनी है एक ये कि
पार्टी का संविधान एक परिवार से सिर्फ एक ही व्यक्ति को पार्टी में शामिल होने की
इज़ाज़त देता है जबकि सिद्धू खुद और अपनी पत्नी दोनों के लिए विधानसभा टिकट चाहते थे।
दूसरी बड़ी वजह
पार्टी संविधान अदालत के दोषी करार दिए गए व्यक्ति को पार्टी की सदस्यता और चुनाव
लड़ाने की इज़ाज़त नहीं देता। यही सबसे बड़ी वजह बनी कि पार्टी सिद्दधु को सीएम का
उम्मीदवार नहीं बनाना चाहती।
सीएम पद को लेकर
पार्टी के बीच कई नामों पर चर्चा हो रही है लेकिन सूत्रों का कहना है कि पार्टी
अभी किसी को भी मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाने के पक्ष में नहीं है। आम आदमी पार्टी
पंजाब का सीएम चुनाव के बाद तय करने के पक्ष में हैं।
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