Saturday, 6 August 2016

ISIS के लिए फंडिंग और रिक्रूटमेंट करने वाला अब्दुल्ला हादी कुवैत में गिरफ्तार, भारत ने दी थी जानकारी!

Dainik Times     16:43    
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नई दिल्ली : कुवैत की सुरक्षा एजेंसियों ने टेरर फंडिग और रिक्रूटमेंट करने वाले आईएसआईएस के आतंकी अब्दुल्ला हादी अब्दुलअल ईनीजी को गिरफ्तार कर लिया है। इसमें खास बात यह है की उसकी गिरफ्तारी भारतीय एजेंसियों की जानकारी के आधार पर की गई है।
one-isis-terrorist-arrested-in-kalyan-module-case-in-kuwait-news-in-hindi

दरअसल भारत ने आईएसआईए के हिंदुस्तानी मॉडयूल से संबंधित अहम जानकारी कुवैत समेत कई देशों के साथ साझा की थी। उसी जानकारी के आधार में विदेश में यह पहली गिरफ्तारी हुई है। आतंकी अब्दुल्ला के पकड़े जाने के बाद कुवैत ने उससे संबंधी जानकारी की भारत के साथ शेयर की है।

सूत्रों के अनुसार वर्ष 2013 में ईनीजी पाकिस्तान गया था। वहां से भारत लौटने के बाद वह आईएसआईएस के लिए टेरर फंडिग और रिक्रूटमेंट करने में जुट गया था।

भारतीय एजेंसियों ने सोशल साईट्स और बैंकों के ट्रांसजक्शन, ईमेल और विदेशों में इस्तेमाल फोन नेटवर्क की जांच के लिए, अमेरिका, ईराक, कुवैत, हांगकांग, अफगानिस्तान, तुर्की, चीन सहित कई देशों को एलआर और एमलेट भेजी थी।

जिसके जवाब में अमेरिका के अलावा कुवैत, तुर्की और लक्जमबर्ग ने आईएसआईए के मॉड्यूल से संबंधित जानकारी भारत के साथ साझा की थी।

सूत्रों के अनुसार आरोप है कि कुवैत में पकड़े गए आतंकी अब्दुल्ला ने ही अरीब मजीद और उसके तीन साथियों को 1000 यूएस डॉलर की मदद की थी। दरअसल, सीरिया जाने के रास्ते में अरीब और उसके साथियों के पैसे ईराक में खत्म हो गए थे।

तब अरीब मजीद ने आईएसआईएस के अफगानी हैंडलर अब्दुल रहमान दलौती से मदद मांगी थी। जिसके जवाब में अब्दुल रहमान दलौती ने ही आरिब को ईनीजी का फोन नंबर देकर उससे मदद मांगने के लिए कहा था।

अरीब ने ईनीजी से बात कर मदद मांगी थी। उसके बाद ईनीजी ने 1000 यूएस डॉलर वेर्स्टन यूनियन के सहारे अरीब को भेजे थे। पैसे मिलने के बाद अरीब और उसके तीनों साथियों ने आगे का सफर शुरू किया था।


फिलहाल अरीब मजीद भारतीय की जेल में बंद है। और उसके तीन में से एक साथी के सीरिया में मारे जाने की खबर है।
नई दिल्ली : कुवैत की सुरक्षा एजेंसियों ने टेरर फंडिग और रिक्रूटमेंट करने वाले आईएसआईएस के आतंकी अब्दुल्ला हादी अब्दुलअल ईनीजी को गिरफ्तार कर लिया है। इसमें खास बात यह है की उसकी गिरफ्तारी भारतीय एजेंसियों की जानकारी के आधार पर की गई है।
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दरअसल भारत ने आईएसआईए के हिंदुस्तानी मॉडयूल से संबंधित अहम जानकारी कुवैत समेत कई देशों के साथ साझा की थी। उसी जानकारी के आधार में विदेश में यह पहली गिरफ्तारी हुई है। आतंकी अब्दुल्ला के पकड़े जाने के बाद कुवैत ने उससे संबंधी जानकारी की भारत के साथ शेयर की है।

सूत्रों के अनुसार वर्ष 2013 में ईनीजी पाकिस्तान गया था। वहां से भारत लौटने के बाद वह आईएसआईएस के लिए टेरर फंडिग और रिक्रूटमेंट करने में जुट गया था।

भारतीय एजेंसियों ने सोशल साईट्स और बैंकों के ट्रांसजक्शन, ईमेल और विदेशों में इस्तेमाल फोन नेटवर्क की जांच के लिए, अमेरिका, ईराक, कुवैत, हांगकांग, अफगानिस्तान, तुर्की, चीन सहित कई देशों को एलआर और एमलेट भेजी थी।

जिसके जवाब में अमेरिका के अलावा कुवैत, तुर्की और लक्जमबर्ग ने आईएसआईए के मॉड्यूल से संबंधित जानकारी भारत के साथ साझा की थी।

सूत्रों के अनुसार आरोप है कि कुवैत में पकड़े गए आतंकी अब्दुल्ला ने ही अरीब मजीद और उसके तीन साथियों को 1000 यूएस डॉलर की मदद की थी। दरअसल, सीरिया जाने के रास्ते में अरीब और उसके साथियों के पैसे ईराक में खत्म हो गए थे।

तब अरीब मजीद ने आईएसआईएस के अफगानी हैंडलर अब्दुल रहमान दलौती से मदद मांगी थी। जिसके जवाब में अब्दुल रहमान दलौती ने ही आरिब को ईनीजी का फोन नंबर देकर उससे मदद मांगने के लिए कहा था।

अरीब ने ईनीजी से बात कर मदद मांगी थी। उसके बाद ईनीजी ने 1000 यूएस डॉलर वेर्स्टन यूनियन के सहारे अरीब को भेजे थे। पैसे मिलने के बाद अरीब और उसके तीनों साथियों ने आगे का सफर शुरू किया था।


फिलहाल अरीब मजीद भारतीय की जेल में बंद है। और उसके तीन में से एक साथी के सीरिया में मारे जाने की खबर है।
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