नई दिल्ली : भारतीय
बैडमिंटन टीम के मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद ने कहा है कि उन्हें इस बात पर गर्व है
कि उनके मार्गदर्शन में देश को लगातार ओलंपिक खेलों में दो पदक हासिल हुए हैं। लंदन
ओलम्पिक 2012 में सानिया नेहवाल ने गोपीचंद के नेतृत्व में ही कांस्य पदक जीता था।
इस बार रियो ओलम्पिक में भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पी.वी. सिंधू ने रजत पदक जीता है।
आपको बता दे कि भारतीय बैडमिंटन टीम के मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद ने अपना घर गिरवी
रखकर एकेडमी खोली थी।
जानिए
उनके बारे में 10 खास बातें...
1. पुलेला गोपीचंद का
जन्म 16 नवम्बर 1973 को आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले के नगन्दला में हुआ था।
2. 10 साल की उम्र से
बैडमिंटन खेलने की शुरुआत करने वाले गोपीचंद भारत के नामचीन बैडमिंटन खिलाड़ी रहे
हैं।
3. गोपीचंद 2001 में
चीन के चेन होंग को फाइनल में 15-12,15-6 से हराकर ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन
चैंपियनशिप में जीत हासिल करके एक नया इतिहास रचा था।
4. लंदन में ऑल
इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैम्पियनशिप जीतकर इतिहास रच दिया था। इससे पहले यह कारनामा
सिर्फ स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण (1980) ही कर पाए थे।
5. गोपीचंद को 2001
में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उसके बाद चोटों के
कारण उनके खेल पर प्रभाव पड़ा और फिर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर खेलना बंद कर
दिया।
6. इसके बाद गोपीचंद
ने अपनी अकैडमी खोली और कोच के तौर पर खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देने का फैसला किया।
7. गोपीचंद को अपनी
अकैडमी शुरू करने के लिए अपने घर तक को गिरवी रखना पड़ा था। हालांकि आंध्रप्रदेश
सरकार ने गोपीचंद को अकैडमी बनाने के लिए जमीन दी थी लेकिन प्रॉजेक्ट को पूरा करने
के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपने सपने को पूरा
करने के लिए अपना घर गिरवी रख दिया।
8. गोपीचंद को साल
2005 में पद्म श्री और 2014 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। इसके अलावा
उन्हें द्रोणाचार्य पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है।
9. सिर्फ साइना
नेहवाल और पीवी सिंधू ही नहीं बल्कि श्रीकांत किदांबी, पी कश्यप, गुरुसाई दत्त, तरुण
कोना जैसे खिलाड़ी भी गोपीचंद के शिष्य रहे हैं।
10. गोपीचंद ने 5 जून
2002 को अपनी साथी ओलिंपियन बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी लक्ष्मी से शादी की थी।
नई दिल्ली : भारतीय
बैडमिंटन टीम के मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद ने कहा है कि उन्हें इस बात पर गर्व है
कि उनके मार्गदर्शन में देश को लगातार ओलंपिक खेलों में दो पदक हासिल हुए हैं। लंदन
ओलम्पिक 2012 में सानिया नेहवाल ने गोपीचंद के नेतृत्व में ही कांस्य पदक जीता था।
इस बार रियो ओलम्पिक में भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पी.वी. सिंधू ने रजत पदक जीता है।
आपको बता दे कि भारतीय बैडमिंटन टीम के मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद ने अपना घर गिरवी
रखकर एकेडमी खोली थी।
जानिए
उनके बारे में 10 खास बातें...
1. पुलेला गोपीचंद का
जन्म 16 नवम्बर 1973 को आंध्र प्रदेश के प्रकाशम जिले के नगन्दला में हुआ था।
2. 10 साल की उम्र से
बैडमिंटन खेलने की शुरुआत करने वाले गोपीचंद भारत के नामचीन बैडमिंटन खिलाड़ी रहे
हैं।
3. गोपीचंद 2001 में
चीन के चेन होंग को फाइनल में 15-12,15-6 से हराकर ऑल इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन
चैंपियनशिप में जीत हासिल करके एक नया इतिहास रचा था।
4. लंदन में ऑल
इंग्लैंड ओपन बैडमिंटन चैम्पियनशिप जीतकर इतिहास रच दिया था। इससे पहले यह कारनामा
सिर्फ स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी प्रकाश पादुकोण (1980) ही कर पाए थे।
5. गोपीचंद को 2001
में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। उसके बाद चोटों के
कारण उनके खेल पर प्रभाव पड़ा और फिर उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर खेलना बंद कर
दिया।
6. इसके बाद गोपीचंद
ने अपनी अकैडमी खोली और कोच के तौर पर खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देने का फैसला किया।
7. गोपीचंद को अपनी
अकैडमी शुरू करने के लिए अपने घर तक को गिरवी रखना पड़ा था। हालांकि आंध्रप्रदेश
सरकार ने गोपीचंद को अकैडमी बनाने के लिए जमीन दी थी लेकिन प्रॉजेक्ट को पूरा करने
के लिए उनके पास पैसे नहीं थे। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपने सपने को पूरा
करने के लिए अपना घर गिरवी रख दिया।
8. गोपीचंद को साल
2005 में पद्म श्री और 2014 में पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। इसके अलावा
उन्हें द्रोणाचार्य पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है।
9. सिर्फ साइना
नेहवाल और पीवी सिंधू ही नहीं बल्कि श्रीकांत किदांबी, पी कश्यप, गुरुसाई दत्त, तरुण
कोना जैसे खिलाड़ी भी गोपीचंद के शिष्य रहे हैं।
10. गोपीचंद ने 5 जून
2002 को अपनी साथी ओलिंपियन बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी लक्ष्मी से शादी की थी।
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