नई दिल्ली : सार्क
देशों के गृह मंत्रियों के सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह
बिना लंच वापस नई दिल्ली लौट आए हैं।
दिल्ली पहुंचने के
बाद पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सार्क में भारत के मुद्दे को
बेहद जोरदार तरीके से उठाया गया। राजनाथ सिंह ने कहा कि वह इस बारे में संसद में
बयान देंगे। गृहमंत्री ने पाकिस्तान से वापस लौटने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र
मोदी से मिलकर वहां के बारे में सारी बातें बताई।
इस्लामाबाद में
सम्मेलन को संबोधित करते हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को खरी-खरी
सुनायी। उन्होंने कहा, 'न केवल आतंकियों के खिलाफ
कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए बल्कि उन संस्थाओं, व्यक्तियों और
राष्ट्रों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए जो आतंकवाद का समर्थन करते हैं।'
उन्होंने कहा कि
आतंकवाद अच्छा या बुरा नही होता है। आतंकवाद सिर्फ आतंकवाद होता है। पाकिस्तान पर
निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आतंकियों का गुणगान शहीदों की तरह नहीं होना
चाहिए। गृहमंत्री ने कहा कि आतंकवाद की निंदा करना ही पर्याप्त नहीं है। राजनाथ
सिंह के भाषण को कवर करने के लिए किसी भी मीडिया हाउस को अनुमति नहीं दी गई।
इससे पहले पाक पीएम
नवाज शरीफ ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अपनी प्रतिबद्धता जताई। लेकिन कश्मीर का
नारा बुलंद करने वाले अपने बयान पर खामोश रहे। जानकारों का कहना है कि भारत के
दबाव का साफ असर उनके संबोधन पर दिखायी दे रहा था।
पीएम नवाज शरीफ ने
कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद के खात्मे के लिए प्रतिबद्ध है। आतंकवाद के सफाए के लिए
पाकिस्तान जर्ब-ए-अज्ब चला रहा है, और इसे हम
आगे भी जारी रखेंगे।
उन्होंने कहा कि
पाकिस्तान की जमीन का इस्तेमाल सिर्फ अच्छे कामों के लिए ही किया जा सकता है। आतंक
के खिलाफ लड़ाई में राष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को अहम कामयाबी मिली है। सार्क
अपने मकसद को पूरा करने में कामयाब रहा है। सार्क देशों के सामने बहुत सी चुनौतियां
हैं।
लेकिन इन सबके बीच ये
संगठन अपने उद्देश्यों को पूरा कर रहा है। क्षेत्रीय सहयोग के लिए हमें अभी भी
बहुत कुछ करने की जरूरत है। इसमें शक नहीं है कि सार्क के अंदर कुछ देशों में
मतभेद है। लेकिन हमें अंतरविरोधों के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
नई दिल्ली : सार्क
देशों के गृह मंत्रियों के सम्मेलन में हिस्सा लेने के बाद गृहमंत्री राजनाथ सिंह
बिना लंच वापस नई दिल्ली लौट आए हैं।
दिल्ली पहुंचने के
बाद पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि सार्क में भारत के मुद्दे को
बेहद जोरदार तरीके से उठाया गया। राजनाथ सिंह ने कहा कि वह इस बारे में संसद में
बयान देंगे। गृहमंत्री ने पाकिस्तान से वापस लौटने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र
मोदी से मिलकर वहां के बारे में सारी बातें बताई।
इस्लामाबाद में
सम्मेलन को संबोधित करते हुए गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को खरी-खरी
सुनायी। उन्होंने कहा, 'न केवल आतंकियों के खिलाफ
कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए बल्कि उन संस्थाओं, व्यक्तियों और
राष्ट्रों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए जो आतंकवाद का समर्थन करते हैं।'
उन्होंने कहा कि
आतंकवाद अच्छा या बुरा नही होता है। आतंकवाद सिर्फ आतंकवाद होता है। पाकिस्तान पर
निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि आतंकियों का गुणगान शहीदों की तरह नहीं होना
चाहिए। गृहमंत्री ने कहा कि आतंकवाद की निंदा करना ही पर्याप्त नहीं है। राजनाथ
सिंह के भाषण को कवर करने के लिए किसी भी मीडिया हाउस को अनुमति नहीं दी गई।
इससे पहले पाक पीएम
नवाज शरीफ ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अपनी प्रतिबद्धता जताई। लेकिन कश्मीर का
नारा बुलंद करने वाले अपने बयान पर खामोश रहे। जानकारों का कहना है कि भारत के
दबाव का साफ असर उनके संबोधन पर दिखायी दे रहा था।
पीएम नवाज शरीफ ने
कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद के खात्मे के लिए प्रतिबद्ध है। आतंकवाद के सफाए के लिए
पाकिस्तान जर्ब-ए-अज्ब चला रहा है, और इसे हम
आगे भी जारी रखेंगे।
उन्होंने कहा कि
पाकिस्तान की जमीन का इस्तेमाल सिर्फ अच्छे कामों के लिए ही किया जा सकता है। आतंक
के खिलाफ लड़ाई में राष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान को अहम कामयाबी मिली है। सार्क
अपने मकसद को पूरा करने में कामयाब रहा है। सार्क देशों के सामने बहुत सी चुनौतियां
हैं।
लेकिन इन सबके बीच ये
संगठन अपने उद्देश्यों को पूरा कर रहा है। क्षेत्रीय सहयोग के लिए हमें अभी भी
बहुत कुछ करने की जरूरत है। इसमें शक नहीं है कि सार्क के अंदर कुछ देशों में
मतभेद है। लेकिन हमें अंतरविरोधों के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
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