नई दिल्ली : सेलम से
चेन्नई जा रही ट्रेन में फिल्मी स्टाइल में 5.78 करोड़ की डकैती का मामला सामने आया
है। ये डकैती चलती ट्रेन में कोच की छत को काटकर की गई। कोच में 225 बॉक्स में
आरबीआई के करीब 342 करोड़ रुपए के कटे-फटे नोट थे। इसे डिपोजिट करने के लिए चेन्नई
लाया जा रहा था।
आपको बता दें इस
हाई-कैपिसिटी पार्सल कोच की सिक्युरिटी में करीब 18 अफसर और जवान तैनात थे। उसके
बाद भी लूट हो गई। यह पैसा कई प्राइवेट बैंकों का था। इसे 11064 सेलम-चेन्नई
इग्मोर एक्सप्रेस से चेन्नई लाया जा रहा था।
ट्रेन सेलम से सोमवार
रात को 9 बजे चली और मंगलवार की शाम को चेन्नई पहुंची थी। डकेतों ने ट्रेन की छत
को गैस कटर से दो स्क्वेयर फीट तक काटा। इतना बड़ा छेद किया गया कि एक शख्स आराम से
अंदर से बाहर या बाहर से अंदर आ-जा सकता है।
सबसे बड़ी बात यह है
कि पुलिस को इस लूट के बारे में तब पता चला, जब आरबीआई
ऑफिशियल ने इस कोच को खोला। पुलिस को शक है कि यह चोरी सेलम और विरधाचलम के बीच
हुई। यह दूरी करीब 138 किमी की है। बता दें कि इस रूट की लाइन इलेक्ट्रिफाइड नहीं
है।
पुलिस के अनुसार, ट्रेन की छत पर जहां छेद किया गया, वहां इलेक्ट्रिक
केबल होते हैं। ऐसे में, चोरी करना संभव नहीं है। सेलम और
विरधाचलम के बीच में ही बदमाशों ने लूट को अंजाम दिया। जीआरपी पुलिस के मुताबिक,
225 में से चार बॉक्स टूटे मिले। इनमें से एक से पूरा पैसा गायब था।
"दूसरा बॉक्स आधा खाली था। जबकि तीसरे और चौथे बॉक्स का पैसा बिखरा हुआ था।
लेकिन गायब नहीं था।
पुलिस के मुताबिक, इस बॉक्स को इसलिए छोड़ा गया कि इसमें कम पैसा था। फोरेंसिक स्टॉफ ट्रेन के
साथ रेलवे ट्रैक की जांच में जुटा है, ताकि कोई क्लू मिल
सके।
आपको बता दे कि जब भी
आरबीआई के लिए या आरबीआई से पैसा भेजा जाता है, तब पैसे की
सिक्युरिटी की जिम्मेदारी असिस्टेंट कमिश्नर की होती है। सेलम और चेन्नई के बीच के
सभी स्टेशनों को अलर्ट कर दिया गया है। मौजूद रिकॉर्ड के मुताबिक, ट्रांसपोर्टेशन के दौरान करीब 15 आरपीएफ जवान इस पैसे की सिक्युरिटी में
थे। लेकिन कोई भी हाई-कैपिसिटी पार्सल कोच के अंदर नहीं था।
नई दिल्ली : सेलम से
चेन्नई जा रही ट्रेन में फिल्मी स्टाइल में 5.78 करोड़ की डकैती का मामला सामने आया
है। ये डकैती चलती ट्रेन में कोच की छत को काटकर की गई। कोच में 225 बॉक्स में
आरबीआई के करीब 342 करोड़ रुपए के कटे-फटे नोट थे। इसे डिपोजिट करने के लिए चेन्नई
लाया जा रहा था।
आपको बता दें इस
हाई-कैपिसिटी पार्सल कोच की सिक्युरिटी में करीब 18 अफसर और जवान तैनात थे। उसके
बाद भी लूट हो गई। यह पैसा कई प्राइवेट बैंकों का था। इसे 11064 सेलम-चेन्नई
इग्मोर एक्सप्रेस से चेन्नई लाया जा रहा था।
ट्रेन सेलम से सोमवार
रात को 9 बजे चली और मंगलवार की शाम को चेन्नई पहुंची थी। डकेतों ने ट्रेन की छत
को गैस कटर से दो स्क्वेयर फीट तक काटा। इतना बड़ा छेद किया गया कि एक शख्स आराम से
अंदर से बाहर या बाहर से अंदर आ-जा सकता है।
सबसे बड़ी बात यह है
कि पुलिस को इस लूट के बारे में तब पता चला, जब आरबीआई
ऑफिशियल ने इस कोच को खोला। पुलिस को शक है कि यह चोरी सेलम और विरधाचलम के बीच
हुई। यह दूरी करीब 138 किमी की है। बता दें कि इस रूट की लाइन इलेक्ट्रिफाइड नहीं
है।
पुलिस के अनुसार, ट्रेन की छत पर जहां छेद किया गया, वहां इलेक्ट्रिक
केबल होते हैं। ऐसे में, चोरी करना संभव नहीं है। सेलम और
विरधाचलम के बीच में ही बदमाशों ने लूट को अंजाम दिया। जीआरपी पुलिस के मुताबिक,
225 में से चार बॉक्स टूटे मिले। इनमें से एक से पूरा पैसा गायब था।
"दूसरा बॉक्स आधा खाली था। जबकि तीसरे और चौथे बॉक्स का पैसा बिखरा हुआ था।
लेकिन गायब नहीं था।
पुलिस के मुताबिक, इस बॉक्स को इसलिए छोड़ा गया कि इसमें कम पैसा था। फोरेंसिक स्टॉफ ट्रेन के
साथ रेलवे ट्रैक की जांच में जुटा है, ताकि कोई क्लू मिल
सके।
आपको बता दे कि जब भी
आरबीआई के लिए या आरबीआई से पैसा भेजा जाता है, तब पैसे की
सिक्युरिटी की जिम्मेदारी असिस्टेंट कमिश्नर की होती है। सेलम और चेन्नई के बीच के
सभी स्टेशनों को अलर्ट कर दिया गया है। मौजूद रिकॉर्ड के मुताबिक, ट्रांसपोर्टेशन के दौरान करीब 15 आरपीएफ जवान इस पैसे की सिक्युरिटी में
थे। लेकिन कोई भी हाई-कैपिसिटी पार्सल कोच के अंदर नहीं था।
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