नई दिल्ली : नवाज
शरीफ ने एक बार फिर कश्मीर मुद्दे पर जहर उगला है। शरीफ ने एक बयान में कहा है कि
कश्मीर के लोगों के हक की आवाज उठाना उनका फर्ज है। इतना ही नहीं, शरीफ ने भारत पर कश्मीरियों के खिलाफ ज्यादती करने का आरोप लगाते हुए यूएन
को लेटर लिखकर शिकायत भी की है।
नवाज ने कहा कि वो
कश्मीरियों की आवाज दुनिया तक पहुंचाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे। यह बयान
ऐसे वक्त आया है जब मंगलवार को ही नरेंद्र मोदी ने कश्मीर में शांति की अपील करते
हुए कहा था कि जिन बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए, उनके हाथों में पत्थर दिख रहे हैं।
नवाज ने यूएन
सेक्रेटरी जनरल बान की मून और ह्यूमन राइट्स कमिश्नर जैद अल-हुसैन को एक लेटर भी
लिखा है। इसमें कहा गया है कि कश्मीर के लोगों के खिलाफ ह्यूमन राइट्स वॉयलेशन हो
रहा है और इसे फौरन रोका जाना चाहिए। उन्होंने वहां यूएन के दखल की भी मांग की है।
नवाज ने यूएन जनरल
असेंबली की मीटिंग की तैयारी के सिलसिले में अपने टॉप एडवाइजर्स से मुलाकात की।
इसमें उनके फॉरेन अफेयर्स एडवाइजर सरताज अजीज, फॉरेन
सेक्रेटरी एजाज अहमद चौधरी, यूएन में पाकिस्तान की
रिप्रजेंटटेटिव मलीहा लोधी और यूएस में पाकिस्तानी एंबेसडर जलील अब्बास जिलानी
शामिल थे।
नवाज की मीटिंग में
कहा गया कि कश्मीर यूएन का भी अधूरा एजेंडा है और भारत को यह मान लेना चाहिए कि ये
उसका इंटरनल मैटर नहीं बल्कि इंटरनेशनल मैटर है।
नवाज ने खुद कहा कि
कश्मीर में जनमत संग्रह की मांग ठुकराना यूएन की नाकामी है। पाकिस्तान की फॉरेन
मिनिस्ट्री ने यूएन को लिखे लेटर की जानकारी दी। लेटर में कहा गया है कि एक महीने
के अंदर कश्मीर में 50 लोग मारे गए। 3500 घायल हुए, इसमें
से 400 की हालत गंभीर है।
नई दिल्ली : नवाज
शरीफ ने एक बार फिर कश्मीर मुद्दे पर जहर उगला है। शरीफ ने एक बयान में कहा है कि
कश्मीर के लोगों के हक की आवाज उठाना उनका फर्ज है। इतना ही नहीं, शरीफ ने भारत पर कश्मीरियों के खिलाफ ज्यादती करने का आरोप लगाते हुए यूएन
को लेटर लिखकर शिकायत भी की है।
नवाज ने कहा कि वो
कश्मीरियों की आवाज दुनिया तक पहुंचाने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ेंगे। यह बयान
ऐसे वक्त आया है जब मंगलवार को ही नरेंद्र मोदी ने कश्मीर में शांति की अपील करते
हुए कहा था कि जिन बच्चों के हाथों में किताबें होनी चाहिए, उनके हाथों में पत्थर दिख रहे हैं।
नवाज ने यूएन
सेक्रेटरी जनरल बान की मून और ह्यूमन राइट्स कमिश्नर जैद अल-हुसैन को एक लेटर भी
लिखा है। इसमें कहा गया है कि कश्मीर के लोगों के खिलाफ ह्यूमन राइट्स वॉयलेशन हो
रहा है और इसे फौरन रोका जाना चाहिए। उन्होंने वहां यूएन के दखल की भी मांग की है।
नवाज ने यूएन जनरल
असेंबली की मीटिंग की तैयारी के सिलसिले में अपने टॉप एडवाइजर्स से मुलाकात की।
इसमें उनके फॉरेन अफेयर्स एडवाइजर सरताज अजीज, फॉरेन
सेक्रेटरी एजाज अहमद चौधरी, यूएन में पाकिस्तान की
रिप्रजेंटटेटिव मलीहा लोधी और यूएस में पाकिस्तानी एंबेसडर जलील अब्बास जिलानी
शामिल थे।
नवाज की मीटिंग में
कहा गया कि कश्मीर यूएन का भी अधूरा एजेंडा है और भारत को यह मान लेना चाहिए कि ये
उसका इंटरनल मैटर नहीं बल्कि इंटरनेशनल मैटर है।
नवाज ने खुद कहा कि
कश्मीर में जनमत संग्रह की मांग ठुकराना यूएन की नाकामी है। पाकिस्तान की फॉरेन
मिनिस्ट्री ने यूएन को लिखे लेटर की जानकारी दी। लेटर में कहा गया है कि एक महीने
के अंदर कश्मीर में 50 लोग मारे गए। 3500 घायल हुए, इसमें
से 400 की हालत गंभीर है।
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