नई दिल्ली : राष्ट्रीय
स्तर की एक महिला हैंडबॉल खिलाड़ी ने शनिवार को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस
के मुताबिक खालसा कालेज के अधिकारियों की ओर से नि:शुल्क छात्रावास सुविधा देने से
इनकार करने पर उसने आत्महत्या की है।
आपको बता दे कि प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी के नाम पर लिखे पत्र में पूजा ने अफसोस जताया कि वह गरीब है और
छात्रावास के शुल्क का भुगतान नहीं कर सकती इसलिए वह मौत को गले लगा रही है।
पटियाला के खालसा कॉलेज की इस छात्रा ने पत्र में प्रधानमंत्री से अपील की वह यह
सुनिश्चित करें कि उसके जैसी गरीब लड़कियों को पढ़ाई की सुविधा नि:शुल्क मिले।
पूजा के परिजनों ने
बताया कि पूजा को पिछले साल कॉलेज में नि:शुल्क दाखिला दिया गया था जिसमें हॉस्टल
सुविधा और भोजन शामिल था लेकिन इस वर्ष उसे हॉस्टल में रहने की अनुमति देने से
इनकार कर दिया गया। बता दे कि कॉलेज तक जाने का प्रतिदिन का खर्चा 120 रुपए था।
पूजा के पिता सब्जी
बेचने का काम करते हैं। पूजा ने वित्तीय हालत अच्छी न होने के कारण कथित तौर पर
कॉलेज छोड़ने पर विचार कर रही थी।पूजा के परिजनों ने पुलिस को चार पेज के सुसाइड
नोट सौंपा है जिसमें पूजा ने अपनी मौत के लिए अपने कोच को जिम्मेदार ठहराया है।
पूजा ने सुसाइड नोट
में लिखा है, "उसी ने मुझे हॉस्टल का कमरा देने से
इनकार किया और कहा कि वह हर दिन अपने घर से यहां आए जाए। हालांकि इससे मुझे हर
महीने 3,720 रुपए खर्च करने होंगे जो मेरे पिता वहन नहीं कर सकते।"
पूजा के पिता की
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। हालांकि खालसा कालेज प्रबंधन
ने कहा है कि पूजा को नि:शुल्क दाखिला
दिया गया था लेकिन उसके खराब प्रदर्शन के चलते नि:शुल्क सुविधा को आगे नहीं बढ़ाया
गया था।
नई दिल्ली : राष्ट्रीय
स्तर की एक महिला हैंडबॉल खिलाड़ी ने शनिवार को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। पुलिस
के मुताबिक खालसा कालेज के अधिकारियों की ओर से नि:शुल्क छात्रावास सुविधा देने से
इनकार करने पर उसने आत्महत्या की है।
आपको बता दे कि प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी के नाम पर लिखे पत्र में पूजा ने अफसोस जताया कि वह गरीब है और
छात्रावास के शुल्क का भुगतान नहीं कर सकती इसलिए वह मौत को गले लगा रही है।
पटियाला के खालसा कॉलेज की इस छात्रा ने पत्र में प्रधानमंत्री से अपील की वह यह
सुनिश्चित करें कि उसके जैसी गरीब लड़कियों को पढ़ाई की सुविधा नि:शुल्क मिले।
पूजा के परिजनों ने
बताया कि पूजा को पिछले साल कॉलेज में नि:शुल्क दाखिला दिया गया था जिसमें हॉस्टल
सुविधा और भोजन शामिल था लेकिन इस वर्ष उसे हॉस्टल में रहने की अनुमति देने से
इनकार कर दिया गया। बता दे कि कॉलेज तक जाने का प्रतिदिन का खर्चा 120 रुपए था।
पूजा के पिता सब्जी
बेचने का काम करते हैं। पूजा ने वित्तीय हालत अच्छी न होने के कारण कथित तौर पर
कॉलेज छोड़ने पर विचार कर रही थी।पूजा के परिजनों ने पुलिस को चार पेज के सुसाइड
नोट सौंपा है जिसमें पूजा ने अपनी मौत के लिए अपने कोच को जिम्मेदार ठहराया है।
पूजा ने सुसाइड नोट
में लिखा है, "उसी ने मुझे हॉस्टल का कमरा देने से
इनकार किया और कहा कि वह हर दिन अपने घर से यहां आए जाए। हालांकि इससे मुझे हर
महीने 3,720 रुपए खर्च करने होंगे जो मेरे पिता वहन नहीं कर सकते।"
पूजा के पिता की
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया है। हालांकि खालसा कालेज प्रबंधन
ने कहा है कि पूजा को नि:शुल्क दाखिला
दिया गया था लेकिन उसके खराब प्रदर्शन के चलते नि:शुल्क सुविधा को आगे नहीं बढ़ाया
गया था।
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