नई दिल्ली : द्वारकाशारदा
पीठ के प्रमुख शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि गाय न केवल हिंदुओं
की बल्कि मुस्लिमों की भी मां है, क्योंकि इसका दूध एक
धर्म को मानने वाले लोगों के समान ही दूसरे धर्म को मानने वालों के लिए भी उतना ही
लाभदायक है।
आपको बता दे कि एक
बयान में स्वामी स्वरूपानंद ने कहा कि हिंदुओं को भी गाय के दूध से उतना ही
प्रोटीन मिलता है जितना मुस्लिमों को। इसलिए यह कहना एकदम सही है कि गाय न केवल
हिंदुओं की बल्कि मुस्लिमों की भी मां है।
उन्होंने कहा कि कोई
किसी भी धर्म से जुड़ा हो, लेकिन गाय को बचाना भारतीयों
के हित में है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के प्रावधानों के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में गौवध के खिलाफ कानून बनाए गए हैं और इसमें कुछ
गलत नहीं है।
उन्होंने कहा कि गौवध
के खिलाफ कानूनों को समय-समय पर उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी गई, लेकिन ऐसी अपीलों को हमेशा खारिज कर दिया गया। स्वरूपानंद ने कहा कि गौवध
के खिलाफ कानून बनाने के साथ ही इसके मांस की बिक्री पर भी प्रतिबंध होना चाहिए।
नई दिल्ली : द्वारकाशारदा
पीठ के प्रमुख शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने कहा कि गाय न केवल हिंदुओं
की बल्कि मुस्लिमों की भी मां है, क्योंकि इसका दूध एक
धर्म को मानने वाले लोगों के समान ही दूसरे धर्म को मानने वालों के लिए भी उतना ही
लाभदायक है।
आपको बता दे कि एक
बयान में स्वामी स्वरूपानंद ने कहा कि हिंदुओं को भी गाय के दूध से उतना ही
प्रोटीन मिलता है जितना मुस्लिमों को। इसलिए यह कहना एकदम सही है कि गाय न केवल
हिंदुओं की बल्कि मुस्लिमों की भी मां है।
उन्होंने कहा कि कोई
किसी भी धर्म से जुड़ा हो, लेकिन गाय को बचाना भारतीयों
के हित में है। उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के प्रावधानों के अनुसार, देश के विभिन्न हिस्सों में गौवध के खिलाफ कानून बनाए गए हैं और इसमें कुछ
गलत नहीं है।
उन्होंने कहा कि गौवध
के खिलाफ कानूनों को समय-समय पर उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी गई, लेकिन ऐसी अपीलों को हमेशा खारिज कर दिया गया। स्वरूपानंद ने कहा कि गौवध
के खिलाफ कानून बनाने के साथ ही इसके मांस की बिक्री पर भी प्रतिबंध होना चाहिए।
place ad code

0 comments :