नई दिल्ली : घर से अगवा होने के बाद सालों तक आईएस
की घोर यातनाएं सहने को मजबूर हुईं नादिया मुराद ने जो दर्द बयान किया है वह रूह
कंपाने वाला है। नादिया मुराद की यह कहानी आपको हिलाकर रख देगी। कुख्यात आतंकी
संगठन आईएस की सेक्स स्लेव रहीं नादिया मुराद ने संयुक्त राष्ट्र की सद्भावना दूत
बनने के बाद पहली बार अपना दर्द बयान किया है।
आपको बता दे कि आईएसआईएस की सेक्स स्लेव रहते हुए
उनकी प्रताड़ना का शिकार हुई और उनके चंगुल से निकली नादिया मुराद को ह्यूमन
ट्रैफिकिंग के लिए यूनाइटेड नेशंस की गुडविल एंबेसडर चुना गया है। यूएन द्वारा की
गई औपचारिक घोषणा में कहा गया, "एंबेसडर रहने के दौरान नादिया एड्वोकेसी से
जुड़ी पहल और ट्रैफिकिंग से जुड़ी समस्याओं पर जागरुकता फैलाने का काम करेंगी।"
आपको बता दे कि नादिया मुराद का अभी जर्मनी के एक
शरणार्थी कैंप में उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने अपने साथ हुए घोर अत्याचार का
दर्द बयान करते हुए कहा है कि सेक्स स्लेव रहने के दौरान उनका कितनी बार रेप हुआ
इसकी गिनती करना संभव नहीं है।
वह जिस हालत में वक्त गुजार चुकीं हैं उसकी कल्पना
करना भी मुश्किल है। उनका जब बार-बार रेप होता तो खुद को दुनिया से अलग मानती और
इस अत्याचार के सामने हार मान ली थी।
अपने साथ हुए अत्याचार को याद करते हुए नादिया
मुराद ने बताया कि जब उन्हें अगवा किया गया था तब वह महज आठ साल की थीं। इस दौरान
ब्रिटेन सरकार ने इराक के खिलाफ युद्ध छेड़ा हुआ था। इस युद्ध से इराक का शासन
लड़खड़ा गया और परिणाम स्वरूप आतंकी संगठन आईएस का उदय हुआ।
आईएस के उसे अगवा करने के 13 साल बाद उसके परिवार
को ऐसे मौत के घाट उतार दिया जैसे कोई कसाई जानवरों को काटता है। नादिया के अनुसार, जब से
उन्हें अगवा किया गया तब से उनका रेप किया जा रहा था।
ब्रिटेन की ओर से इरान में किए जा रहे हमलों की
पूरी दुनिया में निंदा हुई जिसके बाद ब्रिटेन ने अपने पांव वापस खींचे। इस पर उस
वक्त के ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा कि उन्होंने सिर्फ वही किया
जो उनके देश के लिए उचित था।
लेकिन इस हमले से नादिया को जो यातनाएं सहनी पड़ी, उसे आईएस
ने अगवा किया और अपना सेक्स स्लेव बनाकर जिस तरह से अनगिनत बार रेप किया उसकी
कल्पना नहीं की जा सकती। बता दे कि नादिया की यह कहानी बेहद दर्दनाक है।
नई दिल्ली : घर से अगवा होने के बाद सालों तक आईएस
की घोर यातनाएं सहने को मजबूर हुईं नादिया मुराद ने जो दर्द बयान किया है वह रूह
कंपाने वाला है। नादिया मुराद की यह कहानी आपको हिलाकर रख देगी। कुख्यात आतंकी
संगठन आईएस की सेक्स स्लेव रहीं नादिया मुराद ने संयुक्त राष्ट्र की सद्भावना दूत
बनने के बाद पहली बार अपना दर्द बयान किया है।
आपको बता दे कि आईएसआईएस की सेक्स स्लेव रहते हुए
उनकी प्रताड़ना का शिकार हुई और उनके चंगुल से निकली नादिया मुराद को ह्यूमन
ट्रैफिकिंग के लिए यूनाइटेड नेशंस की गुडविल एंबेसडर चुना गया है। यूएन द्वारा की
गई औपचारिक घोषणा में कहा गया, "एंबेसडर रहने के दौरान नादिया एड्वोकेसी से
जुड़ी पहल और ट्रैफिकिंग से जुड़ी समस्याओं पर जागरुकता फैलाने का काम करेंगी।"
आपको बता दे कि नादिया मुराद का अभी जर्मनी के एक
शरणार्थी कैंप में उनका इलाज चल रहा है। उन्होंने अपने साथ हुए घोर अत्याचार का
दर्द बयान करते हुए कहा है कि सेक्स स्लेव रहने के दौरान उनका कितनी बार रेप हुआ
इसकी गिनती करना संभव नहीं है।
वह जिस हालत में वक्त गुजार चुकीं हैं उसकी कल्पना
करना भी मुश्किल है। उनका जब बार-बार रेप होता तो खुद को दुनिया से अलग मानती और
इस अत्याचार के सामने हार मान ली थी।
अपने साथ हुए अत्याचार को याद करते हुए नादिया
मुराद ने बताया कि जब उन्हें अगवा किया गया था तब वह महज आठ साल की थीं। इस दौरान
ब्रिटेन सरकार ने इराक के खिलाफ युद्ध छेड़ा हुआ था। इस युद्ध से इराक का शासन
लड़खड़ा गया और परिणाम स्वरूप आतंकी संगठन आईएस का उदय हुआ।
आईएस के उसे अगवा करने के 13 साल बाद उसके परिवार
को ऐसे मौत के घाट उतार दिया जैसे कोई कसाई जानवरों को काटता है। नादिया के अनुसार, जब से
उन्हें अगवा किया गया तब से उनका रेप किया जा रहा था।
ब्रिटेन की ओर से इरान में किए जा रहे हमलों की
पूरी दुनिया में निंदा हुई जिसके बाद ब्रिटेन ने अपने पांव वापस खींचे। इस पर उस
वक्त के ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने कहा कि उन्होंने सिर्फ वही किया
जो उनके देश के लिए उचित था।
लेकिन इस हमले से नादिया को जो यातनाएं सहनी पड़ी, उसे आईएस
ने अगवा किया और अपना सेक्स स्लेव बनाकर जिस तरह से अनगिनत बार रेप किया उसकी
कल्पना नहीं की जा सकती। बता दे कि नादिया की यह कहानी बेहद दर्दनाक है।
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