नई दिल्ली : 'स्वच्छ भारत सप्ताह' के तहत शुक्रवार को दिल्ली में
इंडोसैन कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। विज्ञान भवन में आयोजित हो रहे इस
कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता सप्ताह
मनाया जा रहा है। गंदगी किसी को पसंद नहीं होती, लेकिन कोई
इसे दूर करने की हिम्मत नहीं करता। गंदगी के प्रति नफरत का माहौल होना चाहिए। मोदी
ने कहा कि स्वच्छता सिर्फ प्रधानमंत्री का मिशन नहीं है। स्वछता सिर्फ बजट देने से
नहीं आती।
PM मोदी ने कहा कि
स्वच्छता अभियान को लेकर सरकार के साथ-साथ राजनेता और यहां तक कि जनता भी आगे है।
लेकिन अभी भी जागरुकता की जरुरत है। अभी भी खाली पड़े मैदन में कूड़ा फेंकने की
आदत है। शहर के बीचों-बीच कूड़े का ढेर रहता है। अगर मन में ठान ले, तो इस आदत को दूर किया जा सकता है।
पीएम मोदी ने कहा कि जैसे सत्याग्रही देश को गुलामी से
आजाद कराता है, वैसे ही स्वच्छाग्रही देश को गंदगी से
आजाद कराता है। इसलिए देश के नागरिक होने के नाते हम संकल्प लें कि हम हमारे
आस-पास गंदगी नहीं फैलाएंगे। हमें वेस्ट मटेरियल के रीसाइकिलिंग और उसके रीयूज पर
जोर देना चाहिए।
इस कार्यक्रम में
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री स्वच्छता अभियान के
शपथ को दोहराएंगे। इस मौके पर 11 स्वच्छता अवॉर्ड दिए जाएंगे, जिसमें नगर पालिका, स्कूल, पर्यटन
स्थल और एनसीसी शामिल हैं।
'हम सब भारत
के लोग, 2 अक्टूबर 2019 तक भारत को खुले शौच से मुक्ति
दिलाने और स्वच्छ बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं'। इस शपथ को
दोहराया गया। इस मौके पर स्वच्छ भारत मिशन की चुनौतियों और लक्ष्य को लेकर बनी तीन
मिनट की एक डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई जाएगी।
आपको बता दे कि पूरे
दिन चलने वाले इस कार्यक्रम में थीम पर आधारित 6 सेशन होंगे। पहले सत्र की
अध्यक्षता शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू करेंगे, जिसमें
स्वच्छ भारत मिशन को लेकर लोगों में जागरुकता बढ़ाने पर चर्चा होगी। इसी सेशन में
कई सीएम भी हिस्सा ले रहे हैं। इसके अलावा इंटर मिनिस्ट्रियल को-ऑपरेशन पर एक और
सेशन होगा। 2 अक्टूबर को स्वच्छता मिशन का मुख्य कार्यक्रम पोरबंदर में होगा।
नई दिल्ली : 'स्वच्छ भारत सप्ताह' के तहत शुक्रवार को दिल्ली में
इंडोसैन कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया जा रहा है। विज्ञान भवन में आयोजित हो रहे इस
कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि 25 सितंबर से 2 अक्टूबर तक स्वच्छता सप्ताह
मनाया जा रहा है। गंदगी किसी को पसंद नहीं होती, लेकिन कोई
इसे दूर करने की हिम्मत नहीं करता। गंदगी के प्रति नफरत का माहौल होना चाहिए। मोदी
ने कहा कि स्वच्छता सिर्फ प्रधानमंत्री का मिशन नहीं है। स्वछता सिर्फ बजट देने से
नहीं आती।
PM मोदी ने कहा कि
स्वच्छता अभियान को लेकर सरकार के साथ-साथ राजनेता और यहां तक कि जनता भी आगे है।
लेकिन अभी भी जागरुकता की जरुरत है। अभी भी खाली पड़े मैदन में कूड़ा फेंकने की
आदत है। शहर के बीचों-बीच कूड़े का ढेर रहता है। अगर मन में ठान ले, तो इस आदत को दूर किया जा सकता है।
पीएम मोदी ने कहा कि जैसे सत्याग्रही देश को गुलामी से
आजाद कराता है, वैसे ही स्वच्छाग्रही देश को गंदगी से
आजाद कराता है। इसलिए देश के नागरिक होने के नाते हम संकल्प लें कि हम हमारे
आस-पास गंदगी नहीं फैलाएंगे। हमें वेस्ट मटेरियल के रीसाइकिलिंग और उसके रीयूज पर
जोर देना चाहिए।
इस कार्यक्रम में
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री स्वच्छता अभियान के
शपथ को दोहराएंगे। इस मौके पर 11 स्वच्छता अवॉर्ड दिए जाएंगे, जिसमें नगर पालिका, स्कूल, पर्यटन
स्थल और एनसीसी शामिल हैं।
'हम सब भारत
के लोग, 2 अक्टूबर 2019 तक भारत को खुले शौच से मुक्ति
दिलाने और स्वच्छ बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं'। इस शपथ को
दोहराया गया। इस मौके पर स्वच्छ भारत मिशन की चुनौतियों और लक्ष्य को लेकर बनी तीन
मिनट की एक डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई जाएगी।
आपको बता दे कि पूरे
दिन चलने वाले इस कार्यक्रम में थीम पर आधारित 6 सेशन होंगे। पहले सत्र की
अध्यक्षता शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू करेंगे, जिसमें
स्वच्छ भारत मिशन को लेकर लोगों में जागरुकता बढ़ाने पर चर्चा होगी। इसी सेशन में
कई सीएम भी हिस्सा ले रहे हैं। इसके अलावा इंटर मिनिस्ट्रियल को-ऑपरेशन पर एक और
सेशन होगा। 2 अक्टूबर को स्वच्छता मिशन का मुख्य कार्यक्रम पोरबंदर में होगा।
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