नई दिल्ली : पाकिस्तान
के लिए दोहरी मुसीबत आ गई है। भारतीय सेना के कमांडो ने पीओके में घुसकर 38 आतंकी
मार गिराए। उसी समय पाकिस्तान की पश्चिमी सीमा पर ईरान ने भी मोर्टार दागे।
आपको बता दे कि ईरान
के बॉर्डर गार्ड्स ने सरहद पार से बलूचिस्तान में तीन मोर्टार दागे। यह घटना
पंजगूर जिले की है जहां फायरिंग के बाद इलाके में दहशत फैल गई। पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' के मुताबिक दो गोले फ्रंटियर कोर के चेकपोस्ट
के पास गिरे जबकि तीसरा किल्ली करीम दाद में गिरा।
मोर्टार हमले में
हालांकि किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन इस घटना से
ईरान-पाकिस्तान की सीमा पर तनाव बढ़ गया है। फ्रंटियर कोर के जवानों ने हालात का
जायजा लिया और घटना के बाद सरहद पर चौकसी बढ़ा दी है।
बता दे कि पाकिस्तान
और ईरान के बीच 900 किलोमीटर की सीमा है। दोनों देश एक दूसरे पर सीमापार से
फायरिंग का आरोप लगाते रहे हैं। सरहदी इलाकों से आतंकियों के सफाये के लिए दोनों
देशों के बीच 2014 में एक समझौता भी हुआ था। जिसके तहत ये खुफिया जानकारी साझा
करते हैं।
नई दिल्ली : पाकिस्तान
के लिए दोहरी मुसीबत आ गई है। भारतीय सेना के कमांडो ने पीओके में घुसकर 38 आतंकी
मार गिराए। उसी समय पाकिस्तान की पश्चिमी सीमा पर ईरान ने भी मोर्टार दागे।
आपको बता दे कि ईरान
के बॉर्डर गार्ड्स ने सरहद पार से बलूचिस्तान में तीन मोर्टार दागे। यह घटना
पंजगूर जिले की है जहां फायरिंग के बाद इलाके में दहशत फैल गई। पाकिस्तानी अखबार 'डॉन' के मुताबिक दो गोले फ्रंटियर कोर के चेकपोस्ट
के पास गिरे जबकि तीसरा किल्ली करीम दाद में गिरा।
मोर्टार हमले में
हालांकि किसी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है। लेकिन इस घटना से
ईरान-पाकिस्तान की सीमा पर तनाव बढ़ गया है। फ्रंटियर कोर के जवानों ने हालात का
जायजा लिया और घटना के बाद सरहद पर चौकसी बढ़ा दी है।
बता दे कि पाकिस्तान
और ईरान के बीच 900 किलोमीटर की सीमा है। दोनों देश एक दूसरे पर सीमापार से
फायरिंग का आरोप लगाते रहे हैं। सरहदी इलाकों से आतंकियों के सफाये के लिए दोनों
देशों के बीच 2014 में एक समझौता भी हुआ था। जिसके तहत ये खुफिया जानकारी साझा
करते हैं।
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